मोदी महान” के राज में हो रहा आटोमोबाइल सेक्टर बियाबान !

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    कुछ सालों से कई कम्पनियां समेट रही कारोबार

अमित मौर्या

भले ही हम धार्मिक मामलों में ज्यादा दिलचस्पी और फिक्रमंदी दिखायें। मगर भविष्य को लेकर सचेत हो जायें तो ज्यादा बेहतर होगा। क्योंकि पीएम मोदी के इस दौर में मंदी महंगाई बेरोजगारी का जो दौर चल रहा है वह भविष्य के लिये बेहतर संकेत नही है।
बहरहाल हम बात करेंगे ऑटोमोबाइल सेक्टर की जो बियाबानी की राह पर बढ़ रहा है। जी हां यह बिलकुल सत्य है कि बीते कुछ सालों में कई ऑटोमोबाइल कम्पनियों ने भारत से अपने कारोबार समेट लिये हैं। रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी कार कम्पनी फोर्ड ने तमिलनाडु और गुजरात स्थित दो कम्पनियों से वाहनों को बनाना बन्द करने की घोषणा किया । फोर्ड को भारत में लंबे समय से घाटा हो रहा था।

वहीं हार्ले डेविडसन भी जाने वालों कि लिस्ट में है। 2011 में हरियाणा में अपना सयंत्र स्थापित किया था।

उसी कड़ी में मशहूर कार कम्पनी फिएट ने भी अपने कारोबार को समेट लिया।क्योंकि समय के साथ यह भी घाटे में जाने लगी थी। यह वर्ष 2019 में उत्पादन बन्द कर दी।

टवेरा,ओपल आस्ट्रा,शेवरले बीट बनाने वाली जनरल मोटर्स ने भी प्रतिस्पर्धी घाटे को देखते हुये 2017 में उत्पादन बंद कर दिया।

यह मात्र दो तीन कम्पनियां ही नही है बल्कि भारत छोड़ने वाले ऑटोमोबाइल कम्पनियों की लिस्ट में और भी कई नाम है।आज नौकरियों का क्या हाल है किसी से छुपी नही है। इस दौरे में अगर कोई कम्पनी बंद होती है तो अपने पीछे हजारों लोगों को बेरोजगार कर जाती है। मगर हम रोजगार धंधे की बजाय उन मुद्दों पर ज्यादा समय देते हैं। जो फिलवक्त गैरजरूरी है।
अगर इसी तरह कम्पनियाँ कारोबार समेटती रहीं तो रोजगार के अवसर सीमित बहुत सीमित होते जायेंगे।फिर युवा क्या करेंगे कहाँ से कमाएंगे यह सोच का विषय है।

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