परिवहन मंत्री दयाशंकर गोरखपुर में शीघ्र करेंगे आधुनिक बस अड्डा का शिलान्यास, सीएम के गृह जनपद में दिखेगा परिवहन निगम का विकास
गोरखपुर की यातायात व्यवस्था को मिलेगी नई दिशा बनेगा आधुनिक बस अड्डा

- माड़ापार में पांच एकड़ में बनेगा नया बस अड्डा
- शहर के भीतर जाम कम करने की बड़ी योजना
- बिहार रूट की बसों को भी शिफ्ट करने पर विचार
- नौसढ़ और बाघगाढ़ा में बस अड्डे का प्रस्ताव
- रेलवे बस स्टेशन को पीपीपी मॉडल पर विकसित करने की तैयारी
- पुरानी इमारत की मरम्मत और नई बिल्डिंग का प्रस्ताव
- रेलवे बस स्टेशन के सामने जाम पर मंत्री की चिंता
- सड़क पर बस खड़ी करने की व्यवस्था खत्म करने के निर्देश
गोरखपुर/बलिया। शहर की बढ़ती आबादी और यातायात के दबाव के बीच परिवहन व्यवस्था को व्यवस्थित और आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने विगत माह गोरखपुर में परिवहन निगम के क्षेत्रीय कार्यालय में अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक कर शहर की यातायात व्यवस्था, बस अड्डों के विकास और भविष्य की परिवहन योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। इस बैठक में शहर के बाहर माड़ापार क्षेत्र में लगभग पांच एकड़ भूमि पर एक नए और आधुनिक बस अड्डे के निर्माण का प्रस्ताव सामने आया, जिसे अधिकारियों ने शहर की ट्रैफिक समस्या के समाधान की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। बैठक में अधिकारियों को संबोधित करते हुए मंत्री ने स्पष्ट किया कि गोरखपुर जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में परिवहन ढांचे का विस्तार बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शहर के भीतर बसों के अत्यधिक आवागमन के कारण कई प्रमुख मार्गों पर जाम की समस्या बढ़ती जा रही है। ऐसे में शहर के बाहरी हिस्सों में बस अड्डों का विकास करके यातायात को व्यवस्थित करना समय की जरूरत है। माड़ापार क्षेत्र में प्रस्तावित बस अड्डे के लिए लगभग पांच एकड़ भूमि चिन्हित की गई है, जो वर्तमान में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधीन है। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि इस भूमि को जल्द ही परिवहन निगम को उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। मंत्री ने भी इस प्रक्रिया को शीघ्र पूरा कराने का आश्वासन दिया और कहा कि भूमि उपलब्ध होते ही बस अड्डे के निर्माण की योजना को आगे बढ़ाया जाएगा। माड़ापार, जो कि पिपराइच थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है, शहर के बाहरी हिस्से में स्थित है और यहां बस अड्डा बनने से शहर के अंदर आने वाले भारी वाहनों और बसों की संख्या में कमी आएगी। इससे गोरखपुर के प्रमुख मार्गों पर लगने वाले जाम से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। बैठक के दौरान परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक लव कुमार सिंह ने भी महत्वपूर्ण सुझाव रखते हुए कहा कि यदि भविष्य में बिहार के साथ परिवहन अनुबंध होता है, तो उस रूट की बसों का संचालन भी माड़ापार से किया जा सकता है। इससे अंतरराज्यीय बस सेवाओं का संचालन अधिक व्यवस्थित हो सकेगा और यात्रियों को भी बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। बैठक में केवल माड़ापार बस अड्डे की योजना ही नहीं, बल्कि शहर में अन्य संभावित बस अड्डों के विकास पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने नौसढ़ और बाघगाढ़ा क्षेत्र में भी बस अड्डा विकसित करने का प्रस्ताव रखा। उनका कहना था कि यदि इन स्थानों पर बस अड्डे विकसित किए जाते हैं तो बनारस और लखनऊ की ओर जाने वाली बसों का संचालन वहां से किया जा सकता है। इससे शहर के भीतर यातायात का दबाव और कम होगा। परिवहन मंत्री ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए कहा कि इन योजनाओं पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे इन प्रस्तावों का विस्तृत खाका तैयार करें, ताकि आने वाले समय में गोरखपुर की परिवहन व्यवस्था को और अधिक आधुनिक और व्यवस्थित बनाया जा सके। शहर में बढ़ती जाम की समस्या भी प्रमुख चर्चा का विषय रही। मंत्री ने विशेष रूप से रेलवे बस स्टेशन के सामने लगने वाले जाम पर चिंता व्यक्त की और अधिकारियों को निर्देश दिया कि बसों को सड़क पर खड़ा करने की व्यवस्था समाप्त की जाए। उन्होंने कहा कि यदि बसें सड़क पर खड़ी होंगी तो यातायात प्रभावित होगा, इसलिए इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिये। इस दौरान आरटीओ प्रवर्तन संजय कुमार झा, एआरटीओ प्रशासन अरुण कुमार, क्षेत्रीय प्रबंधक लव कुमार सिंह सहित परिवहन विभाग के कई अधिकारी उपस्थित रहे। इस बैठक को गोरखपुर की परिवहन व्यवस्था को सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

माड़ापार में बनेगा आधुनिक बस अड्डा
