पूर्ण बोरा ने किया लालपुर योजना का निरीक्षण, गुणवत्ता व पारदर्शिता जारी है इनका पर्यवेक्षण
वीडीए उपाध्यक्ष द्वारा औचक निरीक्षण के दौरान कार्य की हर बारीकी पर रख रहे पैनी नजर

● ड्रेनेज, सड़क और भवन पर वीसी ने लिया फील्ड रिपोर्ट का अपडेट
● गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं अभियंताओं को सख्त हिदायत
● मानचित्र-विरुद्ध निर्माण पर जीरो टॉलरेंस, विधिक कार्रवाई के निर्देश
● निर्माणकर्ताओं को समयबद्ध कार्य पूर्ण करने की चेतावनी
◆ अमित मौर्य
वाराणसी। वीडीए उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने रविवार को विकास की रफ्तार और पारदर्शिता की दिशा में अहम कदम बढ़ाते हुए लालपुर आवासीय योजना का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ड्रेनेज, भवन उपविधियों, निर्माण गुणवत्ता और अधोसंरचना की मजबूती की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि वीडीए की प्राथमिकता केवल निर्माण नहीं, बल्कि नागरिकों को सुरक्षित, आधुनिक और मानक अनुरूप आवासीय वातावरण देना है। वीडीए की ओर से शहर के आवासीय क्षेत्रों के नियोजित विकास को लेकर निरंतर अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आज 9 नवंबर 2025 रविवार को उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने लालपुर आवासीय योजना का व्यापक निरीक्षण किया। यह निरीक्षण न केवल एक रूटीन समीक्षा थी, बल्कि इसका उद्देश्य प्राधिकरण की योजनाओं की गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही की नई परिभाषा तय करना था।
योजना क्षेत्र का सघन निरीक्षण
सुबह से ही लालपुर योजना क्षेत्र में निर्माण कार्यों की गति और गुणवत्ता को लेकर उपाध्यक्ष की टीम सक्रिय रही। उपाध्यक्ष ने मौके पर जाकर ड्रेनेज लाइन, सड़क निर्माण, प्लॉट व्यवस्था, भवन उपविधियों और जल निकासी प्रणाली की बारीकी से जांच की। उन्होंने पाया कि कुछ स्थानों पर ड्रेनेज की ढाल उचित नहीं है, जिस पर तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी स्थिति में नागरिकों को जलभराव या असुविधा का सामना नहीं करना चाहिए। ड्रेनेज सिस्टम किसी भी कॉलोनी की रीढ़ होता है। इसे मजबूत और तकनीकी दृष्टि से परिपूर्ण बनाना हमारी प्राथमिकता है।
गुणवत्ता नियंत्रण पर सख्त निर्देश
निरीक्षण के दौरान उपाध्यक्ष ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांच को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उन्होंने अभियंताओं को स्पष्ट कहा कि निर्माण सामग्री, मिश्रण अनुपात, सीमेंट-कंक्रीट की मजबूती और सिविल संरचना की तकनीकी जांच नियमित रूप से होनी चाहिए। निर्माण स्थल पर उपस्थित अवर अभियंता विजय सिंह को निर्देश दिया कि प्रत्येक निर्माण स्थल की साप्ताहिक रिपोर्ट तैयार की जाए और उसमें गुणवत्ता से जुड़ी टिप्पणियों को प्रमुखता दी जाए। एक भी निर्माण यदि मानक के विपरीत पाया गया तो संबंधित अधिकारी और ठेकेदार दोनों पर कार्रवाई की जाएगी। विकास की परिभाषा केवल भवनों की ऊंचाई से नहीं, बल्कि उनकी मजबूती और स्थायित्व से तय होती है।
मानचित्र-विरुद्ध निर्माण पर जीरो टॉलरेंस
निरीक्षण के दौरान उपाध्यक्ष ने भवन उपविधियों और स्वीकृत मानचित्रों के पालन की भी जांच की। उन्होंने पाया कि कुछ स्थानों पर पुराने निर्माणों में स्वीकृत मानचित्र से भिन्न कार्य किए गए हैं। इस पर उन्होंने संबंधित विभाग को निर्देशित किया कि ऐसे मामलों की तत्काल जांच रिपोर्ट तैयार की जाए और दोषियों के खिलाफ प्राधिकरण के नियमों के तहत विधिक कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि लालपुर जैसी योजनाएं वाराणसी के भविष्य की पहचान है, इसलिए किसी भी स्तर पर अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वीडीए उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने कहा कि मानचित्र के विरुद्ध निर्माण शहर के नियोजित विकास को नुकसान पहुंचाते हैं। ऐसे हर निर्माण पर हमारी निगाह है, और कार्रवाई में कोई देरी नहीं होगी।
समयबद्धता और पारदर्शिता पर जोर
उपाध्यक्ष ने यह स्पष्ट किया कि जिन निर्माणकर्ताओं को निर्माण की अनुमति दी गई है, उन्हें निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि समय से कार्य पूर्ण न करने वालों के खिलाफ न केवल आर्थिक दंड, बल्कि लाइसेंस निरस्तीकरण जैसी कार्रवाई भी की जाएगी। श्री बोरा ने निर्देश दिया कि निर्माण कार्यों की निगरानी डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम के माध्यम से की जाए, ताकि प्राधिकरण के पास कार्य प्रगति की वास्तविक और पारदर्शी जानकारी बनी रहे।
अधिकारियों की मौजूदगी और टीम भावना
निरीक्षण के दौरान वीडीए सचिव डॉ.वेद प्रकाश मिश्रा, अपर सचिव गुडाकेश शर्मा, अवर अभियंता विजय सिंह सहित कई तकनीकी अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। उपाध्यक्ष ने पूरी टीम की सराहना करते हुए कहा कि टीम वर्क ही विकास की असली ताकत है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि सभी लोग न केवल अपने कार्यक्षेत्र में दक्षता दिखाएं बल्कि नागरिकों के प्रति संवेदनशीलता और उत्तरदायित्व भी कायम रखें।
* सभी योजनाओं की मासिक फील्ड समीक्षा।
* ड्रेनेज और जल निकासी प्रणाली को तकनीकी मजबूती देना।
* मानचित्र-विरुद्ध निर्माणों पर त्वरित कार्रवाई।
* डिजिटल मॉनिटरिंग और पारदर्शी रिपोर्टिंग व्यवस्था।
* ड्रेनेज, निकासी और अधोसंरचना की गुणवत्ता पर विशेष फोकस।




