अशोका इंस्टीट्यूट की छात्राओं ने बनाया कमाल का मॉडल, सीवर लाइन जाम होते ही जलकल महकमे को अलर्ट करेगा मैनहोल मानिटरिंग सिस्टम

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वाराणसी। कहते हैं, ‘जहां चाह है-वहां राह है’। इस कहावत को चरितार्थ किया है पहिड़या स्थित अशोका इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी एंड मैनेजमेंट की चार छात्राओं ने। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ काशी-सुंदर काशी और स्वच्छ भारत की मुहिम से इंस्पायर होकर छात्राओं ने ‘मानिटरिंग एंड डिटेक्शन आफ मैनहोल यूजिंग आईओटी’ नामक एक ऐसा सिस्टम यूनिट तैयार किया है जो सीवर जाम और ओवर फ्लो की समस्या का निदान करेगा। सीवर ओवर फ्लो होते ही मैनहोल मानिटरिंग सिस्टम स्वतः जलकल महकमे के अफसरों को मोबाइल पर फोन करेगा। साथ ही मैसेज भी भेजेगा। यह भी बताएगा कि किस इलाके में और कौन सा सीवर जाम है अथवा ओवर फ्लो कर रहा है। सीवर जाम की समस्या का निराकरण जब तक नहीं होगा, तब तक अफसरों के मोबाइल पर फोन और मैसेज का अलर्ट जाता रहेगा.

मानिटरिंग एंड डिटेक्शन आफ मैनहोल यूजिंग आईओटी’ तैयार किया है श्रेया सोनी और रिया वर्मा, निधि श्रीवास्तव और अमृषा षांडिल्य ने। मैनहोल मानिटरिंग सिस्टम के जरिए बनारस के ज्यादा स्मार्ट बनाया जा सकेगा। साथ ही उन दुश्वारियों से बनारसियों को निजात मिल जाएगी जिससे उनका सालों-साल से साबका पड़ता आ रहा है। दरअसल, एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय और भारतीय प्रोद्यौगिकी संस्थान रुढ़की की पहल पर अशोका इंस्टीट्यूट की छात्राओं ने मैनहोल मानिटरिंग सिस्टम तैयार किया है।

इंस्टीट्यूट में आयोजित टेक वेगैंजा-2022 में यह माडल अव्वल रहा। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए ये छात्राएं लखनऊ गई हैं।

अशोका इंस्टीट्यूट की छात्रा रिया वर्मा कहती हैं कि पीएम नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत के सपनों को कामयाब बनाने के लिए हमने मैनहोल मानिटरिंग सिस्टम तैयार किया है। बनारस में इस सिस्टम की जरूरत सबसे ज्यादा महसूस की जा रही थी। छात्राओं ने जो मैनहोल मानिटरिंग सिस्टम तैयार किया है उसका वार्ड में एक मानिटरिंग सेंटर होगा, जहां मेनहोल का ब्योरा दर्ज होगा। साथ ही मेनहोल जाम होने का अलार्म भी बजाएगा। यह अलार्म तब तक बजता रहेगा, जब तक मेनहोल अच्छी तरह साफ नहीं हो जाएगा। सीवर जाम होने पर साहब से लेकर सूबे तक को पता होगा कि बनारस में कहां, किस इलाके का और कौन सा सीवर जाम है?

मैनहोल मानिटरिंग सिस्टम तैयार करने वाली ग्रुप की लीडर श्रेया सोनी इस बात से काफी आशान्वित हैं कि उनका माडल बनारस को स्मार्ट बनाने में मील का पत्थर साबित होगा। इस माडल को अभी अपग्रेड किया जा रहा है। आने वाले दिनों में इसी सिस्टम के जरिए मल-जल और कचरे को अलग किया जा सकेगा। सीवर में पालिथीन फंसने पर भी यह सिस्टम जानकारी देगा। सफाई के लिए  किसी इंसान को सीवर के अंदर जाने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी.

अशोका इंस्टीट्यूट द्वारा बनाया गया मैनहोल मानिटरिंग सिस्टम बेहद सस्ता है। इसे महज छह हजार रुपये में तैयार किया गया है। यह बैटरी, सोलर और बिजली तीनों से चलेगा। सीवर में इसे लगाना जितना आसान है, उससे उतना ही आसान है इसके डिस्प्ले सिस्टम को लगाना। इंस्टीट्यूट के वाइस चेयरमैन अमित मौर्य और डायरेक्टर डा.सारिका श्रीवास्तव ने मैनहोल मानिटरिंग सिस्टम तैयार करने वाली स्टूडेंट्स की सराहना करते हुए खुशी जाहिर की है।

-अचूक संघर्ष-

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