गोरखपुर शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारु और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने शहर के बाहर माड़ापार क्षेत्र में एक नए बस अड्डे के निर्माण की योजना बनाई है। प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने अधिकारियों के साथ बैठक कर इस योजना पर विस्तार से चर्चा की। प्रस्ताव के अनुसार माड़ापार क्षेत्र में लगभग पांच एकड़ भूमि पर आधुनिक सुविधाओं से युक्त बस अड्डा बनाया जाएगा। यह भूमि वर्तमान में लोक निर्माण विभाग के अधीन है, जिसे जल्द ही परिवहन निगम को उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा किया जाए ताकि परियोजना को समय पर शुरू किया जा सके।
शहर के जाम से मिलेगी राहत
गोरखपुर शहर में पिछले कुछ वर्षों में वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ी है। इसके कारण कई प्रमुख मार्गों पर जाम की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। परिवहन मंत्री ने बैठक में स्पष्ट कहा कि शहर के भीतर बसों की अधिक आवाजाही के कारण ट्रैफिक दबाव बढ़ रहा है। यदि बस अड्डों को शहर के बाहरी हिस्सों में विकसित किया जाता है तो यातायात को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। माड़ापार बस अड्डा बनने से विशेष रूप से अंतर जनपदीय और अंतरराज्यीय बसों को शहर में प्रवेश किए बिना ही संचालन की सुविधा मिल सकेगी।
बिहार रूट की बसें भी हो सकती हैं शिफ्ट
बैठक में परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक लव कुमार सिंह ने सुझाव दिया कि यदि बिहार के साथ परिवहन अनुबंध होता है तो उस रूट की बसों का संचालन माड़ापार बस अड्डे से किया जा सकता है। कहा कि इससे बिहार जाने वाले यात्रियों को भी बेहतर सुविधा मिलेगी और शहर के भीतर ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा। नौसढ़ और बाघगाढ़ा में भी बस अड्डे का प्रस्ताव
बैठक के दौरान अधिकारियों ने नौसढ़ और बाघगाढ़ा क्षेत्र में भी बस अड्डे विकसित करने का प्रस्ताव रखा।
अधिकारियों का कहना था कि यदि इन क्षेत्रों में बस अड्डे बनाए जाते हैं तो बनारस और लखनऊ की ओर जाने वाली बसों का संचालन वहां से किया जा सकता है।
मंत्री ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इन स्थानों पर बस अड्डे विकसित करने की संभावना का अध्ययन कराया जाएगा।
रेलवे बस स्टेशन को पीपीपी मॉडल पर विकसित करने की योजना
बैठक में रेलवे बस स्टेशन के विकास को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई। अधिकारियों ने प्रस्ताव रखा कि इस बस अड्डे को पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर विकसित किया जाए। इस योजना के तहत लगभग तीन एकड़ क्षेत्र में आधुनिक सुविधाओं से युक्त बस अड्डा विकसित किया जाएगा। पुरानी इमारतों को हटाकर नई संरचनाएं बनाई जाएंगी, जबकि शेष लगभग डेढ़ एकड़ भूमि पर भी नई योजना तैयार की जाएगी।
नई बिल्डिंग के लिए भेजा जाएगा प्रस्ताव
परिवहन मंत्री ने परिवहन निगम के क्षेत्रीय कार्यालय की पुरानी इमारत की स्थिति पर भी चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कार्यालय की मरम्मत और नई बिल्डिंग के निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार कर जल्द भेजा जाए। मंत्री ने कहा कि इस कार्य के लिए बजट की कोई कमी नहीं है और प्रस्ताव मिलते ही आवश्यक धनराशि जारी कर दी जाएगी।
जाम की समस्या पर मंत्री की सख्ती
बैठक में शहर के भीतर लगने वाले जाम की समस्या पर भी गंभीर चर्चा हुई। विशेष रूप से रेलवे बस स्टेशन के सामने लगने वाले जाम को लेकर मंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बसों को सड़क पर खड़ा करने की व्यवस्था तत्काल समाप्त की जाए।
वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश
मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि यदि बसों के खड़े होने के लिए पर्याप्त स्थान नहीं है तो इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक नई योजनाएं पूरी नहीं हो जातीं तब तक अस्थायी व्यवस्था के माध्यम से यातायात को सुचारु बनाए रखा जाए।
• परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने गोरखपुर में परिवहन अधिकारियों के साथ बैठक की
• माड़ापार में पांच एकड़ भूमि पर नए बस अड्डे का प्रस्ताव
• भूमि पीडब्ल्यूडी की, जल्द परिवहन निगम को हस्तांतरित करने की तैयारी
• बिहार रूट की बसों को माड़ापार से चलाने का सुझाव
• नौसढ़ और बाघगाढ़ा में भी बस अड्डा विकसित करने का प्रस्ताव
• रेलवे बस स्टेशन को पीपीपी मॉडल पर विकसित करने की योजना
• क्षेत्रीय कार्यालय की नई बिल्डिंग निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजने के निर्देश
• शहर में जाम की समस्या कम करने पर विशेष जोर
• सड़क पर बस खड़ी करने पर रोक लगाने के निर्देश
• बैठक में आरटीओ, एआरटीओ और परिवहन निगम के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद




