अल जज़ीरा का दावा, इसराइली सैनिकों ने की हमारी संवाददाता की हत्‍या

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कतर के समाचार चैनल अल जज़ीरा ने दावा किया है कि उनकी संवाददाता शिरीन अबू अकले को इसराइली सैनिकों ने मार दिया है.
अकले जेनिन शरणार्थी शिविर के इजरायली सेना की छापेमारी की घटना को कवर कर रही थी.
अलजज़ीरा की वेस्ट बैंक संवाददाता निदा इब्राहिम ने कहा कि शिरीन अबू अकले की मौत की परिस्थितियां स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन घटना का जो वीडियो सामने आया है उसमें अबू अकले को सिर पर गोली मारी गई है.
इब्राहिम ने कहा, “अभी के लिए जो पता है वो ये है कि फ़िलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय ने उसकी मौत की घोषणा की है. शिरीन अबू अकलेह जेनिन में होने वाली घटनाओं को कवर कर रही थीं.खासकर इसराइल के कब्जे वाले वेस्ट बैंक के उत्तर में एक शहर पर एक इजरायली सेना की छापेमारी को कवर करते हुए उन्हें सिर पर गोली लगी.
इसराइल के पीएम का स्पष्टीकरण
इसराइल के प्रधानमंत्री नफ़्टाली बेनेट ने वेस्ट बैंक के उत्तरी हिस्से में हुई सैन्य कार्रवाई में अल जज़ीरा की संवाददाता शिरीन अबू अक़लेह की मौत मामले में अपने पक्ष का बचाव किया है.
पीएम बेनेट ने इस मामले की जाँच के लिए इसराइल और फ़लीस्तीन दोनों की संयुक्त टीमें बनाने की भी पेशकश की है. उन्होंने कहा कि जेनिन शहर में इसराइली सेना की कार्रवाई फ़लीस्तीन के चरमपंथियों की गोलीबारी के जवाब में की गई.
अपना पक्ष रखने के लिए बेनेट ने एक के बाद एक कई ट्वीट किए हैं.
प्रधानमंत्री बेनेट ने लिखा, ‘फ़लीस्तीनी प्रशासन के अध्यक्ष बिना किसी ठोस आधार के इसराइल पर आरोप लगाते रहते हैं. हमारे पास उपलब्ध आँकड़ों के अनुसार, इस बात की पूरी संभावना है कि हथियारबंद फ़लीस्तीनियों की अंधाधुंध गोलीबारी के चलते ही महिला पत्रकार की दुर्भाग्यपूर्ण मौत हुई है.’
उन्होंने एक अन्य ट्वीट में लिखा- पत्रकार की मौत मामले में सच्चाई तक पहुँचने के लिए इसराइल ने फ़लीस्तीन से एक संयुक्त पैथोलॉजिकल एनालिसिस और संयुक्त जाँच की पेशकश की है. लेकिन अभी तक फ़लीस्तीन इससे इनकार कर रहा है. इसराइल चरमपं​थ की लहर को ख़त्म करने और अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए चरमपंथियों के ख़िलाफ़ अभियान चलाता रहेगा.
इसराइली पीएम ने एक और ट्वीट में लिखा, “सुरक्षा बलों को सच्चाई की तह तक जाने के लिए हमें अच्छे से खोजबीन करने की ज़रूरत है, लेकिन फ़लीस्तीनी इसमें अड़ंगा लगा रहे हैं. इसके बिना हम सच्चाई तक नहीं पहुँच सकते. जेनिन की घटना को व्यापक संदर्भ में देखना चाहिए: पिछले दो महीनों से इसराइल में लगातार जानलेवा चरमपंथी हमले हो रहे हैं. फ़लीस्तीनी चरमपंथी इसराइल के लोगों की हत्या के इरादे से काम कर रहे हैं.”
उन्होंने लिखा, “रात में इसराइली सेना ने चरमपंथ की घातक लहर रोकने के इसराइल के प्रयास के तौर पर उत्तरी सामरिया में एक बड़े अभियान की शुरुआत की. ऑपरेशन के दौरान, फ़लीस्तीन के बंदूकधारियों ने ग़लत, बेतरतीब और अंधाधुंध गोलीबारी की.”
उन्होंने बताया, जेनिन में किया गया ऑपरेशन चरमपंथ की लहर रोकने और इसराइली नागरिकों की सुरक्षा बहाल करने के लिए उठाए गए क़दमों का एक हिस्सा है. हम यह लक्ष्य हासिल होने तक ये कार्रवाई जारी रखने को लेकर अडिग हैं. हम इसराइली सैनिकों, जेनरल सिक्योरिटी सर्विसेज़ के लोगों और पुलिस का समर्थन करते हैं, जो हमारी जान बचाने के लिए अपनी जानें जोख़िम में डाल रहे हैं.
एक और ट्वीट में कहा, “हम इसराइली सेना (आईडीएफ़) के लड़ाकों का समर्थन करते हैं. कृपया वीडियो शेयर करें और हम सब मिलकर इसराइल के लिए लड़ें.”
-एजेंसियां

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