Newsई-पेपरवाराणसी

खालिद अंसारी ने खींच दी नई लक़ीर,‘कोरल स्काईलाइन’ से बदलेगी वाराणसी की रियल एस्टेट तस्वीर

* मोहनसराय-रोहनिया में अल्ट्रा-लक्जरी आवासीय प्रोजेक्ट ‘कोरल स्काईलाइन’ का निर्माण तेज

* 2, 3 बीएचके अपार्टमेंट्स के साथ 4 बीएचके स्काई विला की पहली पेशकश

* अंतरराष्ट्रीय जीवनशैली अवधारणा को काशी की जमीन पर उतारने का दावा

* प्रोजेक्ट की परिकल्पना में एमडी खालिद अंसारी की प्रमुख भूमिका

* अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम से मात्र 15 मिनट की दूरी

* प्रस्तावित मल्टीप्लेक्स, होटल्स और व्यावसायिक परियोजनाओं से बढ़ेगा क्षेत्र का महत्व

* रेजिडेंशियल के साथ कमर्शियल स्पेस का संतुलित विकास

* वाराणसी में उभरते रियल एस्टेट हब की दिशा में बड़ा कदम

वाराणसी। काशी अब केवल आध्यात्मिक राजधानी नहीं बल्कि तेजी से उभरता शहरी केंद्र बन चुका है, एक और बड़े रियल एस्टेट अध्याय का साक्षी बनने जा रहा है। शहर के दक्षिणी हिस्से मोहनसराय-रोहनिया क्षेत्र में अल्ट्रा-लक्जरी आवासीय प्रोजेक्ट ‘कोरल स्काईलाइन’ तेजी से आकार ले रहा है। यह परियोजना आधुनिक जीवनशैली, वैश्विक आर्किटेक्चर और प्रीमियम स्पेस की अवधारणा को स्थानीय परिवेश के साथ जोड़ने का दावा करती है। पिछले एक दशक में वाराणसी का भूगोल बदला है। रिंग रोड, फोरलेन कनेक्टिविटी, एयरपोर्ट विस्तार और प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम जैसी परियोजनाओं ने शहर के बाहरी हिस्सों को निवेश और आवासीय विकास के लिए आकर्षक बनाया है। इसी बदलते शहरी परिदृश्य में कोरल ग्रुप ने मोहनसराय-रोहनिया को अपना नया केंद्र बनाया है।
‘कोरल स्काईलाइन’ केवल एक आवासीय परियोजना नहीं, बल्कि एक लाइफस्टाइल स्टेटमेंट के रूप में प्रस्तुत की जा रही है। इसमें अत्याधुनिक 2 और 3 बीएचके अपार्टमेंट्स के साथ 4 बीएचके स्काई विला की पेशकश की गई है। स्काई विला की अवधारणा ऊंचाई पर निजी, विस्तृत और प्रीमियम स्पेस उपलब्ध कराने की है, जहां गोपनीयता, खुलापन और लक्जरी का संगम हो। प्रोजेक्ट की परिकल्पना में कोरल ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर खालिद अंसारी की भूमिका को प्रमुख बताया जा रहा है। विदेश यात्राओं के दौरान अंतरराष्ट्रीय आर्किटेक्चरल ट्रेंड्स और आधुनिक जीवनशैली के अनुभवों को उन्होंने स्थानीय जरूरतों के अनुरूप ढालने की कोशिश की है। दावा है कि ‘कोरल स्काईलाइन’ में केवल ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं, बल्कि एक संपूर्ण जीवनशैली विकसित की जा रही है। इस परियोजना की सबसे बड़ी ताकत इसकी लोकेशन मानी जा रही है। मोहनसराय-रोहनिया क्षेत्र न केवल शहर के मुख्य मार्गों से जुड़ा है, बल्कि प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम से भी लगभग 15 मिनट की दूरी पर स्थित है। इसके अतिरिक्त, आसपास मल्टीप्लेक्स, होटल और व्यावसायिक परियोजनाओं की योजनाएं इस क्षेत्र को भविष्य का रियल एस्टेट हब बनाने की दिशा में संकेत देती है। कोरल स्काईलाइन में रेजिडेंशियल स्पेस के साथ कमर्शियल स्पेस भी शामिल किया गया है, जिससे एक संतुलित और आत्मनिर्भर परिसर की अवधारणा को बल मिलता है। डेवलपर का दावा है कि यह परियोजना वाराणसी में लग्ज़री लिविंग का नया मानक स्थापित करेगी और शहर के शहरी विस्तार को नई दिशा देगी।
ऐसे समय में जब वाराणसी का विस्तार पारंपरिक गलियों से निकलकर नए कॉरिडोर की ओर बढ़ रहा है, ‘कोरल स्काईलाइन’ जैसी परियोजनाएं यह संकेत देती हैं कि काशी का भविष्य केवल आध्यात्मिक नहीं, बल्कि आधुनिक और वैश्विक भी है।

