यूक्रेन की सहायता से अधिक स्कूलों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे अमेरिका: ट्रंप

INTERNATIONAL

[ad_1]

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टेक्सास के प्राइमरी स्कूल में हुए हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि अमेरिका को यूक्रेन की सहायता के ऊपर अपने यहां स्कूलों की सुरक्षा पर फ़ंडिंग को प्राथमिकता देनी चाहिए.
पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि अगर अमेरिका यूक्रेन को सहायता के रूप में अरबों डॉलर दे सकता है तो “इस बात में कोई संदेह होना ही नहीं चाहिए कि अपने बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए जिस भी चीज़ की ज़रूरत होगी, वह उसे करने में सक्षम है.”
ह्यूस्टन में नेशनल राइफ़ल एसेसिएशन की एक बैठक के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने यह बयान दिया. नेशनल राइफ़ल एसोसिएशन अमेरिका का सबसे बड़ा गन-ग्रुप है.
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति का यह बयान यूवाल्डे में रॉब एलिमेंट्री स्कूल में हुए हमले के तीन दिन बाद आया है. इस हमले में कुल 21 लोगों की मौत हो गई. जिसमें से 19 छोटे बच्चे थे.
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि हमने इराक़ और अफ़ग़ानिस्तान में खरबों ख़र्च किए लेकिन उससे कुछ भी हासिल नहीं हुआ.
ट्रंप के इस संबोधन का लोगों ने तालियां बजाकर स्वागत किया.
ट्रंप ने कहा कि विश्व-निर्माण से पहले हमें अपने ही देश में अपने बच्चों के लिए सुरक्षित स्कूलों का निर्माण करना चाहिए.
इस महीने की शुरुआत में अमेरिकी संसद ने यूक्रेन को सैन्य सहायता के रूप में क़रीब 40 अरब डॉलर देने के लिए वोट किया. फ़रवरी में यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद से अभी तक अमेरिका 54 अरब डॉलर की मदद कर चुका है.
इस दौरान अमेरिका में बंदूक रखने पर सख़्त नियंत्रण की भी मांग उठ रही है. ट्रंप ने इस तरह की किसी भी मांग को ख़ारिज करते हुए स्कूलों की सुरक्षा के लिए ‘फुल-ओवरहॉलिंग’ का प्रस्ताव रखा.
अपने संबोधन के दौरान ट्रंप ने इस हमले में मारे गए लोगों का नाम पढ़कर उन्हें याद किया.
बच्चों की गुहार के बावजूद देर से पहुंची पुलिस
टेक्सास स्कूल हमले की जांच से जुड़े शीर्ष सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि पुलिस ने यूवाल्डे शहर के रॉब एलिमेंट्री स्कूल में हुए हमले में ‘प्रतिक्रिया देने में ग़लती’ की.
उन्होंने कहा कि जिस समय हमलावर स्कूल के भीतर गोलियां बरसा रहा था, उस वक़्त तुरंत कक्षा में घुसकर उसे रोकने में पुलिस असफ़ल रही. यह एक ग़लत निर्णय था.
मंगलवार को हुए इस हमले में 21 लोगों की मौत हो गई थी. जिसमें से 19 बच्चे थे और इनमें से ज़्यादातर की उम्र पांच साल से सात साल के बीच थी.
शीर्ष पुलिस अधिकारी स्टीवन मैकक्रॉ ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अगर मुझे लगा कि यह मददगार होगा तो मैं निश्चित तौर पर माफ़ी मागूंगा.
उन्होंने माना कि जिस कमरे में फ़ायरिंग हो रही थी, अधिकारियों ने वहां प्रवेश करने में देरी की.
वहीं अंदर कक्षा में मौजूद विद्यार्थी लगातार फ़ोन करके पुलिस से अंदर आने की गुज़ारिश कर रहे थे.
मैकक्रॉ ने माना की रॉब एलीमेंट्री स्कूल में पुलिस के आने से लेकर, कक्षा में प्रवेश करने में 40 मिनट का अंतर था. यानी स्कूल में आने के 40 मिनट बाद पुलिस ने उस जगह घुसने का निर्णय लिया जहां गोलीबारी हो रही थी.
घटनास्थल पर पहुंचे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने स्कूल के चौकीदार के चाबी लेकर आने का इंतज़ार किया था. उनका अनुमान था कि या ‘कोई भी बच्चा ख़तरे में नहीं है’ या फिर ‘हमलावर ने सबको मार’ दिया है.
-एजेंसियां

[ad_2]

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *