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सीपी मोहित अग्रवाल के दिशा निर्देश के अनुक्रम में जारी है संगठित अपराध पर एसओजी-2 का वार, वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट की चल रही कार्यवाही जोरदार

हुक्का बार से लेकर ई-रिक्शा में ऑनलाइन जुआ का भंडाफोड़

∼  हुक्का बार में छापेमारी, तंबाकू-फ्लेवर और क्यूआर कोड बरामद

∼  स्पा सेंटर, हुक्का बार और लॉटरी गिरोह में हड़कंप

∼  संचालक एसओजी से ‘सांठ-गांठ’ के प्रयास में जुटे

∼  पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल के निर्देश पर एसीपी चेतगंज

     ईशान सोनी के नेतृत्व में चला ऑपरेशन

∼  हुक्का, मैजिक कॉइल, फ्लेवर तंबाकू व नकदी जब्त

∼  ई-रिक्शा में चल रहा था ऑनलाइन जुआ का अड्डा

∼  भाग्य लक्ष्मी एप से मजदूरों को फंसाने का खुलासा

∼  10 आरोपियों की गिरफ्तारी, 8200 रुपये और 9 मोबाइल बरामद

वाराणसी संगठित अपराध के खिलाफ पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल की अगुवाई में चल रहा अभियान अब पूरे शहर में चर्चा का विषय है। उनकी सख्त निगरानी और स्पष्ट निर्देशों के तहत डीसीपी क्राइम टी. सरवनन और एसीपी चेतगंज डॉ. ईशान सोनी के नेतृत्व में एसओजी-2 ने जिस तेजी और मजबूती से कार्रवाई की है, उसने अपराधियों में खौफ और जनता में भरोसा दोनों बढ़ा दिए हैं। पिछले कुछ दिनों में जिस तरह हुक्का बार, ऑनलाइन जुआ अड्डों, स्पा सेंटर और लॉटरी गिरोहों पर लगातार शिकंजा कसा गया, वह इस बात का सबूत है कि पुलिस कमिश्नर का “जीरो टॉलरेंस” मॉडल सिर्फ कागज़ पर नहीं, बल्कि ज़मीन पर असर दिखा रहा है। चेतगंज में अवैध हुक्का बार से आपत्तिजनक सामग्री, नकदी और क्यूआर कोड बरामद करना हो या भेलूपुर में ई-रिक्शा से ऑनलाइन जुआ का पर्दाफाश हर कार्रवाई में पुलिस की तत्परता और तैयारी साफ नजर आई। पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल का फोकस सिर्फ छापेमारी तक सीमित नहीं है, बल्कि वे अपराधियों की जड़ तक पहुंचने और उनके वित्तीय नेटवर्क को खत्म करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। यही वजह है कि अब डिजिटल लेन-देन, बैंक खातों और सप्लाई चैन की जांच भी की जा रही है।

ई-रिक्शा में ऑनलाइन जुआ का पर्दाफाश

पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल की सख्ती का ही नतीजा है कि लगातार स्पा सेंटर की आड में चल रहे देह व्यापार में लिप्त लोगों की गिरफ्तारी हो रही है। इसी क्रम में भेलूपुर थाना क्षेत्र के गुरुधाम चौराहे पर ई-रिक्शा में बैठे 10 लोग ‘भाग्य लक्ष्मी एप’ के जरिए ऑनलाइन जुआ खेलते पकड़े गए। यह गिरोह मजदूरों और श्रमिकों को आसान पैसे के लालच में फंसाकर ऑनलाइन सट्टा खिलाता था। डीसीपी क्राइम टी. सरवनन के नेतृत्व में एसओजी-2 और भेलूपुर पुलिस ने मौके से 8200 रुपये नकद और 9 मोबाइल फोन जब्त किए, जिनमें से 2 में ‘भाग्य लक्ष्मी एप’ इंस्टॉल मिला।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

मुख्य संचालक निवासी खोजवा किरहिया अंतर्यामी सिंह के साथ गिरफ्तार आरोपियों में शुभम साहनी (रविंद्रपुरी), हरिनाथ गौड़ (अस्सी भदैनी), राज भारद्वाज (लंका छित्तूपुर), ओमप्रकाश पटेल (चितईपुर आदित्यनगर), राजेश साहनी (दुर्गाकुंड हनुमानपुरा), श्रवण कुमार मिश्रा (डाफी बजरंग नगर कॉलोनी), विजय कुमार (रोहनिया अखरी बाईपास), विकास कुमार (बजरडीहा जीवधीपुर) और मोनू सिंह (गुरुधाम रविंद्रपुरी) शामिल हैं।
पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल के निर्देश पर, डीसीपी क्राइम टी. सरवनन की देखरेख और एसीपी चेतगंज ईशान सोनी के नेतृत्व में चल रही इन कार्रवाइयों का लक्ष्य शहर में संगठित अपराध की कमर तोड़ना है। पुलिस ने साफ कहा है कि चाहे हुक्का बार हो, स्पा सेंटर या ऑनलाइन जुआ किसी को बख्शा नहीं जाएगा।