बदलती काशी, बदलती जरूरतें

वाराणसी का शहरी नक्शा बदल रहा है। जो शहर कभी केवल घाटों, मंदिरों और संकरी गलियों के लिए जाना जाता था, वह अब ऊंची इमारतों, चौड़ी सड़कों और आधुनिक टाउनशिप की ओर कदम बढ़ा रहा है। मोहनसराय-रोहनिया क्षेत्र इस बदलाव का नया केंद्र बनकर उभर रहा है। इसी क्षेत्र में कोरल ग्रुप द्वारा विकसित किया जा रहा ‘कोरल स्काईलाइन’ प्रोजेक्ट शहर की बदलती आकांक्षाओं का प्रतीक बनता दिखाई दे रहा है। पिछले वर्षों में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की कई परियोजनाएं सामने आईं। रिंग रोड कनेक्टिविटी, एयरपोर्ट से बेहतर जुड़ाव और शहर के बाहरी हिस्सों में निवेश की बढ़ती संभावनाओं ने मध्यम और उच्च आय वर्ग के परिवारों को पारंपरिक शहर से बाहर बसने के लिए प्रेरित किया है। मोहनसराय-रोहनिया क्षेत्र, जो कभी शहर का बाहरी हिस्सा माना जाता था, अब मुख्यधारा के विकास मानचित्र पर आ चुका है। प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम ने इस क्षेत्र की जमीन और महत्व दोनों को नई पहचान दी है। जब किसी इलाके के आसपास खेल, मनोरंजन और व्यावसायिक ढांचा विकसित होता है, तो स्वाभाविक रूप से वहां आवासीय मांग भी बढ़ती है।

अल्ट्रा-लक्जरी की नई परिभाषा

‘कोरल स्काईलाइन’ को अल्ट्रा-लक्जरी प्रोजेक्ट के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इसमें 2 और 3 बीएचके अपार्टमेंट्स के अलावा 4 बीएचके स्काई विला की अवधारणा दी गई है। स्काई विला यानी ऊंची मंजिलों पर विस्तृत, निजी और प्रीमियम आवास। यह अवधारणा महानगरों में लोकप्रिय रही है, लेकिन वाराणसी जैसे शहर में इसे पहली बार बड़े पैमाने पर पेश किया जा रहा है। डेवलपर का दावा है कि यहां केवल फ्लैट नहीं, बल्कि ‘लाइफस्टाइल’ बेची जा रही है। बड़े ड्रॉइंग एरिया, वेंटिलेशन पर विशेष ध्यान, ओपन स्पेस, आधुनिक लिफ्ट सिस्टम, सुरक्षा प्रबंधन और कमर्शियल स्पेस के साथ एक संतुलित परिसर—ये सभी बातें परियोजना को प्रीमियम श्रेणी में स्थापित करने का प्रयास करती हैं।

वैश्विक अनुभव, स्थानीय क्रियान्वयन

कोरल ग्रुप के प्रबंधन का कहना है कि इस परियोजना की अवधारणा अंतरराष्ट्रीय यात्राओं और वैश्विक अनुभवों से प्रेरित है। आधुनिक आर्किटेक्चर, स्पेस प्लानिंग और कम्युनिटी लिविंग की अवधारणाओं को वाराणसी की सामाजिक संरचना के अनुरूप ढालने की कोशिश की गई है।

शहर के पारंपरिक परिवार अब भी संयुक्त परिवार

प्रणाली में विश्वास रखते हैं। ऐसे में बड़े साइज के 3 और 4 बीएचके विकल्प इस सामाजिक संरचना को ध्यान में रखकर तैयार किए गए बताए जा रहे हैं।

लोकेशन की रणनीतिक अहमियत

रियल एस्टेट में एक पुरानी कहावत है लोकेशन ही सबकुछ है। मोहनसराय-रोहनिया का भूगोल इस परियोजना की सबसे बड़ी ताकत के रूप में उभरता है। प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम से निकटता, मुख्य मार्गों से जुड़ाव और भविष्य की व्यावसायिक परियोजनाओं की संभावना इसे निवेश के लिहाज से भी आकर्षक बनाती है।

