
● वीडीए उपाध्यक्ष ने एकीकृत मंडलीय कार्यालय भवन हेतु 11 स्थलों का किया निरीक्षण
● प्रशासनिक सुगमता की नई पहल मिलेगा नया आयाम
● सभी मंडलीय कार्यालय एक ही कैंपस में होंगे एकीकृत
● 11 चिन्हित स्थलों पर मौद्रिकरण की प्रक्रिया तेज
● शासन के निर्देश पर नीलामी प्रक्रिया शीघ्र
● 35 हजार वर्ग मीटर भूमि का प्रस्ताव, विकास को मिलेगी रफ्तार
● वीडीए की पारदर्शी कार्यशैली पर फिर लगी सकारात्मक मुहर
◆ अमित मौर्य
वाराणसी। वीडीए में सुशासन और पारदर्शी प्रशासन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए एकीकृत मंडलीय कार्यालय भवन की योजना को जमीन पर उतारने की प्रक्रिया तेज कर दी है। शहर में फैले विभिन्न विभागों को एक ही आधुनिक परिसर में स्थानांतरित करने की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 5 दिसंबर 2025 को वीडीए उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने कुल 11 संभावित स्थलों का निरीक्षण किया। शासन द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुरूप इन स्थलों का मौद्रिकरण किया जाएगा, ताकि वाराणसी को एक अत्याधुनिक प्रशासनिक संरचना उपलब्ध कराई जा सके। लगभग 35 हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल में प्रस्तावित इस एकीकृत परिसर में उद्यान विभाग से लेकर जल निगम (ग्रामीण) तक कुल 11 प्रमुख मंडलीय कार्यालयों को स्थान मिलेगा। इनमें से तीन विभागों की भूमि को पहले चरण में नीलाम किया जाएगा, जबकि शेष विभागों के शिफ्ट होने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। निरीक्षण में वीडीए की टीम, राजस्व विभाग के अधिकारी और सलाहकार भी शामिल रहे। इस पूरी पहल को ‘वाराणसी के प्रशासनिक तंत्र को अगले दशक की जरूरतों के अनुरूप ढालने के रूप में देखा जा रहा है।
एकीकृत मंडलीय कार्यालय भवन की महत्वाकांक्षी परियोजना निर्णायक चरण में
काशी की धरती पर विकास कार्यों की गति एक बार फिर तेज दिखाई दे रही है। शहर में प्रशासनिक सुगमता और आम नागरिकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए वाराणसी विकास प्राधिकरण ने एकीकृत मंडलीय कार्यालय भवन की महत्वाकांक्षी परियोजना को अब निर्णायक चरण की ओर बढ़ा दिया है। इसी दिशा में शुक्रवार 5 दिसंबर 2025 को वीडीए उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने कुल 11 चिन्हित स्थलों का विस्तृत निरीक्षण किया। इन स्थलों का चयन इस उद्देश्य से किया गया है कि मौद्रिकरण के बाद एक ऐसा केंद्रीकृत प्रशासनिक परिसर तैयार किया जा सके, जहां दर्जनों विभागों का कामकाज एक ही छत के नीचे, तेज और पारदर्शी तरीके से संचालित हो सके।
क्यों जरूरी एकीकृत मंडलीय कार्यालय भवन?
वाराणसी मंडल में प्रशासनिक विभागों का ढांचा वर्षों से बिखरा हुआ है। उद्यान विभाग कहीं, शिक्षा विभाग कहीं और जल निगम के ग्रामीण कार्यालय किसी अन्य स्थान पर संचालित होते हैं। इससे न केवल विभागों को समन्वय में कठिनाई होती है, बल्कि आम नागरिकों को भी इधर-उधर भटकना पड़ता है। शासन ने इस स्थिति को सुधारने के लिए एकीकृत कार्यालय भवन का प्रस्ताव रखा, जिसे वीडीए ने प्राथमिकता परियोजना के रूप में अपनाया। इस भवन में उद्यान विभाग, संयुक्त कृषि निदेशक, आबकारी विभाग, व्यवसायिक शिक्षा, पीडब्ल्यूडी, एलटी कॉलेज, बीएसए कार्यालय, उद्योग विभाग, श्रमायुक्त कार्यालय, बचत कार्यालय व जल निगम (ग्रामीण) कार्यालय होंगे। इन सभी को स्थान मिलने की संभावना है। कुल 35 हजार वर्ग मीटर से अधिक भूमि इस प्रस्ताव में शामिल है, जो इसे वाराणसी का अब तक का सबसे बड़ा प्रशासनिक कॉम्प्लेक्स होगा। उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने जिन 11 स्थलों का निरीक्षण किया, उनका आकलन भूमि की स्थिति, पहुंच मार्ग, उपयोगिता, विभागीय आवश्यकताओं और भविष्य की विस्तार क्षमता को ध्यान में रखते हुए किया गया। निरीक्षण के दौरान उपाध्यक्ष के साथ अपर सचिव डॉ. गुडाकेश शर्मा, तहसीलदार सुनील कुमार श्रीवास्तव, राजस्व निरीक्षक सत्तार अली अंसारी और सलाहकार प्रभाकर पांडे मौजूद रहे।