शहर में संगठित अपराध का फैलाव

आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान के लिए जिस नगरी को दुनिया जानती है, पिछले कुछ सालों में संगठित अपराध के नए रूपों का गढ़ बनता जा रहा है। अवैध शराब, जुए के अड्डे और मादक पदार्थों की तस्करी के साथ-साथ अब डिजिटल तकनीक के सहारे नए-नए आपराधिक कारोबार पनप रहे हैं। हुक्का बार में तंबाकू फ्लेवर की आड़ में नशे का कारोबार, स्पा सेंटर में देह व्यापार, मोबाइल ऐप के जरिये ऑनलाइन जुआ और लॉटरी ये सब ऐसे अपराध हैं, जिनका सीधा असर शहर की कानून-व्यवस्था और युवाओं के भविष्य पर पड़ रहा है। इन नेटवर्कों का संचालन सिर्फ एक-दो व्यक्तियों के हाथ में नहीं, बल्कि कई स्तरों पर फैले संगठित गिरोहों के जरिए किया जाता है।

हुक्का बार और अवैध कारोबार का गठजोड़

हुक्का बार का चलन पिछले 6-7 सालों में तेजी से बढ़ा। शुरू में ‘लाइफस्टाइल कैफे’ या ‘युवा हैंगआउट स्पॉट’ के रूप में पेश किया गया, लेकिन धीरे-धीरे इनका रूप बदलता गया। कई जगहों पर बिना लाइसेंस, अवैध तंबाकू फ्लेवर, निकोटिनयुक्त मिश्रण और नशे के अन्य पदार्थ बेचे जाने लगे। इन जगहों पर सिर्फ धुआं ही नहीं उड़ता था, बल्कि पैसों का खेल भी चलता था। क्यूआर कोड के जरिये डिजिटल भुगतान, कैश ट्रांजैक्शन, और ग्राहकों को ‘मेंबरशिप ऑफर’ के बहाने बांधने का काम किया जाता था। ताजा कार्रवाई में बरामद बंधन बैंक व फोन- पे के क्यूआर कोड और नकदी इस बात का सबूत हैं कि यह कारोबार संगठित तरीके से, बैंकिंग चैनलों और कैश दोनों माध्यमों से चलता था।

एसओजी-2 की भूमिका और ताबड़तोड़ छापेमारी

स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप-2 का गठन मूलतः गंभीर और संगठित अपराधों पर फोकस करने के लिए हुआ। डीसीपी क्राइम टी. सरवनन की देखरेख और पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल के सख्त निर्देशों के बाद यह टीम पिछले कुछ महीनों से लगातार सक्रिय है। टीम को खबर मिली कि चेतगंज क्षेत्र में एक हुक्का बार अवैध तरीके से संचालित हो रहा है, जहां फ्लेवर तंबाकू, मैजिक कॉइल और अन्य आपत्तिजनक सामग्री खुलेआम बेची जा रही है।

चेतगंज हुक्का बार पर कार्रवाई का पूरा घटनाक्रम

एसीपी चेतगंज डॉ.ईशान सोनी के नेतृत्व में एसओजी-2 की टीम ने छापेमारी की। जैसे ही पुलिस टीम वहां पहुंची, मौके पर अफरा-तफरी मच गई। ग्राहक और कर्मचारी भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन पुलिस ने चारों ओर से घेराबंदी कर ली। मौके से 8 पुरुष और 1 महिला पकड़ी गई। संचालन से जुड़े 2 प्रमुख आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

बरामद सामग्री और उसका नेटवर्क कनेक्शन

फ्लेवर तंबाकू के ये पैकेट और मैजिक कॉइल सिर्फ मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि एक बड़े सप्लाई नेटवर्क का हिस्सा हैं। पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, इनकी आपूर्ति बाहरी राज्यों से होती है और इसमें स्थानीय एजेंटों से लेकर थोक सप्लायर तक की भूमिका रहती है। क्यूआर कोड की मौजूदगी इस बात का संकेत देती है कि कारोबार में डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल हो रहा था, जिससे बिना कैश लेनदेन के बड़े पैमाने पर रकम इधर-उधर की जा रही थी।

ऑनलाइन जुआ का नया ठिकाना: ई-रिक्शा

भेलूपुर थाना क्षेत्र में एक और चौंकाने वाली कार्रवाई हुई। गुरुधाम चौराहे पर एसीपी ऑफिस से महज 200 मीटर की दूरी पर, एक ई-रिक्शा में बैठकर ऑनलाइन जुआ खेला जा रहा था। रविवार शाम एसओजी-2 और भेलूपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में मौके से 10 लोग पकड़े गए। यह गिरोह ‘भाग्य लक्ष्मी एप’ का इस्तेमाल कर रहा था।

पुलिस कमिश्नर की अपराध विरोधी रणनीति

पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने साफ कर दिया है कि संगठित अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। डीसीपी क्राइम टी. सरवनन और एसीपी चेतगंज ईशान सोनी के नेतृत्व में लगातार ऑपरेशन चल रहे हैं। योजना के तहत, न सिर्फ छापेमारी बल्कि अपराधियों की वित्तीय जांच, उनके बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन का ऑडिट भी किया जाएगा।

* अवैध कारोबार का समाज और युवाओं पर असर
* हुक्का बार और ऑनलाइन जुआ जैसे कारोबार युवाओं पर पड़ता बुरा असर
* हुक्का बार में निकोटिन और अन्य नशे की लत
*जुए और सट्टे से आर्थिक बर्बादी, अपराधी नेटवर्क से जुड़ने का खतरा

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