
● शिवपुर में स्पोर्ट्स क्रांति 6.11 करोड़ रुपए के मिनी स्टेडियम को तेजी से पूरा करने का वीडीए का भरोसा
● वीडीए उपाध्यक्ष ने निर्माणाधीन मिनी स्टेडियम का निरीक्षण किया, धीमी गति पर जताई नाराजगी
● फुटबॉल-हॉकी से योगा पविलियन तक एक ही परिसर में बहुआयामी सुविधाएं
● वीडीए उपाध्यक्ष ने मिनी स्टेडियम व उंदी ताल के विकास कार्यो का किया समीक्षा, इनकी काशी के विकास की है अदम्य इच्छा
● धीमी रफ्तार पर नाराज हुए उपाध्यक्ष, ठेकेदार को दी कड़ी चेतावनी
● अगले मानसून से पहले हर हाल में पूरा हो निर्माण
● स्थानीय खिलाड़ियों से सीधा संवाद सुविधाएं उनके सुझावों के अनुरूप
● सुरक्षित, समावेशी और आधुनिक खेल ढांचे का वीडीए का संकल्प
● स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर को नई ऊंचाई स्टेडियम बनेगा सामुदायिक केंद्र
वाराणसी। खेल संस्कृति को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में एक बड़ा कदम शुक्रवार को दर्ज हुआ, जब वीडीए के उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने शिवपुर मिनी स्टेडियम के निर्माण कार्यों का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया। करीब 6.11 करोड़ रुपए की लागत से विकसित की जा रही यह परियोजना न केवल पूर्वांचल के युवाओं के लिए खेल का नया केंद्र बनने जा रही है, बल्कि वाराणसी के शहरी विकास में एक सकारात्मक और दूरदर्शी हस्तक्षेप का उदाहरण भी है। निरीक्षण के दौरान निर्माण की धीमी गति पर उपाध्यक्ष ने गंभीर नाराजगी व्यक्त करते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि आगामी मानसून सत्र से पहले पूरी परियोजना को हर हाल में पूरा किया जाए, ताकि क्षेत्र की खेल प्रतिभाएं नए अवसरों के साथ मैदान पर उतर सकें। शहर के उत्तर-पश्चिमी हिस्से शिवपुर में एक नई खेल क्रांति आकार ले रही है। वीडीए की महत्वाकांक्षी परियोजना शिवपुर मिनी स्टेडियम अब अपने अंतिम चरणों की ओर बढ़ रही है।
6.11 करोड़ की लागत सुविधाओं का विशाल खाका
यह स्टेडियम एक सामान्य खेल मैदान नहीं, बल्कि एक मल्टी-स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का रूप ले रहा है। जिसमें
फुटबॉल एवं हॉकी प्ले फील्ड, वॉलीबॉल कोर्ट, इनडोर गेम हॉल एवं चेंजिंग रूम, योगा पैवेलियन, ओपन एयर जिम, क्रिकेट प्रैक्टिस नेट्स, 3 मीटर चौड़ा पक्का और कच्चा वॉकिंग ट्रैक, बच्चों का खेल क्षेत्र, सीनियर सिटिजन जोन, सिटिंग पविलियन, कैंटीन एवं बेसिक सार्वजनिक सुविधाएं। यह पूरा ढांचा इस सोच के साथ डिजाइन किया गया है कि शिवपुर और आसपास के ग्रामीण-शहरी मिश्रित क्षेत्रों के लोग एक ही स्थान पर मनोरंजन, फिटनेस और खेल तीनों का लाभ ले सकें।
धीमी रफ्तार पर उपाध्यक्ष की नाराज़गी: स्पीड बढ़े, क्वालिटी न घटे
निरीक्षण के दौरान उपाध्यक्ष बोरा की सबसे बड़ी चिंता रही निर्माण की धीमी गति। निरीक्षण के तुरंत बाद उन्होंने स्पष्ट और सख्त शब्दों में कहा कि यह परियोजना वाराणसी के खेल भविष्य से जुड़ी है। लापरवाही या देरी बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है। सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में, गुणवत्ता से समझौता किए बिना पूरे किए जायें। ठेकेदार, अभियंताओं और वास्तुविदों को निर्देशित किया कि कार्य की गति तुरंत बढ़ाई जाए। साथ ही, उन्होंने तकनीकी त्रुटियों और सामग्री की गुणवत्ता पर विशेष सतर्कता बरतने को भी कहा।
अगले मानसून से पहले हर हाल में पूरा होगा निर्माण
उपाध्यक्ष ने माइक्रो-टाइमलाइन की समीक्षा करते हुए यह निर्देश दिए कि स्टेडियम की मुख्य संरचना, वॉकिंग ट्रैक, खेल मैदानों का लेवलिंग, जल निकासी व्यवस्था, ओपन जिम व बच्चों के खेल क्षेत्र अगले साल के मानसून से पहले पूरी तरह तैयार हो जाएं। गौरतलब है कि मानसून के दौरान खेल मैदानों का निर्माण प्रभावित होता है, इसलिए इस समय सीमा को अत्यंत निर्णायक माना जा रहा है।
स्थानीय लोगों और खिलाड़ियों से संवाद सुझावों ने बदली परियोजना की प्राथमिकताएं
निरीक्षण के दौरान उपाध्यक्ष बोरा ने स्थानीय खिलाड़ियों, युवाओं, वरिष्ठ नागरिकों और आसपास के निवासियों से सीधा संवाद भी किया। कई महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए फुटबॉल मैदान का साइज अंतरराष्ट्रीय मानकों से मेल खाए, वॉकिंग ट्रैक को घुटनों के अनुकूल बनाया जाए, सीनियर सिटिजन एरिया में बेंच, हैंडरल और शेड हों। रात में उपयोग के लिए पर्याप्त लाइटिंग की व्यवस्था की जाए, महिलाओं के लिए सुरक्षित और अलग चेंजिंग रूम उपलब्ध कराया जाए। उपाध्यक्ष ने आश्वस्त किया कि इन सुझावों को परियोजना की अंतिम योजना में प्राथमिकता से शामिल किया जाएगा।
वाराणसी के स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा निवेश
बीते कुछ वर्षों में वाराणसी में खेल अवसंरचना को लेकर निरंतर पहलें हुई हैं, सिगरा स्टेडियम का पुनरोद्धार, बीएचयू और सेंट्रल जेल के बीच मल्टी-स्पोर्ट्स एरिना, डीएलडब्ल्यू की स्पोर्ट्स सुविधाओं का विस्तार। इन सबके बीच शिवपुर मिनी स्टेडियम, पूर्वांचल की एक ऐसी परियोजना है जिस पर खेल विशेषज्ञों की नजरें टिकी हैं। शहर के उत्तर हिस्से में पहला बड़ा खेल परिसर होगा। यहां ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले खिलाड़ियों को भी आसान पहुंच मिलेगी। इनडोर गेम हॉल इसे ऑल-सीजन स्पोर्ट्स स्पेस बनाता है। योगा पविलियन और ओपन जिम इसे फिटनेस-फ्रेंडली बनाते हैं। बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों के क्षेत्र इसे फैमिली-फ्रेंडली बनाते हैं। सामुदायिक कार्यक्रमों के लिए कैंटीन और ओपन स्पेस का उपयोग तथा बढ़ा सकेगा।
गुणवत्ता नियंत्रण पर विशेष फोकस
उपाध्यक्ष द्वारा निरीक्षण के दौरान स्पोर्ट्स टर्फ की गुणवत्ता, प्लेफील्ड की लेवलिंग, ट्रैक की मजबूती, जल निकासी की डिजाइन, इनडोर हॉल की संरचना, सुरक्षा मानकों का पालन करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने इंजीनियरिंग टीम को निर्देश दिया कि किसी भी चरण में औसत दर्जे की सामग्री का उपयोग न होने पाए।
* 6.11 करोड़ रुपए की लागत से शिवपुर मिनी स्टेडियम का निर्माण जारी
* वीडीए उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने किया विस्तृत निरीक्षण
* निर्माण की धीमी गति पर नाराजगी, स्पीड बढ़ाने का निर्देश
* अगले मानसून से पहले हर हाल में निर्माण पूरा करने की समय सीमा
* फुटबॉल, हॉकी, वॉलीबॉल, इनडोर गेम्स, योगा, ओपन जिम सहित कई सुविधाएं
* स्थानीय खिलाड़ियों और निवासियों से लिया फीडबैक
* सीनियर सिटिजन एवं बच्चों के लिए विशेष क्षेत्र तैयार किए जा रहे
* वाराणसी की खेल प्रतिभाओं को मिलेगा नया आधुनिक मंच
शिवपुर में उभरता नया स्पोर्ट्स हब
उपाध्यक्ष बोरा के चेहरे पर संतुष्टि झलक रही थी, लेकिन साथ ही तीव्रता से काम पूरा करने की दृढ़ता भी दिखाई दी। यह स्पष्ट था कि वीडीए इस परियोजना को एक सामान्य औपचारिक निर्माण नहीं, बल्कि वाराणसी के भविष्य की एक खेल-धरोहर के रूप में देख रहा है। अगले कुछ महीनों में निर्माण की तेजी और गुणवत्ता तय करेगी कि शिवपुर मिनी स्टेडियम पूर्वांचल का मॉडल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बन सकेगा या नहीं। लेकिन अभी तक की रफ्तार और मंशा से इतना जरूर दिखता है कि आने वाले समय में शिवपुर का यह परिसर खेल, फिटनेस और सामुदायिक जीवन का नया केंद्र बनने जा रहा है।




