उत्तर प्रदेश सरकार का बजट निराशाजनक : आशुतोष सिन्हा

उत्तर प्रदेश

सपा एमएलसी ने गिनाई बजट की कमियां

वाराणसी।2022-23 का बजट मात्र आंकड़ो की बाजीगरी है,ये पूरी तरह से निराशाजनक बजट है,पिछले बजट की तरह तमाम योजनाओं की घोषणाएं मात्र कर दी गयी लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है।इस बजट मे *वित्त विहीन शिक्षकों* की तरफ बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया।सूबे के वित्त विहीन शिक्षक भयंकर आर्थिक तंगी से जूझ रहे परंतु इस सरकार को उनकी कोई फिक्र नहीं है।इसके अलावा शिक्षामित्रों व प्रेरकों की पूरी तरह से अनदेखी की गयी।लगातार अपनी मांगों के लिए संघर्षरत *शिक्षामित्रों व प्रेरकों* के लिए बजट मे कहीं कोई बात नहीं कही गयी।यही हालात *अनुदेशकों* के भी हैं।इस सरकार ने कई बार वादा किया,घोषणाएं की परंतु इस सरकार की यही खास बात है कि घोषणाएं तो तमाम कर दी जाती हैं परंतु घोषणाओं को जमीन पर नहीं उतारा जाता।*पुरानी पेंशन बहाली* जैसे मुद्दे भी सरकार ने पूरी तरह से ठंडे बस्ते मे डाल दिया है।महंगाई से त्रस्त जनता के लिए सरकार की तरफ से एक भी कदम नहीं उठाया गया।अगर अनुसूचित जाति व जनजाति की बात करें तो उनके लिए इस बजट मे कुछ भी नहीं है।कुल मिलाकर ये कहें कि ये बजट मात्र वादों का पिटारा है जो कि हम हर बार इस सरकार से सुनते हैं।ये वादे हैं जो जमीन पर नहीं उतर पाते।
वर्तमान सरकार के इस बजट के लिए ये लाईने ही सही हैं….

*इस सरकार का कहने को ये बजट छठा है,*
*पर इसमें कुछ बढ़ा नहीं, सब कुछ घटा है।

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