वीडीए के सचिव वेद प्रकाश मिश्रा ने मानचित्र के निस्तारण पर दिया बल, नहीं चलेगा किसी का छल

● वीडीए के सचिव वेद प्रकाश मिश्रा ने मानचित्र के निस्तारण पर दिया बल, नहीं चलेगा किसी का छल
● पारदर्शी सुनवाई से सुव्यवस्थित वाराणसी की ओर वीडीए का निर्णायक कदम
● वीडीए में पारदर्शिता की पहल नोटिस सुनवाई व मानचित्र निस्तारण कैम्प का हुआ आयोजन
● उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा के निर्देश पर सचिव डॉ. वेद प्रकाश मिश्रा की अध्यक्षता में हुई कार्रवाई
● 100 प्रकरणों की सुनवाई 28 अस्वीकृत, 37 भवन स्वामी रहे उपस्थित
● ऑनलाइन-ऑफलाइन निस्तारण पर जोर समयबद्ध कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश
● अब हर बृहस्पतिवार लगेगा कैम्प भवन स्वामियों को एक ही स्थान पर समाधान
● अवैध निर्माण पर सख्ती तय बिना स्वीकृति निर्माण पर कार्रवाई की चेतावनी
◆ अमित मौर्य
वाराणसी। तेजी से फैलते शहरी विस्तार, अनियंत्रित निर्माण और नियमों की अनदेखी से जूझ रहे वाराणसी शहर में अब विकास और अनुशासन को एक साथ साधने की ठोस पहल दिखाई देने लगी है। वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) ने भवन मानचित्र, नोटिस और शमन से जुड़े प्रकरणों के निस्तारण को लेकर जो नई कार्यसंस्कृति अपनाई है, वह न सिर्फ प्रशासनिक पारदर्शिता की मिसाल है, बल्कि वर्षों से लंबित मामलों से परेशान आम भवन स्वामियों के लिए भी राहत का संकेत है। इसी क्रम में वीडीए उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा के स्पष्ट निर्देशों के तहत 18 दिसंबर 2025 को नोटिस सुनवाई एवं मानचित्र निस्तारण कैम्प का आयोजन किया गया। सचिव डॉ. वेद प्रकाश मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित इस कैम्प का मूल उद्देश्य था कि भवन स्वामियों से प्राप्त मानचित्र, नोटिस और शमन से जुड़े प्रकरणों का त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी निस्तारण हो सके। वाराणसी में अवैध निर्माण और बिना स्वीकृत मानचित्र के हो रहे भवन निर्माण लंबे समय से एक गंभीर समस्या रहे हैं। एक ओर जहां भू-माफिया और अवैध प्लाटिंग का जाल शहर की नियोजित संरचना को नुकसान पहुँचा रहा है, वहीं दूसरी ओर आम नागरिक अक्सर जटिल प्रक्रियाओं और दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर होता है। ऐसे में वीडीए द्वारा सुनवाई कैम्प के माध्यम से एक ही स्थान पर समाधान की अवधारणा को लागू करना, प्रशासनिक सोच में आए बदलाव का संकेत देता है। कैम्प के दौरान सचिव डॉ. वेद प्रकाश मिश्रा ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिया कि ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से प्राप्त मानचित्रों एवं प्रार्थना-पत्रों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि जिन मानचित्रों को तकनीकी कारणों अथवा नियमों के अनुपालन न होने के चलते अस्वीकृत किया गया है, उन मामलों में केवल फाइल बंद कर देना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि संबंधित प्रवर्तन टीम द्वारा आवश्यक विधिक कार्रवाई भी अनिवार्य रूप से की जाएगी। यह संदेश स्पष्ट है कि अब न तो फाइलें दबेंगी और न ही नियमों की अनदेखी करने वालों को राहत मिलेगी। वीडीए का यह रुख शहर के भविष्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया एक जरूरी कदम माना जा रहा है।
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कैम्प में 100 प्रकरण की हुई सुनवाई