आसपास प्रस्तावित मल्टीप्लेक्स और होटल

परियोजनाएं संकेत देती हैं कि यह क्षेत्र केवल आवासीय नहीं, बल्कि मिश्रित उपयोग विकास का केंद्र बन सकता है। ऐसे में यहां संपत्ति खरीदने वाले निवेशकों के लिए दीर्घकालिक मूल्य वृद्धि की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। रेजिडेंशियल व कमर्शियल मॉडल
कोरल स्काईलाइन में कमर्शियल स्पेस को भी शामिल किया गया है। यह मॉडल बड़े शहरों में सफल रहा है, जहां एक ही परिसर में रहने, खरीदारी और सेवाओं की सुविधा उपलब्ध होती है। इससे न केवल निवासियों को सुविधा मिलती है, बल्कि क्षेत्र की आर्थिक गतिविधि भी बढ़ती है।

रियल एस्टेट का उभरता हब

पिछले कुछ वर्षों में वाराणसी के रियल एस्टेट बाजार में उल्लेखनीय बदलाव आया है। पहले जहां निवेश मुख्य रूप से पारंपरिक बाजार क्षेत्रों में होता था, अब बाहरी इलाकों में टाउनशिप और अपार्टमेंट संस्कृति तेजी से बढ़ रही है। मोहनसराय-रोहनिया को भविष्य का रियल एस्टेट हब माना जा रहा है। बेहतर कनेक्टिविटी, शहरी विस्तार की दिशा और सरकारी परियोजनाओं की निकटता इस क्षेत्र को दीर्घकालिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बनाती है। ‘कोरल स्काईलाइन’ केवल एक प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि वाराणसी के बदलते शहरी चरित्र का प्रतीक है। आध्यात्मिकता और आधुनिकता के संगम की जो तस्वीर आज काशी में उभर रही है, उसमें ऐसे प्रोजेक्ट महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। यदि डेवलपर अपने दावों पर खरा उतरता है, तो यह परियोजना शहर में लग्जरी लिविंग की नई परिभाषा स्थापित कर सकती है। आने वाले वर्षों में जब मोहनसराय-रोहनिया क्षेत्र पूरी तरह विकसित होगा, तब संभव है कि ‘कोरल स्काईलाइन’ को उस बदलाव के शुरुआती अध्यायों में गिना जाए। काशी की परंपरा और आधुनिकता के बीच खड़ी यह नई इमारत शायद आने वाले समय में शहर के आसमान की पहचान बन जाए।

* लोकेशन एडवांटेज मोहनसराय-रोहनिया में स्थित, शहर के मुख्य मार्गों से बेहतर कनेक्टिविटी
* अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम से निकटता प्रस्तावित स्टेडियम से लगभग 15 मिनट की दूरी, भविष्य में प्रॉपर्टी वैल्यू बढ़ने की संभावना
* अल्ट्रा-लक्जरी सेगमेंट 2 व 3 बीएचके प्रीमियम अपार्टमेंट्स के साथ 4 बीएचके स्काई विला की विशेष पेशकश।
* स्काई विला कॉन्सेप्ट में पहली बार ऊंचाई पर निजी, विस्तृत और प्रीमियम स्पेस की अवधारणा।
* ग्लोबल डिजाइन अप्रोच अंतरराष्ट्रीय आर्किटेक्चरल और लाइफस्टाइल अवधारणाओं पर आधारित प्लानिंग।
* कमर्शियल, रेजिडेंशियल मॉडल, परिसर में कमर्शियल स्पेस शामिल, जिससे आत्मनिर्भर और संतुलित विकास।
* फ्यूचर रियल एस्टेट हब आसपास प्रस्तावित
* मल्टीप्लेक्स, होटल्स और अन्य व्यावसायिक
* परियोजनाओं से क्षेत्र का तेजी से विकास।
* प्रीमियम लाइफस्टाइल फोकस प्राइवेसी, ओपन स्पेस,

* आधुनिक सुविधाएं और सुरक्षित आवासीय वातावरण पर विशेष जोर।

* निवेश की संभावना उभरते क्षेत्र में दीर्घकालिक मूल्य वृद्धि की संभावनाएं।
* पारंपरिक शहर से आधुनिक, योजनाबद्ध आवासीय संस्कृति की ओर बढ़ता कदम।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button