…इस एक मामले में रिलायंस और टाटा के बीच चल रहा है तगड़ा कॉम्पिटिशन

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मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और रतन टाटा के टाटा ग्रुप में तगड़ा कॉम्पिटिशन चल रहा है। कॉम्पिटिशन, रेवेन्यू के मामले में एक दूसरे को पीछे छोड़ने का। वित्त वर्ष 2021-22 के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज के जारी हुए शुद्ध लाभ और रेवेन्यू के परिणामों से तो ऐसा ही लगता है। शुक्रवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज के चौथी तिमाही परिणाम घोषित हुए। इस दौरान यह भी सामने आया कि कंपनी का रेवेन्यू पूरे वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान बढ़कर 100 अरब डॉलर के मार्क को पार कर गया है। वहीं टाटा ग्रुप ने पिछले साल ही इस मार्क को क्रॉस कर लिया था।
तेल से लेकर दूरसंचार क्षेत्र तक में कारोबार करने वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज की कुल आय पूरे वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान बढ़कर 7.92 लाख करोड़ रुपये (104.6 अरब डॉलर) हो गई। वहीं शुद्ध लाभ बढ़कर 60,705 करोड़ रुपये पर पहुंच गया जबकि नमक से लेकर सॉफ्टवेयर तक बनाने वाले टाटा ग्रुप की सभी कंपनियों का रेवेन्यु कुल मिलाकर वित्त वर्ष 2020-21 में 103 अरब डॉलर (7.7 लाख करोड़ रुपये) के मार्क को क्रॉस कर गया था। वित्त वर्ष 2021-22 में टाटा ग्रुप की आय कितनी रही, यह सामने आना अभी बाकी है।
टाटा ग्रुप का कारोबार
टाटा ग्रुप देश और दुनिया में 10 क्लस्टर में 30 कंपनियों के साथ परिचालन कर रहा है। इसका कारोबार 100 से ज्यादा देशों में फैला हुआ है। ग्रुप की प्रिंसिपल होल्डिंग कंपनी और टाटा कंपनियों की प्रमोटर, टाटा सन्स है। टाटा ग्रुप, कंज्यूमर एंड रिटेल, इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी, ऑटोमोटिव, स्टील व इंफ्रास्ट्रक्चर, फाइनेंशियल सर्विसेज, टूरिज्म एंड ट्रैवल, टेलिकॉम एंड मीडिया, ट्रेडिंग एंड इन्वेस्टमेंट्स, एयरोस्पेस एंड डिफेंस सेक्टर में कारोबार कर रहा है। ग्रुप की कंपनियों में टीसीएस, टाटा मोटर्स, टाटा स्टील, टाटा केमिकल्स, टाटा कंज्यूमर प्रॉडक्ट्स, टाइटन, टाटा कैपिटल, टाटा पावर, टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स, इंडियन होटल्स, एयर इंडिया, विस्तारा और टाटा कम्युनिकेशंस आदि प्रमुख नाम हैं। इसके अलावा टाटा ग्रुप ने अपना सुपरऐप ‘Tata Neu’ भी लॉन्च कर दिया है और ई-कॉमर्स क्षेत्र में कदम रख दिया है। यह ऐप टाटा ग्रुप के सभी ब्रांड्स को एक प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराएगा।
किन-किन बिजनेसेज में रिलायंस इंडस्ट्रीज
RIL, एक्सप्लोरेशन एंड प्रॉडक्शन, पेट्रोलियम रिफाइनिंग एंड मार्केटिंग, टेक्सटाइल्स, पेट्रोकेमिकल्स, रिटेल, टेलिकॉम सेक्टर में कारोबार कर रही है। इसके ब्रांड्स में रिलायंस गैस, ओनली विमल, जियो बीपी, जियोमार्ट, रिलायंस फ्रेश, रिलायंस ज्यूल्स, रिलायंस डिजिटल, जियो, आजियो, हैमलीज आदि प्रमुख हैं। इसके अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज ने कुछ प्रमुख फैशन हाउसेज में बहुलांश हिस्सेदारी भी खरीदी है। जैसे रितु कुमार, अबू जानी संदीप खोसला, अब्राहम एंड ठाकोर आदि।इसके अलावा कंपनी ने मनीष मल्होत्रा के ब्रांड में भी निवेश किया है।
फ्यूचर रिटेल को पाने की नहीं खोई है उम्मीद
रिलायंस रिटेल ने फ्यूचर ग्रुप के साथ अगस्त 2020 में घोषित सौदे को कैंसिल कर दिया है। फ्यूचर समूह ने रिलायंस इंडस्ट्रीज की कंपनी रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड के साथ 24713 करोड़ रुपये के विलय समझौते की घोषणा की थी। समझौते के तहत खुदरा, थोक, लॉजिस्टिक एवं भंडारण खंडों में सक्रिय फ्यूचर समूह की 19 कंपनियों का रिलायंस रिटेल अधिग्रहण करने वाली थी। सौदा 24713 करोड़ रुपये का था। फ्यूचर समूह के सिक्योर्ड लेंडर्स की ओर से डील के पक्ष में पर्याप्त वोट नहीं मिलने के चलते डील को कैंसिल कर दिया गया। सौदा कैंसिल होने की वजह से फ्यूचर ग्रुप दिवालिया होने की कगार पर है लेकिन अभी रिलायंस द्वारा उसे खरीद लिए जाने की उम्मीद बाकी है क्योंकि रिलायंस रिटेल, इन्सॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रॉसेस के तहत फ्यूचर ग्रुप के एसेट्स खरीदने के लिए पार्टिसिपेट करने को लेकर तैयार है।
-एजेंसियां

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