पूर्ण बोरा का चला डंडा, अवैध प्लाटर हुए ठंडा: अवैध प्लाटिंग पर वाराणसी विकास प्राधिकरण का बड़ा प्रहार, कई बीघे चला में ध्वस्तीकरण का अभियान

● पूर्ण बोरा का चला डंडा, अवैध प्लाटर हुए ठंडा:
● अवैध प्लाटिंग पर वाराणसी विकास प्राधिकरण का बड़ा प्रहार, कई बीघे चला में ध्वस्तीकरण का अभियान
● वीडीए उपाध्यक्ष के निर्देश पर पांचों जोन में एकसाथ कार्रवाई
● बिना ले-आउट स्वीकृति विकसित हो रहीं 200 से अधिक अवैध प्लाटिंग चिन्हित
● शिवपुर, सारनाथ, दशाश्वमेध, नगवां और मुगलसराय जोन में बुलडोजर चला
● धारा-27 के तहत हुई सख्त कानूनी कार्रवाई
● माफियाओं में हड़कंप, खरीदारों को सतर्क रहने की चेतावनी
● वीडीए का साफ संदेश मानचित्र व ले-आउट के बिना निर्माण नहीं बचेगा
◆ अमित मौर्या
वाराणसी। अवैध प्लाटिंग के खिलाफ लंबे समय से अपेक्षित सख्त कार्रवाई अब ज़मीन पर दिखाई देने लगी है। वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) ने यह स्पष्ट कर दिया है कि शहर के नियोजित विकास से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्राधिकरण उपाध्यक्ष द्वारा दिए गए स्पष्ट और सख्त निर्देशों के क्रम में जनपद के सभी पांचों जोन की प्रवर्तन टीम ने एकसाथ अभियान चलाते हुए अवैध प्लाटिंग पर निर्णायक प्रहार किया है। इस कार्रवाई के तहत कुल 29 बीघा क्षेत्रफल में विकसित की जा रही अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त कर दिया गया। यह कार्रवाई न केवल अवैध कॉलोनाइजरों के लिए चेतावनी है, बल्कि उन आम नागरिकों के लिए भी एक स्पष्ट संदेश है जो बिना वैधानिक जांच-पड़ताल के सस्ते प्लॉट के झांसे में आ जाते हैं। वीडीए ने यह भी स्वीकार किया है कि प्राधिकरण क्षेत्र में अब तक 200 से अधिक अवैध प्लाटिंग चिन्हित की जा चुकी हैं, जिन पर चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई की जाएगी। यह आंकड़ा अपने आप में बताता है कि किस तरह नियोजन नियमों को ताक पर रखकर शहर के चारों ओर अनियंत्रित बसावट का खेल खेला जा रहा था। कार्रवाई में शिवपुर से लेकर सारनाथ, दशाश्वमेध, नगवां और मुगलसराय तक फैले क्षेत्रों में अवैध कॉलोनाइजरों की गतिविधियों को ध्वस्त किया गया। खास बात यह रही कि यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 की धारा-27 के तहत की गई, जिससे यह स्पष्ट है कि कार्रवाई केवल प्रतीकात्मक नहीं बल्कि पूरी तरह वैधानिक और ठोस आधार पर की गई। वीडीए उपाध्यक्ष श्री बोरा ने इस अवसर पर दो टूक शब्दों में कहा कि वाराणसी का विकास केवल नियमों के दायरे में ही होगा। उन्होंने आम जनता से अपील की कि भूमि खरीदने से पहले उसका लैंडयूज आवासीय होना, न्यूनतम 9 मीटर चौड़ा पहुंच मार्ग, और ले-आउट की विधिवत स्वीकृति अनिवार्य रूप से जांच लें। यह अभियान वाराणसी के नियोजित विकास की दिशा में एक निर्णायक कदम के रूप में देखा जा रहा है, जिसने यह भरोसा पैदा किया है कि अब अवैध निर्माण और प्लाटिंग का खेल ज्यादा दिन नहीं चल पाएगा। वाराणसी विकास प्राधिकरण द्वारा चलाया गया यह अभियान बीते कई वर्षों में अवैध प्लाटिंग के खिलाफ की गई सबसे व्यापक और संगठित कार्रवाई मानी जा रही है। प्राधिकरण उपाध्यक्ष के स्पष्ट निर्देशों के बाद सभी जोन की प्रवर्तन टीमों को एक साथ मैदान में उतारा गया, जिससे यह संदेश गया कि अब कार्रवाई चुनिंदा नहीं बल्कि सर्वव्यापी होगी।
शिवपुर क्षेत्र में दो बड़ी अवैध प्लाटिंग ध्वस्त
