पूर्ण बोरा ने कहा ट्रांसपोर्ट नगर योजना को करे गतिमान, अवैध प्लाटिंग पर कसकर लगाएं लगाम

● पूर्ण बोरा ने कहा ट्रांसपोर्ट नगर योजना को करे गतिमान, अवैध प्लाटिंग पर लगाये कसकर लगाम
● निर्धारित समय-सीमा में 100 फीसदी कार्य पूरा करने का निर्देश
● ओवरहेड टैंक, राइजिंग मेन व वाटर सप्लाई पूर्ण करने की अंतिम समय-सीमा तय
● 33/11 केवी उपकेंद्र लाइन निर्माण में सुस्ती पर टेंडर निरस्त करने का निर्देश
● पार्किंग निर्माण में देरी पर वीडीए की कड़ी नाराज़गी
● अवैध प्लॉटिंग रोकने हेतु विशेष कार्यशाला, मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया सरल
● वैध प्लॉटिंग से भूमि मूल्य बढ़ेगा, नागरिकों को मिलेगा लाभ
◆ अमित मौर्य
वाराणसी/ वीडीए ने शहर के सुनियोजित विकास की दिशा में एक बार फिर अपनी सक्रियता और प्रतिबद्धता का स्पष्ट संदेश दिया है। ट्रांसपोर्ट नगर योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने तथा अवैध प्लॉटिंग पर अंकुश लगाने के लिए 2 दिसंबर 2025 को उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा की अध्यक्षता में दो महत्वपूर्ण बैठकों का आयोजन हुआ। पहली बैठक में ट्रांसपोर्ट नगर योजना के अंतर्गत चल रहे सभी विकास कार्यों की चरणबद्ध समीक्षा की गई, जबकि दूसरी बैठक में शहर भर में अवैध प्लॉटिंग की रोकथाम और मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाने पर विचार हुआ। उपाध्यक्ष बोरा ने स्पष्ट चेतावनी दी कि समय-सीमा ही सर्वोच्च प्राथमिकता है। कोई भी ठेकेदार या विभाग लापरवाही बरतने की स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। वहीं दूसरी ओर, कई वर्षों से अवैध प्लॉटिंग के कारण परेशान नागरिकों को राहत देते हुए उन्होंने भू-स्वामियों, खरीदारों और प्लॉटिंग करने वालों के लिए एक बेहतर, सुरक्षित और पारदर्शी व्यवस्था का खाका भी रखा। वीडीए एक ओर विकास कार्यों को समय-सीमा के फ्रेम में पूरा कराने पर डटा है, तो दूसरी ओर अवैध निर्माण माफियाओं पर नकेल कसकर आम नागरिकों को सुरक्षित निवेश और बेहतर नागरिक सुविधाएं देने की दिशा में बड़े बदलाव की शुरुआत कर चुका है।
ट्रांसपोर्ट नगर योजना को मिली नई गति
वाराणसी के समग्र विकास की सबसे महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक ट्रांसपोर्ट नगर एक बार फिर तेज रफ्तार पकड़ने जा रही है। 2 दिसंबर 2025 को वीडीए उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा द्वारा ली गई महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक, जिसमें न केवल कार्यों की प्रगति का आकलन किया गया, बल्कि ठेकेदारों को समय-सीमा में कार्य पूरा करने की कड़ी हिदायत भी दी गई। बैठक में उपस्थित ठेकेदारों और अभियंताओं के बीच उपाध्यक्ष की यह बात साफ थी। समय-सीमा पवित्र है, और गुणवत्ता सर्वोपरि। दोनों पर एक कदम भी पीछे हटने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
8 जनवरी तक रिटेनिंग वॉल का 100 फीसदी निर्माण पूर्ण करने का निर्देश
समीक्षा बैठक में पाया गया कि कुछ हिस्सों में रिटेनिंग वॉल का निर्माण धीमी गति से चल रहा है। उपाध्यक्ष बोरा ने साफ शब्दों में कहा कि 8 जनवरी तक यह कार्य पूरे 100 प्रतिशत के साथ पूर्ण होना चाहिए। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि निर्धारित तिथि के बाद देरी पाए जाने पर भारी जुर्माना और ठोस कार्यवाही दोनों लागू किए जाएंगे। वीडीए की यह सख्ती इसलिए आवश्यक है क्योंकि यह दीवार पूरे ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र की संरचना और सुरक्षा का मूल आधार है। देरी का मतलब संपूर्ण योजना को खतरे में डालना, जिसे प्राधिकरण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं करेगा।
ओवरहेड टैंक और वाटर सप्लाई नेटवर्क नई समय-सीमा 28 अगस्त
500 किलो लीटर क्षमता वाले तीन ओवरहेड टैंकों, राइजिंग मेन और संपूर्ण जलापूर्ति नेटवर्क को पूरा करने की अंतिम तिथि 28 अगस्त तय की गई है। प्राधिकरण का यह निर्णय शहर के परिवहन हब में जलापूर्ति व्यवस्था को आधुनिक और वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप तैयार करने के उद्देश्य से लिया गया है। टैंक भविष्य में ट्रांसपोर्ट नगर में होने वाली भारी गतिविधियों और जनसंख्या वृद्धि को ध्यान में रखते हुए बनाए जा रहे हैं। तय समय में इनका निर्माण पूरा होना न केवल तकनीकी दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह परियोजना के भविष्य के संचालन के लिए भी निर्णायक बिंदु है।
33/11 केवी उपकेंद्र लाइन निर्माण में सुस्ती टेंडर निरस्त करने का आदेश
सबसे अधिक नाराजगी उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने विद्युत लाइन निर्माण को लेकर व्यक्त की। ठठरा (कछवां) स्थित 200 केवी उपकेंद्र से प्रस्तावित तीनों उपकेंद्र तक ओवरहेड लाइन निर्माण में लगभग कोई प्रगति नहीं दिखी। यह स्थिति देखकर उपाध्यक्ष ने साफ कहा
जहां प्रगति नहीं, वहां टेंडर भी नहीं। तुरंत प्रभाव से टेंडर निरस्त कर पुनः प्रक्रिया शुरू की जाए। यह निर्णय न केवल लापरवाही पर प्रहार है, बल्कि इससे यह भी स्पष्ट होता है कि भविष्य में ठेकेदारों को गुणवत्ता और समय-सीमा के बीच अपनी प्राथमिकता तय करनी होगी।
डेट एक्सटेंशन के बाद भी पार्किंग निर्माण में देरी पर जुर्माने की चेतावनीट्रां
सपोर्ट नगर में पार्किंग निर्माण योजना के सबसे महत्वपूर्ण हिस्सों में से एक है। इसकी धीमी प्रगति देखकर उपाध्यक्ष ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि डेट एक्सटेंशन के बाद भी देरी जारी रही, तो भारी जुर्माना लगाने की प्रक्रिया स्वचालित रूप से शुरू होगी। यह कदम ट्रांसपोर्ट नगर परियोजना के केंद्र बिंदु यातायात सुगमता को सुनिश्चित करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
अवैध प्लॉटिंग पर कड़ा रुख नागरिकों को राहत देने की नई पहलदू
सरी महत्वपूर्ण कार्यशाला में उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने शहर में व्यापक स्तर पर फैल चुकी अवैध प्लॉटिंग पर चिंता व्यक्त करते हुए एक ठोस कार्रवाई योजना प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि अवैध प्लॉटिंग न केवल शहर के विकास को अवरुद्ध करती है, बल्कि आम नागरिकों की आजीवन कमाई को फंसा देती है। इसे रोकने की जिम्मेदारी उतनी ही हमारी है, जितनी नागरिकों की। इसलिए हम वेलिडेशन और स्वीकृति की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाकर इसे सुधार रहे हैं।
वैध प्लॉटिंग के लाभ निवेश सुरक्षित, भू-मूल्य दोगुना
कार्यशाला में बताया गया कि वैध प्लॉटिंग से भूमि का मूल्य स्वाभाविक रूप से बढ़ता है। खरीदारों को बैंक लोन आसानी से मिलता है, मानचित्र स्वीकृति सरल होती है, क्षेत्र का विकास नियोजित ढंग से होता है, नागरिकों को सड़क, पार्क, जल-निकासी जैसी मूलभूत सुविधाएं मिलती है। इन सभी बिंदुओं से स्पष्ट है कि वीडीए अब न केवल रोकथाम कर रहा है, बल्कि प्लॉटिंग क्षेत्र में एक स्थायी और सुरक्षित व्यवस्था भी स्थापित कर रहा है।
नए मानक 9 मीटर रोड, 15 फीसदी पार्क, रिस्ट्रिक्टेड एरिया से बाहर
उपाध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि आवासीय प्लॉटिंग के लिए 9 मीटर चौड़ी सड़क अनिवार्य है। कुल भूमि का 15 फीसदी क्षेत्र पार्क के लिए, अप्रोच मार्ग 9 मीटर, भूमि महायोजना में आवासीय उपयोग में दर्ज हो, बाढ़ क्षेत्र या गंगा के डूब क्षेत्र में प्लॉटिंग पूरी तरह प्रतिबंधित नहीं होना चाहिए। इन नियमों का पालन न केवल शहर को सुव्यवस्थित बनाएगा, बल्कि भविष्य के विकास को भी वैज्ञानिक ढंग से दिशा देगा। बैठक में सचिव डॉ. वेद प्रकाश मिश्रा, अधीक्षण अभियंता अजय पंवार, अधिशासी अभियंता अरविंद शर्मा, तथा विद्युत विभाग से अधिशासी अभियंता लाला सतीश सुमन मौजूद रहे। उनकी उपस्थिति यह दर्शाती है कि प्राधिकरण इस योजना को शीर्ष प्राथमिकता पर रखता है।
* 8 जनवरी तक रिटेनिंग वॉल निर्माण के 100 फीसदी कार्य पूर्ण करने का निर्देश।
* 500 किलो लीटर के तीन ओवरहेड टैंक व वाटर सप्लाई कार्य की अंतिम तिथि 28 अगस्त तय
* 33/11 केवी उपकेंद्र लाइन निर्माण में सुस्ती पर टेंडर निरस्त करने का निर्देश।
* पार्किंग निर्माण में देरी पर वीडीए की कड़ी नाराजगी।
* अवैध प्लॉटिंग रोकने हेतु विशेष कार्यशाला
* मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और जनहित में
* वैध प्लॉटिंग से भूमि मूल्य वृद्धि व सुरक्षित निवेश
* 9 मीटर सड़क और 15 फीसदी पार्क क्षेत्र के लिए अनिवार्य।
* बाढ़ क्षेत्र और गंगा डूब क्षेत्र में प्लॉटिंग पूर्ण प्रतिबंधित




