
वाराणसी । वाराणसी विकास प्राधिकरण द्वारा अवैध निर्माण के विरुद्ध सख्त रुख अपनाते हुए रामापुरा, तहसील सदर स्थित आराजी संख्या 18, 19 एवं 21 पर संजय गुप्ता पुत्र काशीनाथ गुप्ता द्वारा किए गए अनाधिकृत निर्माण के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उक्त भूखण्ड पर बी+जी+2 तल का कुल 472.63 वर्गमीटर क्षेत्रफल में आवासीय मानचित्र स्वीकृत किया गया था। शर्त यह थी कि निर्माणकर्ता स्वयं द्वारा किए गए अशमनीय निर्माण को हटाएगा, जिसके लिए उसने शपथ-पत्र भी प्रस्तुत किया था। इसके बावजूद, निर्माणकर्ता ने बिना सेटबैक छोड़े अतिरिक्त तीन तल का अवैध निर्माण कर लिया।
उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 की धारा 27, 28 एवं 28(2) के अंतर्गत कारण बताओ नोटिस जारी कर निर्माण रोकने एवं पुलिस सहायता से कार्य रुकवाने की कार्रवाई की गई। इसके बावजूद जब निर्माण कार्य जारी रहा, तो भवन को सील किया गया। सील तोड़कर पुनः निर्माण किए जाने पर थाना सिगरा में प्राथमिकी (FIR) हेतु तहरीर दी गई।
प्राधिकरण द्वारा कई बार निर्माणकर्ता को अशमनीय भाग हटाने के निर्देश पत्रों के माध्यम से दिए गए, परंतु कोई कार्रवाई नहीं की गई। भवन में निवास होने के कारण तत्काल ध्वस्तीकरण संभव नहीं हो सका। इसके उपरांत अभियान चलाकर ऊपरी हिस्से के आंशिक भाग को ध्वस्त कर दिया गया तथा शेष निर्माण हटाने के लिए 15 दिनों में भवन को खाली करने का निर्देश दिया गया।
निर्माणकर्ता ने न तो अवैध निर्माण हटाया और न ही निर्देशों का पालन किया, बल्कि मा० आयुक्त न्यायालय में वाद सं. 1353/2024 दायर किया, जिसे 25 जनवरी 2025 को निरस्त कर दिया गया।
इसके क्रम में आज दिनांक 18 जून 2025 को जोनल अधिकारी सौरभ देव प्रजापति द्वारा स्थल का निरीक्षण किया गया। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि अनधिकृत निर्माण पर शीघ्र ही पूर्ण ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
प्राधिकरण ने दोहराया कि अवैध निर्माणों के विरुद्ध “शून्य सहनशीलता नीति” के अंतर्गत कठोर कार्रवाई की जा रही है, जिससे वाराणसी शहर का विकास नियोजित, सुरक्षित और अनुशासित रूप में सुनिश्चित किया जा सके।




