उत्तर प्रदेशलखनऊ

बहन की इज्जत पर आई आंच तो भाई ने दांव पर लगा दी जान

अलीगढ़ के ठेकेदार समीम, फहीम और एक अन्य व्यक्ति द्वारा छेड़छाड़ और 6 लाख रुपये हड़पने का आरोप

लखनऊ।अलीगढ़ की रहने वाली समा और उसके मुंह बोले भाई योगेश गोस्वामी की कहानी इंसानियत और रिश्ते की ऐसी मिसाल है, जो समाज को आईना दिखा रही है। यह रिश्ता खून का नहीं है, लेकिन खून से भी गहरा है। समा की मां ने योगेश को बचपन से पाल-पोसकर बड़ा किया था। यही वजह थी कि समा और योगेश के बीच भाई-बहन का अटूट बंधन बन गया, लेकिन जब बहन की इज्ज़त पर सवाल उठा तो भाई का खून खौल उठा। बुधवार को योगेश गोस्वामी ने लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय के बाहर खुद को आग लगाकर सबको चौंका दिया। गौर करने वाली बात ये है कि सपा मुखिया अखिलेश यादव इस दौरान कार्यालय में मौजूद थे। इस मामले में डीसीपी आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि अलीगढ़ से आए युवक योगेश ने पैसे के लेनदेन को लेकर आत्महत्या करने का प्रयास किया है। तहरीर कॉपी में उन्होंने पैसे का लेनदेन का जिक्र किया है।

सिविल अस्पताल में चल रहा इलाज

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जब योगेश ने समाजवादी पार्टी दफ्तर के बाहर ज्वलनशील पदार्थ डालकर खुद को आग लगाई तो मौके पर चीख-पुकार मच गई। राहगीरों और पुलिस ने किसी तरह आग बुझाई और उसे सिविल अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के अनुसार, उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। इस घटना ने लखनऊ ही नहीं, पूरे प्रदेश को हिला दिया है। यह केवल एक आत्मदाह का प्रयास नहीं, बल्कि उस दर्द की चीख है, जो हर उस परिवार की है, जिसे न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ता है।

छेड़छाड़ और 6 लाख रुपये हड़पने का आरोप

योगेश का कहना है कि वह बहन को न्याय दिलाने लखनऊ आया था, लेकिन जब कहीं सुनवाई नहीं हुई तो उसने अपनी जान दांव पर लगा दी। समा पर अलीगढ़ के ठेकेदार समीम, फहीम और एक अन्य व्यक्ति द्वारा छेड़छाड़ और 6 लाख रुपये हड़पने का आरोप है। परिवार ने बार-बार पुलिस और प्रशासन से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं हुआ। योगेश ने मुख्यमंत्री से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक को गुहार लगाई। यहां तक कि उसने अपनी बहन के लिए सपा कार्यालय का दरवाज़ा भी खटखटाया।

अखिलेश यादव ने बीजेपी पर साधा निशाना

वहीं, सपा मुखिया अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि निर्मम बीजेपी सरकार से हताश होकर एक युवा ने आत्मदाह के द्वारा सरकार को जगाने के लिए जो कोशिश की है, वो बेहद दर्दनाक है। बीजेपी सरकार घायल युवक को अच्छे से अच्छा इलाज-उपचार सुनिश्चित करे और युवक को न्याय प्रदान करे। नाइंसाफ़ी, न उम्मीदगी और निराशा बीजेपी सरकार की पहचान बन गई है।

 

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