शिक्षक की मौत पर एपेक्स हॉस्पिटल सवालों के घेरे में

अस्पताल प्रशासन की लापरवही और धन वसूली का सोशाल मीडिया पर विडियों वायरल

वाराणसी। भिखारीपुर एपेक्स हॉस्पिटल में बीते शुक्रवार की रात इलाज के दौरान शिक्षक सुजीत मौत का मामला गरमाता जा रहा है। घटना के तीन दिन बीत जाने के बाद भी सोशाल मीडिया पर अस्पताल प्रशासन की मनमानी के विडियों पर लगातार वायरल हो रहा है। हला कि वायरल विडियों की हम पुष्टि नही करते, मगर सवाल तो खड़ा होता है। हाथ में फैक्चर सर्जरी के इलाज के दौरान किसी की मौत हो जाये यह बात लोगों के गले नही उतर रहा है, यह जांच का विषय है। अगर शिक्षक के परिजानों की माने तो सड़क हादसे में घायल शिक्षक को फैक्चर सर्जरी के लियें बीते बुधवार को भर्ती कराया गया था। डाक्टरों उन्हें इंफेक्शन होने की बात बताते हुये कांउटर पर लाखों रूपया जामा कर लिया था। और ठीक हो जाने की बात कही थी। परिजनों का आरोप है कि बीते शुक्रवार की रात जब शिक्षक की हालत खराब होने पर परिजन इसकी जानकारी अस्पताल कर्मचारियों को देते हुयें डाँक्टर को बुलाने को कहा मगर काफी देर तक शिक्षक बेड पर तड़पता रहा और उसकी मौत हो गयी मगर डाँक्टर नही आये तो परिजनों में आक्रोश व्याप्त हो और अस्प्ताल परिसर में हंगामा करने लगे। अस्पताल प्रशासन की सूचना पर चितईपुर प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार पहुंचे। हंगामा कर रहे परिजनों को समझाने का प्रयास किया तो परिजन प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार से डॉक्टरों पर लापरवाही और अधिक पैसा लेने का आरोप लगाते हुयें गिरफ्तार करने की मांग करने लगे। मौके पर पुलिस की चुप्पी को देखते हुये परिजनों का आक्रोश और गहरा गया। शिक्षक का शव लेकर बाहर आये और हॉस्पिटल के बाहर सड़क पर शव रखकर भिखारीपुर-चितईपुर मुख्य मार्ग पर धरने पर बैठ गये। हंगामा और धरने की सूचना पाकर एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार भेलूपुर, लंका और मंडुवाडीह थाने की फोर्स के साथ पहुंचे। और धरने पर बैठे परिजनों का मामले की जांच कराकर उचित कार्यवही करने का अश्वासन देने के बाद धरना समाप्त कराया। परिजनों का यह भी आरोप की तहरीर पर पुलिस ने मामला तो दर्ज कर लिया मगर अभी तक अस्पताल के खिलाफ कोई कार्रवाही न किये जाने को लेकर आक्रोश व्याप्त है। राजातालाब थाना क्षेत्र के रमशीपुर गांव का रहने वाले सुजीत कुमार वर्मा (35) मिजार्पुर में प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक थे और मृतक की पांच साल की बेटी है।