जोन-1 अंतर्गत वार्ड शिवपुर के मौजा अहरक में जामा मस्जिद के पूर्व की ओर अज्ञात व्यक्ति द्वारा लगभग 4 बीघा क्षेत्र में बिना किसी स्वीकृत ले-आउट के प्लाटिंग विकसित की जा रही थी। वहीं मौजा जमालपुर में संजय मोटेल के पास रंजीत सिंह द्वारा लगभग 5 बीघा क्षेत्र में अवैध कॉलोनी बसाने का प्रयास किया जा रहा था। दोनों ही स्थानों पर प्रवर्तन टीम ने मशीनों के माध्यम से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की।
सारनाथ क्षेत्र में संगठित अवैध प्लाटिंग नेटवर्क पर प्रहार
जोन-2 के अंतर्गत वार्ड सारनाथ के मौजा उदयपुर और गोसाईपुर में एक संगठित नेटवर्क के तहत अवैध प्लाटिंग की जा रही थी। यहां सबलू सिंह द्वारा 3 बीघा, सतीश सिंह द्वारा 1 बीघा तथा दिनेश पटेल, पप्पू सिंह और सतेंद्र मौर्य द्वारा संयुक्त रूप से 3 बीघा में प्लाटिंग विकसित की जा रही थी। कुल 7 बीघा क्षेत्र में फैले इस अवैध कार्य को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया।
दशाश्वमेध क्षेत्र में दूर-दराज फैल रहा था अवैध खेल
वार्ड दशाश्वमेध के मौजा गंजारी (हरपुर) में गंजरी स्टेडियम से लगभग 5 किलोमीटर आगे रामनाथ पटेल द्वारा करीब 4 बीघा क्षेत्र में बिना ले-आउट स्वीकृति के प्लाटिंग की जा रही थी। इस क्षेत्र में भविष्य में बड़ी आबादी बसाने की तैयारी थी, जिसे समय रहते रोक दिया गया।
नगवां क्षेत्र में 7 बीघा की अवैध प्लाटिंग ध्वस्त
जोन-4 के अंतर्गत वार्ड नगवां के मौजा सगहट में राम विलास पटेल व अन्य द्वारा लगभग 7 बीघा क्षेत्र में अवैध कॉलोनी विकसित की जा रही थी। यहां भी बिना किसी वैधानिक स्वीकृति के सड़कें काटी जा रही थीं, जिन्हें पूरी तरह ध्वस्त किया गया।
मुगलसराय में ‘ड्रीम सिटी’ का सपना टूटा
जोन-5 अंतर्गत वार्ड मुगलसराय के मौजा अलीनगर में मुगलसराय रेलवे लाइन के पास कान्हा ड्रीम सिटी के नाम से लगभग 6 बीघा क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग विकसित की जा रही थी। आकर्षक नाम और प्रचार के सहारे आम लोगों को फंसाने की तैयारी थी, लेकिन वीडीए की कार्रवाई ने इस ‘ड्रीम’ को समय रहते तोड़ दिया।
कानूनी आधार और प्रशासनिक मौजूदगी
यह पूरी कार्रवाई 15 दिसंबर 2025 को यूपी नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम 1973 की धारा-27 के अंतर्गत की गई। मौके पर सचिव डॉ. वेद प्रकाश मिश्रा, अपर सचिव डॉ. गुडाकेश शर्मा, सहायक नगर नियोजक सौरभ जोशी, जोनल अधिकारी शिवाजी मिश्रा, प्रकाश कुमार, सौरभ देव प्रजापति, अवर अभियंता रोहित कुमार, आदर्श कुमार निराला, रविन्द्र प्रकाश तथा वर्तिका दूबे की उपस्थिति रही।
वीडीए उपाध्यक्ष का स्पष्ट संदेश
वीडीए उपाध्यक्ष श्री बोरा ने कहा कि भूमि खरीदने से पहले लोग अनिवार्य रूप से लैंडयूज की जांच कराएं। उन्होंने बताया कि प्राधिकरण में ले-आउट जमा करने के बाद 7 दिवस के भीतर स्वीकृति प्रदान की जाती है। बिना मानचित्र स्वीकृत कराए किसी भी प्रकार का निर्माण किया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
* अवैध प्लाटिंग के खिलाफ अब नोटिस नहीं, सीधी कार्रवाई
* 33 बीघा में ध्वस्तीकरण से माफियाओं में खलबली
* 200 से अधिक अवैध प्लाटिंग पर कार्रवाई की तैयारी
* नियमों के दायरे में विकास का स्पष्ट संदेश
* खरीदारों को चेतावनी सस्ता प्लॉट महंगा पड़ सकता है।
* वीडीए की कार्रवाई से नियोजित विकास की उम्मीद मजबूत




