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वीडीए सचिव वेद प्रकाश मिश्रा अवैध निर्माण पर कड़ा प्रहार, शमन शुल्क से 5.32 करोड़ आमद की दरकार

* वीडीए सचिव वेद प्रकाश मिश्रा अवैध निर्माण पर कड़ा प्रहार, शमन शुल्क से 5.32 करोड़ आमद की दरकार

* जोन-3, 4 और 5 की व्यापक समीक्षा, लंबित फाइलों के शीघ्र निस्तारण के आदेश

* 23 शमन मानचित्र स्वीकृत, 5.32 करोड़ रुपये प्राधिकरण कोष में जमा

* अवैध प्लाटिंग व सील तोड़कर निर्माण पर एफआईआर और ध्वस्तीकरण की चेतावनी

* आईजीआरएस शिकायतों पर संतोष जनक जवाब देने के सख्त निर्देश

* प्रति माह 20 मानचित्र और 5 प्लाटिंग लेआउट स्वीकृति का लक्ष्य तय

* जोनल अधिकारियों व अवर अभियंताओं से समयबद्ध रिपोर्ट तलब

वाराणसी। शहरी अनुशासन, राजस्व सुदृढ़ीकरण और अवैध निर्माण पर निर्णायक कार्रवाई की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए वाराणसी विकास प्राधिकरण के सचिव डॉ. वेद प्रकाश मिश्रा की अध्यक्षता में जोन-3, जोन-4 और जोन-5 की प्रगति की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। 1 फरवरी 2026 से 16 फरवरी 2026 तक की अवधि, विगत तीन माह की एमपीआर और पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन का बिंदुवार परीक्षण किया गया। बैठक में जोनल अधिकारी रविन्द्र प्रकाश, सौरभ देव प्रजापति, अशोक त्यागी, अवर अभियंता आदर्श निराला, रोहित कुमार, संजय तिवारी सहित भवन लिपिक और जन सूचना आईजीआरएस लिपिक उपस्थित रहे। समीक्षा के दौरान शमन मानचित्रों की स्थिति, तावान और शमन शुल्क की वसूली, आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त जन शिकायतों पर प्रतिक्रियाएं, अवैध प्लाटिंग के विरुद्ध ध्वस्तीकरण, अनाधिकृत पेट्रोल, डीजल, सीएनजी फिलिंग स्टेशनों पर कार्रवाई तथा विन्यास एवं भवन स्वीकृति से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर गहन चर्चा हुई। आंकड़ों ने संकेत दिया कि आलोच्य माह में तीनों जोनों में कुल 23 शमन मानचित्र स्वीकृत हुए और शमन शुल्क के मद में 5,32,56,112 रुपये प्राधिकरण कोष में जमा कराए गए। यह राजस्व की दृष्टि से उल्लेखनीय उपलब्धि मानी जा रही है। सचिव ने स्पष्ट किया कि पुराने एवं लंबित शमन मानचित्रों की फाइलों का अतिशीघ्र निस्तारण किया जाए। अवैध निर्माण के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश देते हुए प्रति माह कम-से-कम 20 आवासीय, व्यावसायिक मानचित्र और 5 प्लाटिंग लेआउट स्वीकृत कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। साथ ही, सील किए गए भवनों पर किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य न होने देने की कड़ी हिदायत दी गई। यदि कहीं सील तोड़कर निर्माण होता पाया गया तो तत्काल रिपोर्ट देकर एफआईआर और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। यह बैठक महज औपचारिक समीक्षा नहीं, बल्कि जवाबदेही की रेखा खींचने की कवायद है। शहर में बढ़ते निर्माण दबाव, अनियमित प्लाटिंग और शिकायत निस्तारण की गुणवत्ता पर उठते सवालों के बीच यह संदेश स्पष्ट है। नियमों का पालन होगा, राजस्व भी बढ़ेगा और अवैधता पर अंकुश भी लगेगा। अब देखना यह है कि तय लक्ष्यों और सख्त निर्देशों का जमीनी क्रियान्वयन किस गति से होता है।

समीक्षा का फोकस आंकड़ों के आईने में

बैठक की शुरुआत 1 फरवरी से 16 फरवरी 2026 की प्रगति रिपोर्ट से हुई। इसके बाद विगत तीन माह की एमपीआर पर विस्तार से चर्चा की गई। शमन मानचित्रों के प्राप्ति, परीक्षण, स्वीकृति और शुल्क वसूली की श्रृंखला का विश्लेषण करते हुए सचिव ने पूछा कि किन कारणों से कुछ फाइलें लंबित रहीं और किस स्तर पर देरी हुई। निर्देश दिए गए कि प्रत्येक लंबित प्रकरण का टाइमलाइन-आधारित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
2. 23 शमन मानचित्र, 5.32 करोड़ की वसूली: राजस्व में मजबूती आलोच्य माह में 23 शमन मानचित्रों की स्वीकृति और 5,32,56,112 रुपये की शमन शुल्क वसूली को सकारात्मक संकेत माना गया। यह राशि सीधे प्राधिकरण कोष में जमा कराई गई। सचिव ने कहा कि राजस्व सुदृढ़ीकरण के साथ नियमसम्मत निर्माण को बढ़ावा देना प्राथमिकता है। अधिक से अधिक मानचित्र स्वीकृत कराकर वैधता की राह आसान करना और अनियमितताओं को दंडित करना—दोनों समानांतर चलेंगे।

आईजीआरएस पर शिकायतें: संतोषजनक जवाब की कसौटी

आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त जनशिकायतों पर असंतोषजनक प्रतिक्रियाओं का मुद्दा बैठक में प्रमुखता से उठा। सचिव ने निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत का तथ्यपरक, समयबद्ध और संतोषजनक निस्तारण हो। सुपरवाइजर स्तर से लेकर जोनल अधिकारी तक जवाबदेही तय की जाए, ताकि “कागजी निस्तारण” की प्रवृत्ति खत्म हो और शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिले।

अवैध प्लाटिंग और ध्वस्तीकरण

अवैध प्लाटिंग के विरुद्ध की गई ध्वस्तीकरण कार्रवाई की समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया गया कि जहां भी अनधिकृत लेआउट या निर्माण पाया जाए, वहां त्वरित कार्रवाई हो। प्रति माह 5 प्लाटिंग लेआउट स्वीकृति का लक्ष्य तय करते हुए कहा गया कि वैध लेआउट को प्रोत्साहन और अवैधता पर कठोर दंड यह दोहरी रणनीति अपनाई जाएगी।

सील तोड़कर निर्माण शून्य

सचिव ने दो टूक कहा कि सील किए गए भवनों पर किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य न हो। यदि कहीं सील तोड़कर काम होता है तो तत्काल रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। इसके बाद संबंधित के विरुद्ध एफआईआर और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जोनल अधिकारी और अवर अभियंता अपने-अपने जोन के सुपरवाइजरों से विस्तृत रिपोर्ट लेकर समयबद्ध रूप से प्रस्तुत करें यह निर्देश विशेष रूप से दर्ज किया गया।

अनाधिकृत फिलिंग स्टेशन सुरक्षा और वैधता

अनाधिकृत रूप से संचालित पेट्रोल, डीजल एवं सीएनजी फिलिंग स्टेशनों के विरुद्ध कार्रवाई की समीक्षा भी हुई। ऐसे प्रतिष्ठानों की वैधता, मानचित्र स्वीकृति और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जहां अनियमितता मिले, वहां विधिक कार्रवाई की जाए।

लक्ष्य-आधारित प्रशासन प्रति माह 20 मानचित्र

प्रति माह 20 आवासीय, व्यावसायिक मानचित्र स्वीकृति का लक्ष्य तय करना संकेत देता है कि प्राधिकरण प्रो-एक्टिव अप्रूवल मॉडल की ओर बढ़ना चाहता है। इससे एक ओर राजस्व बढ़ेगा, दूसरी ओर नागरिकों को वैध निर्माण की स्पष्ट राह मिलेगी। साथ ही, पुराने प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण पर जोर देकर फाइलों के बोझ को कम करने की रणनीति अपनाई गई है।

जवाबदेही की रेखा रिपोर्टिंग और समय सीमा

बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि जोनल अधिकारी और अवर अभियंता अपने-अपने जोन में सील भवनों, चल रहे अवैध निर्माणों और कार्रवाई की स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट समयबद्ध प्रस्तुत करें। रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर और ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इससे “किसने क्या किया” की पारदर्शी ट्रैकिंग संभव होगी।

चुनौतियां और अपेक्षाएं

शहर में निर्माण गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में वैधता, पारदर्शिता और समयबद्ध स्वीकृति ये तीनों स्तंभ मजबूत होने चाहिए। बैठक के निर्णय आश्वस्त करते हैं, पर असली परीक्षा जमीनी क्रियान्वयन की है। क्या आईजीआरएस पर शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण होगा? क्या सील तोड़ने पर वास्तव में एफआईआर दर्ज होंगी? क्या अवैध प्लाटिंग पर नियमित ध्वस्तीकरण दिखेगा? नागरिकों की नजर अब इन सवालों पर है।

आगे की दिशा तकनीक, निगरानी और पारदर्शिता

प्राधिकरण यदि डिजिटल ट्रैकिंग, ऑनलाइन मानचित्र स्वीकृति की समयसीमा, और कार्रवाई की सार्वजनिक रिपोर्टिंग को मजबूत करे तो पारदर्शिता बढ़ेगी। नियमित प्रेस ब्रीफिंग और आदेशों की सार्वजनिक उपलब्धता से अफवाहों पर भी अंकुश लगेगा। लक्ष्य-आधारित कार्यसंस्कृति को सतत बनाए रखना ही इस समीक्षा की सफलता का पैमाना होगा। समीक्षा बैठक ने स्पष्ट कर दिया है कि नियम सम्मत विकास, राजस्व सुदृढ़ीकरण और अवैधता पर प्रहार तीनों साथ-साथ चलेंगे। अब निगाह इस बात पर है कि तय लक्ष्यों और सख्त निर्देशों का पालन कितनी दृढ़ता से होता है।

* जोन-3, 4 और 5 की विस्तृत समीक्षा, 1 से 16 फरवरी 2026 की प्रगति पर फोकस।
* 23 शमन मानचित्र स्वीकृत; 5,32,56,112 रुपये शमन शुल्क प्राधिकरण कोष में जमा।
* पुराने लंबित शमन मानचित्रों के शीघ्र निस्तारण के आदेश।
* प्रति माह 20 आवासीय, व्यावसायिक मानचित्र और 5 प्लाटिंग लेआउट स्वीकृति का लक्ष्य।
* सील तोड़कर निर्माण पर तत्काल रिपोर्ट, एफआईआर और ध्वस्तीकरण की चेतावनी।
* आईजीआरएस शिकायतों के संतोषजनक, समयबद्ध निस्तारण के निर्देश।
* अनाधिकृत पेट्रोल, डीजल, सीएनजी फिलिंग स्टेशनों पर सख्त कार्रवाई।

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