18 दिसंबर 2025 को आयोजित इस कैम्प में कुल 100 प्रकरण सुनवाई के लिए प्रस्तुत किए गए। इनमें मानचित्र स्वीकृति, नोटिस, शमन शुल्क और अवैध निर्माण से जुड़े विभिन्न मामले शामिल थे। गहन जांच और प्रारंभिक परीक्षण के बाद 28 प्रकरणों को अस्वीकृत किया गया या स्क्रूटनी के लिए पुनः सम्मनित किया गया, जबकि शेष मामलों में आगे की प्रक्रिया तय की गई। मानचित्र और नोटिस से संबंधित सुनवाई के दौरान कुल 37 भवन स्वामी स्वयं उपस्थित हुए। प्रत्यक्ष उपस्थिति से न केवल तथ्यों की स्पष्टता बनी, बल्कि कई मामलों में गलतफहमियाँ भी तत्काल दूर हो सकीं। यह प्रक्रिया पारंपरिक फाइल आधारित कामकाज से अलग, संवाद और सुनवाई पर आधारित मॉडल की ओर बढ़ने का संकेत देती है।
सचिव ने दिया सख्त निर्देश
सचिव डॉ. वेद प्रकाश मिश्रा ने स्पष्ट कहा कि मानचित्र स्वीकृति में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नियमों के विपरीत निर्माण पर कोई रियायत नहीं दी जाएगी। अस्वीकृत मानचित्रों के मामलों में प्रवर्तन टीम की जवाबदेही तय होगी। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी अनुभाग आवाप्ति, सीलिंग, विधि, प्रवर्तन और नगर नियोजन आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश न रहे।
सामूहिक प्रशासनिक सहभागिता
जनसुनवाई अभियान में सहायक नगर नियोजक सौरभ जोशी, सभी जोन के जोनल अधिकारी, अवर अभियंता, लिपिक, आवाप्ति, सीलिंग एवं विधि अनुभाग के समस्त कार्मिक उपस्थित रहे। प्रत्येक अधिकारी ने अपने-अपने स्तर से प्रकरणों की समीक्षा कर त्वरित निर्णय प्रक्रिया को गति दी। वी डी ए के अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की सामूहिक कार्यप्रणाली से न केवल पारदर्शिता बढ़ती है, बल्कि निर्णयों पर उठने वाले सवालों की संख्या भी कम होती है।
हर बृहस्पतिवार लगेगा कैम्प
कैम्प की सफलता को देखते हुए वीडीए ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब हर बृहस्पतिवार को वीडीए सभागार में नियमित रूप से नोटिस सुनवाई एवं मानचित्र निस्तारण कैम्प आयोजित किया जाएगा। इसका सीधा लाभ यह होगा कि भवन स्वामियों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। सभी संबंधित अधिकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध रहेंगे और निर्णय प्रक्रिया अधिक तेज और पारदर्शी होगी। यह कदम वाराणसी के सुव्यवस्थित और नियोजित शहरी विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है।
उपाध्यक्ष की अपील
वीडीए उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने जनता से स्पष्ट अपील करते हुए कहा कि केवल स्वीकृत ले-आउट वाले प्लॉट ही खरीदें, मानचित्र स्वीकृत कराए बिना किसी भी प्रकार का निर्माण न करें। नियमों की अनदेखी करने पर प्राधिकरण द्वारा सख्त कार्रवाई की जाएगी। कहा कि वीडीए का उद्देश्य दंडात्मक कार्रवाई नहीं, बल्कि नियोजित विकास है। लेकिन यदि कोई व्यक्ति या समूह नियमों को ताक पर रखकर निर्माण करेगा, तो उसके खिलाफ कठोर कदम उठाने से प्राधिकरण पीछे नहीं हटेगा।
* 18 दिसंबर 2025 को नोटिस सुनवाई व मानचित्र निस्तारण कैम्प
* 100 प्रकरणों की सुनवाई, 28 अस्वीकृत, स्क्रूटनी में
* 37 भवन स्वामी रहे उपस्थित
* ऑनलाइन-ऑफलाइन प्रकरणों के समयबद्ध निस्तारण के निर्देश
* अस्वीकृत मानचित्रों पर विधिक कार्रवाई अनिवार्य
* हर बृहस्पतिवार नियमित कैम्प का निर्णय
* बिना स्वीकृति निर्माण पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी




