वाराणसीक्राइम

दरोगा और कास्टेबल की पिटाई को लेकर कचहरी पुलिस छावनी में तब्दील

दरोगा की हालत गम्भीर, 70 पर एफआईआर,हमलावरों की पहंचान के लिये सीसीटीवी की फुटेज खंगाली जा रही है

वाराणसी। कचहरी में अधिवक्ताओं द्वारा दरोगा और कास्टेवल की बेरहमी से पिटाई के दूसरे दिन बुधवार को कचहरी परिसर सुरक्षा के लिये पुलिस बल की तैनाती जारी रहा। इस मामले 70 लोगो के विरूद्ध एफआई आर दर्ज किया गया है।

उधर ट्रामा सेंटर में भर्ती घायल दरोगा सिर कई जगह चोट लगाने के कारण हालत गम्भीर बनी हुई है। शाम को ही सीपी मोहित अग्रवाल ने ट्रामा सेंटर पहुंचकर दरोगा का हालत की जानकारी ली और सुरक्षा में पुलिस कर्मियों की तैनाती की।

BHU ट्रामा सेंटर पहुंचकर दरोगा का हालत की जानकारी लेते वाराणसी पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल

सीपी ने घटना को शर्मनाक बताया और कहा कठोर कार्यवही होगा। ज्ञातव्य है कि कचहरी के अधिवक्ताओं ने मंगलवार की दोपहर दो बजे बड़ागांव थाने के दरोगा मिथलेश प्रजापति (37) और कांस्टेबल राणा प्रसाद (27) को डीएम पोर्टिका में बेरहमी से पीटा और उनकी वर्दी फाड़ दी। इसके बाद एसीएम प्रथम कार्यालय में बंधक बनाकर रखा और पिटाई करते रहे। पुलिस ने किसी तरह दरोगा की जान बचाई और अस्पताल में भर्ती कराया।

घायल दरोगा का बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर में इलाज चल रहा है। दरोगा के सिर और चेहरे पर गंभीर चोट लगी है। सिपाही राणा प्रसाद का जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार कराया गया है। बीच बचाव करने पहुंचे एसीएम के हेड मोहर्रिर को भी पीटा गया है।

घटना की सूचना पाकर जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, अपर पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था शिवहरि मीणा ने बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों से बात की और चार थानों की पुलिस के साथ ही पीएसी लगाकर कचहरी को खाली कराया। उधर, पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने बीएचयू में भर्ती दरोगा की सेहत का हाल जाना। आरोपी अधिवक्ताओं की पहचान के लिए परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।

क्या है पूरा मामला

समाधान दिवस पर शनिवार को बड़ागांव थाने में पुआरी खुर्द निवासी मोहित सिंह मौर्य और प्रेम चंद्र मौर्य के बीच जमीन के विवाद का मामला पहुंचा था। पुलिस अधिकारियों के सामने ही दोनों पक्षों में मारपीट भी हुई थी। इसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों का शांतिभंग में चालान कर दिया था। मोहित सिंह मौर्य ने खुद को अधिवक्ता बताया था। पहले नाम पूछा, फिर किया हमला डीएम पोर्टिको के बाहर जुटे अधिवक्ताओं ने दरोगा और कांस्टेबल से नाम, थाना पूछा। जैसे ही पता चला कि दोनों बड़ागांव थाने से आए हैं, वैसे ही अधिवक्ताओं ने हमला बोल दिया। दरोगा मिथलेश और कांस्टेबल की जमकर पिटाई की। साथ ही दरोगा को पकड़ कर एसीएम प्रथम के चेंबर में ले गए और बंधक बना लिया। बीचबचाव करने वाले एसीएम तृतीय के मोहर्रिर को भी अधिवक्ताओं ने नहीं बख्शा और जमकर पीटा।

अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था शिवहरी मीणा ने आसपास के थानों की फोर्स बुलाई और चारों तरफ से कचहरी को घेर लिया गया। सख्ती से कचहरी परिसर को खाली कराया गया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button