वीडीए प्रशासन की जारी है कड़ाई, जोनल अधिकारी क्रमश: संजीव कुमार, सौरभ व शिवाजी ने अवैध निर्माणों पर की कार्रवाई

~ जोन-1, 3 और 4 में अवैध निर्माण पर शिकंजा, अस्पताल, डुप्लेक्स व होटल पर गिरी गाज
~ नगवां में अस्पताल का अवैध निर्माण सील
~ सोशल मीडिया पर रील बनाकर अवैध प्रचार
~ दशाश्वमेध में होटल का अवैध संचालन, नोटिस जारी
~ प्रवर्तन टीम की मौजूदगी और जिम्मेदार अधिकारियों की चेतावनी
~ अवैध निर्माण रोकने की मुहिम
वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) ने 11 सितंबर 2025 को तीन अलग-अलग जोनों में बड़ी कार्रवाई कर यह साबित कर दिया कि अवैध निर्माण पर अब किसी तरह की ढील नहीं दी जाएगी।

जोन-4 नगवां में मैक्सवेल सुपर मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल का अवैध निर्माण सील कर दिया गया,
जोन-1 शिवपुर में डुप्लेक्स और ऑफिस पर शिकंजा कसा गया, जबकि जोन-3 दशाश्वमेध में स्वीकृत मानचित्र से ज्यादा ऊंचाई पर बने होटल को नोटिस जारी किया गया।
इन सभी कार्यवाहियों से यह संदेश गया कि वाराणसी को स्मार्ट सिटी और व्यवस्थित नगर के रूप में विकसित करने की दिशा में अब कोई भी नियम विहीन निर्माण नहीं बचेगा।

- जोन-4, नगवां अस्पताल का अवैध निर्माण सील, रात में चोरी-छिपे चल रहा था काम।
- जोन-1, शिवपुर: 700 वर्गमीटर क्षेत्र में डुप्लेक्स और ऑफिस, सोशल मीडिया से भ्रामक प्रचार सील कर पुलिस अभिरक्षा में सौंपा।
- जोन-3, दशाश्वमेध: स्वीकृत जी+3 मानचित्र के विपरीत बी+जी+4 तल का निर्माण, होटल संचालन का खुलासा नोटिस जारी।
- प्रवर्तन टीमों ने मौके पर मौजूद रहकर कार्रवाई सुनिश्चित की।
- प्राधिकरण का सख्त संदेश कंपाउंडिंग न कराए जाने पर होटल को सील करने की होगी कार्रवाई
- वीडीए की लगातार कार्रवाई से जनता में भरोसा, अवैध निर्माणकर्ताओं में खलबली।
वाराणसी विकास प्राधिकरण की ताबड़तोड़ कार्रवाई
जोन-4 वार्ड-नगवां में प्रवर्तन टीम ने अशोक राय और शिव प्रकाश यादव के अवैध निर्माणों पर कड़ी कार्रवाई की। अशोक राय ने मौजा-करमनवीर सुसुवाही, पंचायत भवन के सामने बिना मानचित्र स्वीकृति के भवन निर्माण कराया था। शिव प्रकाश यादव ने मौजा-मुरारी चौक पर लगभग 1800 वर्गफुट क्षेत्र में मैक्सवेल सुपर मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल का निर्माण कर डाला।

