डीजीपी राजीव कृष्ण ने पुलिस हेडक्वार्टर में मातहतो संग मनाया होली का त्योहार, चारो तरफ अबीर, रंग,गुलाल की हुई बौछार
रंगों में घुला अनुशासन पुलिस मुख्यालय में होली मिलन से बढ़ा भाईचारा और संगठनात्मक एकता

- पुलिस मुख्यालय में रंगों और उल्लास के बीच मना होली मिलन समारोह
- पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने दी शुभकामनाएं, मिलजुल कर त्योहार मनाने पर जोर
- फूलों की होली बनी आकर्षण का केंद्र, अधिकारियों ने साझा की खुशियां
- वर्तमान और सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों की एक मंच पर उपस्थिति
- पूर्व डीजीपी बृजलाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने की शिरकत
- सांस्कृतिक कार्यक्रमों और होली गीतों से सजा समारोह का माहौल
- परिवारजनों की भागीदारी से कार्यक्रम में दिखा आत्मीय और पारिवारिक वातावरण
- ऐसे आयोजन संगठन में बढ़ाते हैं तालमेल और सहयोग की भावना: डीजीपी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय में शुक्रवार, 6 मार्च को रंगों और खुशियों का ऐसा संगम देखने को मिला जिसने पुलिस बल के सख्त अनुशासन के बीच मानवीय संवेदनाओं की एक सुंदर तस्वीर पेश कर दी। अवसर था होली मिलन समारोह का, जहां वर्तमान और सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों ने एक साथ मिलकर रंगों के इस पर्व को उत्साह और आत्मीयता के साथ मनाया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण रहे, जिन्होंने अपने स्वागत उद्बोधन में सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को होली की शुभकामनाएं दीं और इस पर्व को मिलजुल कर मनाने की परंपरा को संगठन की मजबूती के लिए आवश्यक बताया। पुलिस मुख्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ, विभिन्न जोन, शाखाओं और इकाइयों में तैनात वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी भी उपस्थित रहे। होली मिलन समारोह का माहौल औपचारिकता से कहीं अधिक आत्मीय और पारिवारिक दिखाई दिया। जैसे ही कार्यक्रम की शुरुआत हुई, वातावरण में गुलाल की खुशबू और फूलों की होली की परंपरा ने पूरे परिसर को रंगीन बना दिया। इस आयोजन की खास बात यह रही कि इसमें केवल रंग खेलने तक ही सीमित कार्यक्रम नहीं था, बल्कि पुलिस परिवार के भीतर संवाद और रिश्तों को मजबूत करने की भावना भी स्पष्ट रूप से दिखाई दी। सेवा में कार्यरत अधिकारियों ने अपने वरिष्ठ और पूर्व अधिकारियों से मिलकर अनुभव साझा किए, वहीं सेवानिवृत्त अधिकारियों ने भी संगठन से जुड़े अपने अनुभवों और स्मृतियों को ताजा किया। पुलिस महानिदेशक ने अपने संबोधन में कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं है, बल्कि यह दिलों को जोड़ने और आपसी दूरियों को मिटाने का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा एक चुनौतीपूर्ण और तनावपूर्ण जिम्मेदारी है, ऐसे में इस प्रकार के सांस्कृतिक और सामाजिक आयोजन संगठन के भीतर सकारात्मक ऊर्जा पैदा करते हैं और सहयोग की भावना को मजबूत बनाते हैं। कार्यक्रम में फूलों की होली खेली गई, जिसमें सभी अधिकारियों ने एक-दूसरे पर फूलों की वर्षा कर होली की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान पूरे परिसर में हंसी, मुस्कान और आत्मीयता का वातावरण देखने को मिला। कई अधिकारी अपने परिवारजनों के साथ भी समारोह में शामिल हुए, जिससे कार्यक्रम और अधिक पारिवारिक और जीवंत बन गया।
होली मिलन समारोह में उत्तर प्रदेश पुलिस के कई वरिष्ठ और पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ा दिया। सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक बृजलाल, संजय एम. तरड़े, एस.एन. साबत, अविनाश चंद्रा, राजेन्द्र पाल सिंह, ए.के. जैन, आशुतोष पाण्डेय सहित कई वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर मौजूद रहे। इसके अलावा पुलिस महानिदेशक दूरसंचार के.एस. प्रताप कुमार, पुलिस महानिदेशक पुलिस आवास निगम, फायर सर्विस के महानिदेशक सुजीत पाण्डेय, रेलवे के प्रकाश डी, मानवाधिकार प्रकोष्ठ के राजकुमार, पीएसी के आर.के. स्वर्णकार, तकनीकी सेवाओं के नवीन अरोड़ा, प्रशासन के प्रशांत कुमार द्वितीय, यातायात के ए. सतीश गणेश, लखनऊ जोन के प्रवीण कुमार, अपराध शाखा के एस.के. भगत तथा के.एस. इमैन्यूल समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। समारोह का उद्देश्य केवल त्योहार मनाना नहीं था, बल्कि पुलिस संगठन के भीतर एक सकारात्मक और सामूहिक वातावरण का निर्माण करना भी था। इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि वर्दी के पीछे भी इंसान की संवेदनाएं और रिश्तों की गर्माहट होती है, जो संगठन को और मजबूत बनाती है।

रंगों के बीच दिखी पुलिस परिवार की एकता
उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय में आयोजित होली मिलन समारोह ने यह साबित कर दिया कि कठोर अनुशासन और जिम्मेदारियों के बीच भी पुलिस परिवार में आपसी आत्मीयता और सहयोग की भावना मजबूत बनी हुई है। शुक्रवार को आयोजित इस कार्यक्रम में वर्तमान और सेवानिवृत्त अधिकारियों की बड़ी संख्या ने भाग लिया और एक साथ मिलकर होली के रंगों का आनंद लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण के स्वागत उद्बोधन से हुई। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि होली का त्योहार समाज में प्रेम, भाईचारा और सौहार्द का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि पुलिस बल की जिम्मेदारियां वर्ष भर लगातार चलती रहती हैं, इसलिए इस तरह के अवसर संगठन के भीतर सकारात्मक ऊर्जा और आपसी संबंधों को मजबूत करने का काम करते हैं।
फूलों की होली बनी आकर्षण का केंद्र
समारोह का सबसे आकर्षक हिस्सा फूलों की होली रहा। पुलिस मुख्यालय परिसर में जैसे ही फूलों की वर्षा शुरू हुई, पूरा माहौल रंगों और खुशियों से सराबोर हो गया।
अधिकारियों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर और फूलों की वर्षा कर होली की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान वरिष्ठ और कनिष्ठ अधिकारियों के बीच औपचारिकता की दीवारें भी टूटती नजर आईं। कई अधिकारी अपने परिवार के साथ समारोह में पहुंचे थे, जिससे कार्यक्रम और अधिक उत्साहपूर्ण बन गया।
सेवानिवृत्त अधिकारियों की मौजूदगी ने बढ़ाई गरिमा
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी भी शामिल हुए। पूर्व पुलिस महानिदेशक बृजलाल, संजय एम. तरड़े, एस.एन. साबत, अविनाश चंद्रा, राजेन्द्र पाल सिंह, ए.के. जैन, आशुतोष पाण्डेय सहित कई वरिष्ठ अधिकारी समारोह में उपस्थित रहे।
इन अधिकारियों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया। वर्तमान अधिकारियों ने उनसे मुलाकात कर उनके अनुभवों को सुना और संगठन के पुराने दिनों की यादें भी ताजा की।
कई महत्वपूर्ण इकाइयों के प्रमुख रहे मौजूद
समारोह में उत्तर प्रदेश पुलिस की विभिन्न शाखाओं और इकाइयों के प्रमुख अधिकारी भी उपस्थित रहे। पुलिस महानिदेशक दूरसंचार के.एस. प्रताप कुमार, फायर सर्विस के महानिदेशक सुजीत पाण्डेय, रेलवे के प्रकाश डी, मानवाधिकार प्रकोष्ठ के राजकुमार, पीएसी के आर.के. स्वर्णकार, तकनीकी सेवाओं के नवीन अरोड़ा, प्रशासन के प्रशांत कुमार द्वितीय, यातायात के ए. सतीश गणेश, लखनऊ जोन के प्रवीण कुमार, अपराध शाखा के एस.के. भगत तथा के.एस. इमैन्यूल समेत कई वरिष्ठ अधिकारी कार्यक्रम में शामिल हुए।
सांस्कृतिक गतिविधियों ने बढ़ाई रौनक
होली मिलन समारोह में केवल रंग खेलने का कार्यक्रम ही नहीं था, बल्कि सांस्कृतिक गतिविधियों का भी आयोजन किया गया। संगीत और पारंपरिक होली गीतों के बीच अधिकारियों और उनके परिवारजनों ने इस पर्व का आनंद लिया। वातावरण में उत्साह और उल्लास का ऐसा माहौल था कि सभी लोग कुछ समय के लिए अपनी व्यस्तताओं और जिम्मेदारियों को भूलकर इस त्योहार में डूब गए।
संगठनात्मक तालमेल का संदेश
पुलिस महानिदेशक ने अपने संबोधन में कहा कि पुलिस सेवा में कार्यरत अधिकारी और कर्मचारी दिन-रात कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए काम करते हैं। ऐसे में इस प्रकार के कार्यक्रम संगठन के भीतर संवाद और तालमेल बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनते हैं।
उन्होंने कहा कि जब अधिकारी और कर्मचारी एक-दूसरे के साथ इस प्रकार के आयोजनों में शामिल होते हैं तो इससे संगठन की एकता और सामूहिक भावना मजबूत होती है।
परिवारों की भागीदारी से बना पारिवारिक माहौल
समारोह में कई अधिकारी अपने परिवार के साथ पहुंचे थे। बच्चों और परिवारजनों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और अधिक जीवंत बना दिया। फूलों की होली और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच बच्चों और महिलाओं की भागीदारी भी देखने को मिली, जिससे कार्यक्रम में पारिवारिक वातावरण बना रहा। लोगों का मानना है कि पुलिस जैसे तनावपूर्ण पेशे में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए इस प्रकार के सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। यह आयोजन न केवल मानसिक तनाव को कम करते हैं बल्कि संगठन के भीतर सकारात्मक ऊर्जा भी पैदा करते हैं।
• उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय में 6 मार्च को होली मिलन समारोह आयोजित
• मुख्य अतिथि रहे पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण
• फूलों की होली कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण बनी
• वर्तमान और सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों ने मिलकर मनाया त्योहार
• पूर्व डीजीपी बृजलाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
• पुलिस की विभिन्न शाखाओं और इकाइयों के प्रमुख अधिकारी शामिल
• सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समारोह में उत्साह बढ़ाया
• परिवारजनों की भागीदारी से बना आत्मीय माहौल
• पुलिस महानिदेशक ने संगठनात्मक एकता और सहयोग पर दिया जोर
• कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस परिवार के भीतर संवाद और संबंध मजबूत करना




