वाराणसी

वीडीए उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने दिखाया, कोई काम नही है मुश्किल, जब किया इरादा पक्का,अवैध प्लाटरो का निकाल दिया अक्का ,बक्का, चक्का

● वीडीए उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने दिखाया, कोई काम नही है मुश्किल, जब किया इरादा पक्का,अवैध प्लाटरो का निकाल दिया अक्का ,बक्का, चक्का

● अवैध प्लाटिंग पर करारा प्रहार, 52 बीघा में बुलडोजर की कार्यवाही दमदार

● वीडीए उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा के निर्देश पर जोन-3 और जोन-5 में बड़ी कार्रवाई

● दशाश्वमेध, गंगापुर, कल्लीपुर, रामनगर सहित कई इलाकों में अवैध प्लाटिंग ध्वस्त

● शाइन सिटी समेत 7 स्थानों पर बिना ले-आउट स्वीकृति की प्लाटिंग पर बुलडोजर

● उप्र नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम-1973 की धारा-27 के तहत एफआईआर

● अवैध प्लाटिंग करने वालों में मचा हड़कंप, मौके पर भारी पुलिस बल तैनात

● वीडीए उपाध्यक्ष की चेतावनी स्वीकृत ले-आउट के बिना न खरीदें, न बेचें प्लॉट

 

◆ एडवोकेट माया रानी अग्रहरि

 

वाराणसी। शहर को अव्यवस्थित विस्तार और भू-माफियाओं के जाल से मुक्त करने की दिशा में वीडीए ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि अवैध प्लाटिंग के लिए अब शहर में कोई जगह नहीं है। वीडीए उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा के सख्त निर्देशों के क्रम में 8 जनवरी 2026 गुरुवार को जोन-3 और जोन-5 की प्रवर्तन टीम ने एक बड़ी संयुक्त कार्रवाई करते हुए लगभग 52 बीघा भूमि में की गई अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई सिर्फ एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि उस सोच पर सीधा प्रहार है जिसमें नियमों को ताक पर रखकर खेतों और गैर-आवासीय भूमि को रातों-रात कॉलोनियों में तब्दील कर दिया जाता है। दशाश्वमेध, गंगापुर, कल्लीपुर, रामनगर, जिवधिपुर और कटारिया जैसे इलाकों में जिस तरह से बिना ले-आउट स्वीकृति, बिना लैंडयूज परिवर्तन और बिना न्यूनतम सड़क चौड़ाई के प्लॉट बेचे जा रहे थे, वह न केवल शहरी नियोजन के खिलाफ था बल्कि आम नागरिकों के भविष्य के साथ खुला धोखा भी था। वीडीए की यह कार्रवाई उन लोगों के लिए एक कड़ा संदेश है जो वर्षों से नियमों को धता बताकर अवैध प्लाटिंग का कारोबार चला रहे थे। बुलडोजर की इस गूंज ने न सिर्फ अवैध प्लाटिंग करने वालों में हड़कंप मचा दिया, बल्कि उन लोगों को भी चेताया है जो सस्ते प्लॉट के लालच में अपनी जीवन भर की पूंजी ऐसे अवैध सौदों में फंसा देते हैं। उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भूमि क्रय से पूर्व उसका लैंडयूज आवासीय होना अनिवार्य है, साथ ही पहुंच मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई 9 मीटर होनी चाहिए। उन्होंने यह भी दोहराया कि बिना ले-आउट स्वीकृति के किसी भी प्रकार की प्लाटिंग या विक्रय गैरकानूनी है और ऐसे मामलों में वीडीए किसी भी दबाव में नरमी नहीं बरतेगा।

इस कार्रवाई की खास बात यह रही कि केवल ध्वस्तीकरण तक सीमित न रहकर, उप्र नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम-1973 की धारा-27 के तहत एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया भी शुरू की गई, जिससे यह साफ हो गया कि अब अवैध प्लाटिंग करने वालों को सिर्फ नुकसान ही नहीं, कानूनी कार्रवाई का भी सामना करना पड़ेगा।