भूतल और प्रथम तल पर दीवारें व कॉलम पहले ही तैयार हो चुके थे, बावजूद इसके अस्पताल मालिक चोरी-छिपे रात में निर्माण जारी रखे हुए था। नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम-1973 की धारा 27, 28(1) और 28(2) के तहत अस्पताल को सील कर दिया गया। इस कार्रवाई में जोनल अधिकारी संजीव कुमार और अवर अभियंता आदर्श निराला प्रवर्तन टीम के साथ मौजूद रहे।
शिवपुर में डुप्लेक्स और ऑफिस पर कार्रवाई
जोन-1, शिवपुर क्षेत्र के हरहुआ चौकी के पास मौजा-मंसापुर में लगभग 700 वर्ग मीटर भूमि पर तीन डुप्लेक्स और एक ऑफिस का अवैध निर्माण किया गया था। निर्माणकर्ता ने फेसबुक और सोशल मीडिया पर रील बनाकर जनता को गुमराह किया, मानो उसका प्रोजेक्ट वीडीए स्वीकृत और रेरा पंजीकृत हो। जबकि हकीकत में किसी भी प्रकार का मानचित्र स्वीकृत नहीं था। प्राधिकरण के संज्ञान में मामला आते ही जोनल अधिकारी शिवाजी मिश्रा और अवर अभियंता रोहित कुमार के नेतृत्व में प्रवर्तन टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए भवन को सील कर दिया और पुलिस अभिरक्षा में सौंप दिया।
दशाश्वमेध में होटल का अवैध संचालन
जोन-3 वार्ड-दशाश्वमेध क्षेत्र में रवि सर्राफ ने नटराज सिनेमा, सिगरा के सामने लगभग 300 वर्गमीटर भूमि पर जी+3 तल का मानचित्र स्वीकृत कराया था। लेकिन मौके पर जांच में यह पाया गया कि भवन स्वामी ने बी+जी+4 तल (बेसमेंट सहित कुल पांच तल) का निर्माण कर लिया। चौथे तल को टिन शेड से ढककर अवैध रूप से होटल का संचालन भी किया जा रहा था।
प्राधिकरण की जांच में स्वीकृत मानचित्र के सापेक्ष बेसमेंट और चौथा तल पूरी तरह अवैध पाए गए। इस पर प्राधिकरण ने नोटिस जारी किया और स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि कंपाउंडिंग मानचित्र स्वीकृत नहीं कराया गया, तो होटल को भी सील कर दिया जाएगा। इस कार्रवाई में जोनल अधिकारी सौरभ देव प्रजापति और अवर अभियंता रविन्द्र प्रकाश प्रवर्तन टीम के साथ मौके पर उपस्थित रहे।
कानूनी प्रावधान और वीडीए का सख्त रुख
इन कार्रवाइयों की नींव उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम-1973 पर आधारित है। इस कानून के अंतर्गत बिना स्वीकृत मानचित्र के किसी भी प्रकार का निर्माण अवैध माना जाएगा। मानचित्र से अलग निर्माण होने पर उसे सील किया जा सकता है। बार-बार उल्लंघन की स्थिति में ध्वस्तीकरण तक की कार्रवाई संभव है। वीडीए उपाध्यक्ष ने साफ कहा है कि अवैध निर्माण को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा। चाहे वह अस्पताल हो, होटल हो या आवासीय प्रोजेक्ट।
नागरिकों की राहत और भविष्य की कार्रवाई
शहरवासियों ने वीडीए की इस सक्रियता का स्वागत किया है। पहले जहां शिकायतों पर अक्सर कार्रवाई टलती रहती थी, वहीं अब टीमें मौके पर जाकर तुरंत अवैध निर्माण रोक रही हैं। नागरिकों का कहना है कि इससे उन्हें यह भरोसा मिल रहा है कि अब कोई भी बिल्डर या अस्पताल मालिक उन्हें धोखा नहीं दे सकेगा।भविष्य में वीडीए ने संकेत दिए हैं कि शहर के बाकी इलाकों भेलूपुर, लंका, रोहनिया और सारनाथ क्षेत्रों में भी बड़े पैमाने पर निरीक्षण होगा। स्थानीय लोगों ने बताया कि सोशल मीडिया पर प्रचार देखकर हम भी भ्रमित हो जाते थे। अब प्राधिकरण की कार्रवाई से साफ है कि झूठे प्रचार से कोई नहीं बचेगा। जो लोग नियमों का पालन कर रहे हैं, उनके लिए यह राहत है। नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई होना जरूरी है।
- वाराणसी में 11 सितंबर 2025 को तीन जोनों में बड़ी कार्रवाई।
- जोन-4 (नगवां) अस्पताल का अवैध निर्माण सील, रात में चोरी-छिपे हो रहा था काम।
- जोन-1 (शिवपुर) 700 वर्गमीटर क्षेत्र में डुप्लेक्स और ऑफिस, सोशल मीडिया से भ्रामक प्रचार सील कर पुलिस अभिरक्षा में सौंपा।
- जोन-3 (दशाश्वमेध): स्वीकृत जी+3 मानचित्र के विपरीत बी+जी+4 तल का निर्माण, होटल संचालन का खुलासा नोटिस जारी।
- प्रवर्तन टीम की सक्रिय मौजूदगी जोनल अधिकारी और अभियंताओं ने मौके पर कार्रवाई सुनिश्चित की।
- नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम-1973 के तहत कार्रवाई।
- अब झूठे प्रचार से गुमराह नहीं होंगे खरीदार।
- वीडीए जल्द ही डिजिटल सर्वे और शहरव्यापी अभियान शुरू करेगा।




