
बड़ागांव और फूलपुर पुलिस की सयुक्त टीम को मिली सफलता
यूपी, बिहार और बंगाल तक फैला है नेटवर्क,नौ आपराधिक मुकदमे दर्ज है
वाराणसी। बड़ागांव और फूलपुर पुलिस की सयुक्त टीम ने बुधवार को मुठभेड़ के दौरान पशु तस्कर गोविंद सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। उसे पैर में गोली लगी है। अस्पताल में भर्ती कराया गया है, वह बिहार के कैमूर का रहने वाला और उस पर 25 हजार का इनाम बताया गया है। पुलिस की यह कार्रवाही बड़ागांव थाना क्षेत्र के रामेश्वर के निकट वरुणा पुल के पास की बतायी गयी है। पूछताछ में उसने उत्तर प्रदेश, बिहार और बंगाल तक फैले गौ-तस्करी नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी है। बिहार के कैमूर निवासी गोविंद सिंह के खिलाफ नौ आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। गोमती जोन के डीसीपी आकाश पटेल ने बताया कि बड़ागाव ,फूलपुर की संयुक्त पुलिस टीम ने रामेश्वर के निकट वरुणा पुल के पास दबिश दी। इस दौरान बदमाश ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाबी फायरिंग में गोविंद के पैर में गोली लगी। आरोपी का पूर्वी यूपी के कई जिलों में नेटवर्क है। उस पर अलग- अलग जिलों में नौ आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पूछताछ में उसने उत्तर प्रदेश, बिहार और बंगाल तक फैले गौ-तस्करी नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी है। गोमती जोन के डीसीपी आकाश पटेल के अनुसार पशु तस्करी का नेटवर्क पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों से लेकर बिहार और पश्चिम बंगाल तक फैला हुआ है। गोविंद सिंह की शुरूआत एक ‘स्पॉटर’ के रूप में हुई थी, यह गाड़ियों के आगे-आगे चलकर पुलिस चेकिंग की जानकारी देता था। धीरे-धीरे इसने स्वतंत्र रूप से अवैध पशु परिवहन की व्यवस्था शुरू कर दी और ट्रांसपोर्टर की भूमिका निभाने लगा और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अपना नेटवर्क फैला लिया। इसके द्वारा बताया गया कि उत्तर प्रदेश से 500- 600 में खरीदे गये चोरी के संरक्षित पशुओं को बिहार के मेले में 10,000 रुपये तक में बेची जाती है और बंगाल पहुंचने पर इनकी कीमत और अधिक बढ़ जाती है। गोविंद का भाई राजू सिंह भी पशु तस्कर है, जो पहले से जेल में है।




