
कॉल सेंटर से पूरे देश में ठगी की जा रही थी, पुलिस जाच में जुटी

वाराणसी। रोहनिया में बंद पड़े कंप्यूटर सेंटर में फर्जी कॉल सेंटर के संचालन का खेल बुधवार देर रात उजागर हुआ। कंप्यूटर सेंटर के इर्द-गिर्द असम, नागालैंड, महाराष्ट्र के संदिग्ध लोगों की बढ़ती गतिविधियां देख रोहनिया पुलिस ने उच्चाधिकारियों को इसकी जानकरी दी। इसके बाद तीन आइपीएस के नेतृत्व में छापेमारी हुई तो सनसनीखेज भंडाफोड़ हुआ। मौके से गिरफ्तार 32 युवक-युवतियों ने बताया कि कॉल सेंटर से पूरे देश में ठगी की जा रही थी। पुलिस को मौके से लाखों रुपये, 40 लैपटाप-डेस्कटाप आदि बरामद हुए। बरामद इलेक्ट्रानिक उपकरणों के साक्ष्यों से छेड़छ़ाड़ न हो जाए, इसके लिए साइबर सेल और फोरेंसिक टीम देर रात तक आॅपरेशन में जुटी रही। वरुणा जोन के डीसीपी प्रमोद कुमार ने बताया कि रोहनिया अंतर्गत अखरी पुलिस चौकी अंतर्गत अवलेशपुर में निजी हॉस्पिटल के पास बंद पड़े कंप्यूटर सेंटर में फर्जी कॉल सेंटर चल रहा था। रोहनिया पुलिस को जानकारी स्थानीय लोगों ने इस आशंका पर दी कि कई प्रांतों के संदिग्ध युवा बंद कंप्यूटर सेंटर में डेरा जमाए हैं। ये लोग कार से बंद पड़े कंप्यूटर सेंटर से निकलते और होटल चले जाते। आस-पड़ोस के लोगों से कोई मतलब नहीं रखते थे। युवाओं की टीम में नागालैंड, असम के युवाओं को देख लोग डर गए जिसके बाद रोहनिया पुलिस को सूचना दी। डीसीपी क्राइम सरवणन टी ने बताया कि इंस्पेक्टर राजू सिंह ने इनपुट कलेक्ट करके सूचना दी, जिसपर पूरी तैयारी के साथ छापेमारी की गई। एडीसीपी नीतू ने एसीपी संजीव शर्मा व रोहनिया थाने की फोर्स के साथ छापेमारी की, जबकि मैं साइबर के नजरिए से मौजूद रहा।