जोन-3 में 29 बीघा अवैध प्लाटिंग पर कार्रवाई

वीडीए की प्रवर्तन कार्रवाई का पहला चरण जोन-3 में देखने को मिला। दशाश्वमेध वार्ड के अंतर्गत गंगापुर क्षेत्र में आलोक रंजन द्वारा लगभग 4 बीघा भूमि में की गई अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त किया गया। जांच में पाया गया कि न तो भूमि का लैंडयूज आवासीय था और न ही किसी प्रकार की ले-आउट स्वीकृति प्राप्त की गई थी।
इसी वार्ड में विपिन सिंह द्वारा लगभग 3 बीघा तथा कल्लीपुर क्षेत्र में लगभग 2 बीघा भूमि में की गई अवैध प्लाटिंग पर भी बुलडोजर चला। सबसे बड़ी कार्रवाई शाइन सिटी द्वारा की गई लगभग 20 बीघा अवैध प्लाटिंग पर हुई, जिसे पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया।
इस प्रकार जोन-3 में कुल 29 बीघा भूमि में की गई अवैध प्लाटिंग को समाप्त किया गया।

जोन-5 में 23 बीघा भूमि पर चला बुलडोजर

जोन-5 के अंतर्गत रामनगर वार्ड के चौराहत क्षेत्र में अवसफ अहमद द्वारा लगभग 5 बीघा भूमि में की गई अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त किया गया। वहीं जिवधिपुर क्षेत्र में पप्पू यादव द्वारा लगभग 10 बीघा और कटारिया क्षेत्र में रजनीश सिंह द्वारा लगभग 8 बीघा भूमि में की गई अवैध प्लाटिंग पर भी प्रवर्तन टीम ने सख्त कार्रवाई की। इन सभी स्थानों पर बिना किसी वैध स्वीकृति के प्लॉट काटे जा रहे थे, सड़कें बनाई जा रही थीं और भोले-भाले लोगों को प्लॉट बेचने की तैयारी थी। वीडीए की समय रहते की गई इस कार्रवाई ने कई लोगों को संभावित ठगी से भी बचा लिया। कानून के तहत एफआईआर, अब सिर्फ चेतावनी नहीं कार्रवाई।

वीडीए द्वारा स्पष्ट किया गया कि 8 जनवरी 2026 को की गई यह कार्रवाई केवल ध्वस्तीकरण तक सीमित नहीं है। उप्र नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम-1973 की धारा-27 के तहत संबंधित लोगों के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। यह कदम इस मायने में अहम है कि अब अवैध प्लाटिंग करने वालों को यह संदेश मिल गया है कि नियम तोड़ने पर सिर्फ निर्माण ही नहीं टूटेगा, बल्कि कानूनी शिकंजा भी कसेगा।

वीडीए उपाध्यक्ष का स्पष्ट संदेश

कार्रवाई के दौरान वीडीए उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने कहा कि
वाराणसी का विकास नियोजित और सुरक्षित तरीके से होना चाहिए। बिना ले-आउट स्वीकृति, बिना आवासीय लैंडयूज और बिना मानक सड़क चौड़ाई के की जा रही प्लाटिंग शहर के भविष्य के लिए खतरा है। ऐसे मामलों में प्राधिकरण कोई समझौता नहीं करेगा। आम जनता से अपील की कि केवल वही प्लॉट खरीदें जिनका ले-आउट वीडीए से स्वीकृत हो और मानचित्र स्वीकृति के बिना किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य न करें। यह भी बताया कि ले-आउट जमा करने के बाद प्राधिकरण द्वारा 7 दिवस के भीतर स्वीकृति प्रदान की जा रही है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि नियमों का पालन करने वालों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।

मौके पर अधिकारी और भारी पुलिस बल तैनात

कार्रवाई के दौरान जोनल अधिकारी रविन्द्र प्रकाश और अशोक त्यागी, अवर अभियंता आदर्श निराला, संजय तिवारी, राजू कुमार, प्रवर्तन दल, सुपरवाइजर और पर्याप्त पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क दिखा। यह कार्रवाई केवल बुलडोजर चलाने की नहीं है, बल्कि यह उस अवैध तंत्र पर सीधा हमला है जो वर्षों से शहर की जमीन को मुनाफे की मशीन बनाकर आम जनता को ठगता रहा है। वीडीए ने यह साफ कर दिया है नियम तोड़ोगे तो बख्शे नहीं जाओगे।

* कुल 52 बीघा अवैध प्लाटिंग पर ध्वस्तीकरण
* जोन-3 में 29 बीघा, जोन-5 में 23 बीघा
* धारा-27 के तहत एफआईआर की कार्रवाई
* बिना ले-आउट और लैंडयूज के प्लाटिंग पर सख्ती
* आम जनता से केवल स्वीकृत प्लॉट खरीदने की अपील
* 7 दिन में ले-आउट स्वीकृति की व्यवस्था

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