तीन विभाग की भूमि तत्काल नीलामी के लिए तैयार
निरीक्षण के दौरान वीडीए उपाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि तीन विभाग ऐसे हैं जिनकी भूमि तत्काल नीलामी के लिए तैयार है। शेष विभागों को चरणबद्ध तरीके से स्थानांतरित किया जाएगा, जिसके बाद उनकी भूमि भी मौद्रिकरण के दायरे में लाई जाएगी। वीडीए शीघ्र ही शासन को विस्तृत प्रतिवेदन भेजेगा, जिसके आधार पर अंतिम भूमि आवंटन और नीलामी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। वाराणसी विकास प्राधिकरण वर्तमान में शहर के कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहा है। सिंहद्वार-भेलूपुर कॉरिडोर, नए ट्रांसपोर्ट नगर का विकास कार्य, शहरी आवागमन सुधार योजनाएं, पार्किंग व सड़क चौड़ीकरण प्रोजेक्ट। इन परियोजनाओं के सुचारु संचालन के लिए वित्तीय मजबूती आवश्यक है। मौद्रिकरण की प्रक्रिया से वीडीए के पास अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध होंगे, जिससे न केवल एकीकृत भवन बल्कि शहर की अन्य योजनाओं की प्रगति भी तेज होगी।
एकीकृत भवन प्रशासनिक कार्यप्रणाली को बेहतर बनाएगा
यह भवन प्रशासनिक कार्यप्रणाली को कई स्तरों पर बेहतर बनाएगा। एक स्थान ही पर सभी सेवाएं मिलेंगी।
नागरिकों को किसी समस्या के समाधान लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। एक ही परिसर में सभी विभागों के पहुंचने से समय और संसाधनों की बचत होगी। ई-ऑफिस और स्मार्ट मॉनिटरिंग से अत्याधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी ढांचा होगा, जिससे फाइलों के निस्तारण में तेजी आएगी।
विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ एक-दूसरे के बेहतर तालमेल से काम कर सकेंगे। शहर के मुख्य हिस्सों में ट्रैफिक दबाव कम होगा। कई विभाग अभी भीड़भाड़ वाली जगहों पर स्थित हैं। इनके स्थानांतरण से शहरी यातायात में सुधार होगा। विकास योजनाओं में तेजी आएगी। समन्वित प्रशासनिक संरचना से निर्णय लेने में तेजी आएगी, जिससे वाराणसी के विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ेगी। वीडीए उपाध्यक्ष द्वारा किए गए इस निरीक्षण में जो सबसे महत्वपूर्ण बात सामने आई, वह है कार्यशैली की पारदर्शिता और तत्परता। निरीक्षण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि स्थल-विश्लेषण, विभागीय प्राथमिकताओं और आगामी वित्तीय रणनीति का वास्तविक अभ्यास था। योजना को लंबित रखने या कागजों में दबाकर छोड़ देने की बजाय वीडीए ने इसे फील्ड पर उतारकर दिखाया कि शहर का विकास केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि जमीन पर होने वाली गतिविधियों से आगे बढ़ता है। आज वाराणसी ऐसे मोड़ पर खड़ी है, जहां वह न सिर्फ सांस्कृतिक राजधानी है, बल्कि आधुनिक प्रशासन का आदर्श मॉडल भी बन सकती है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद काशी प्रशासनिक दक्षता में भी एक नई मिसाल कायम करेगी।
निरीक्षण के बाद वीडीए की टीम पूरी सक्रियता के साथ रिपोर्ट तैयार कर रही है। शासन द्वारा अनुमोदन मिलते ही पहले चरण की नीलामी शुरू होगी। भवन के लिए मास्टर प्लान जारी किया जाएगा। निर्माण एजेंसी के चयन के साथ ही 2026-27 तक निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
* वीडीए उपाध्यक्ष ने 11 संभावित स्थलों का निरीक्षण किया
* एकीकृत मंडलीय कार्यालय भवन में 11 विभागों को मिलेगा स्थान
* कुल 35 हजार वर्ग मीटर भूमि मौद्रिकरण के लिए प्रस्तावित
* तीन विभागों की भूमि की तुरंत नीलामी होगी
* शेष विभागों के स्थानांतरण के बाद अगला चरण शुरू
* परियोजना से प्रशासनिक दक्षता, पारदर्शिता और जनसुविधा में वृद्धि
* वीडीए की यह पहल वाराणसी के भविष्य के प्रशासनिक मॉडल को मजबूत करेगी



