VDA में सचिव की समीक्षा बैठक सम्पन्न, अवैध निर्माण पर हर सप्ताह ध्वस्तीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश
वाराणसी विकास प्राधिकरण की समीक्षा बैठक में सचिव डॉ० वेद प्रकाश मिश्रा का कड़ा रुख, अवैध निर्माण पर साप्ताहिक ध्वस्तीकरण के निर्देश

~ शमन शुल्क वसूली में ढिलाई पर नाराज़गी, सचिव ने दिए सख्त निर्देश
~ IGRS शिकायतों और अवैध प्लाटिंग पर तीखी समीक्षा, सचिव बोले– हर सप्ताह हो एक ध्वस्तीकरण
~ जोन-3, 4 व 5 की समीक्षा बैठक सम्पन्न — अवैध निर्माण पर ज़ीरो टॉलरेंस की नीति पर जोर
~ शमन मानचित्रों के शीघ्र निस्तारण और अवैध निर्माण पर सख्ती के निर्देश
वाराणसी, 16 जुलाई 2025। वाराणसी विकास प्राधिकरण के सचिव डॉ. वेद प्रकाश मिश्रा की अध्यक्षता में आज दिनांक 16 जुलाई 2025 को जोन-3 (दशाश्वमेध, चेतगंज, चौक, कोतवाली), जोन-4 (भेलूपुर, नगवां) और जोन-5 (रामनगर, मुगलसराय) की 15 दिवसीय कार्य प्रगति (1 जुलाई से 15 जुलाई 2025 तक), विगत 3 माह की MPR और पूर्व में दिए गए निर्देशों के आलोक में गहन समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
इस समीक्षा बैठक में सभी जोनों के जोनल अधिकारी, अवर अभियंता, मुख्य भवन लिपिक, विन्यास लिपिक एवं अन्य संबंधित कर्मचारी उपस्थित रहे। बैठक में जमा शमन मानचित्रों, स्वीकृत मानचित्रों, तावान/शमन शुल्क की वसूली, IGRS पोर्टल पर प्राप्त जन शिकायतों पर हुई असंतुष्ट प्रतिक्रिया (Negative Feedback), अवैध प्लाटिंग के विरुद्ध की गई ध्वस्तीकरण कार्यवाही, अवैध रूप से संचालित पेट्रोल/डीजल/CNG फिलिंग स्टेशनों पर कार्रवाई, और वार्ड-वार टॉप-10 बकायेदारों जैसे बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में जानकारी दी गई कि जोन-3, 4 एवं 5 द्वारा आलोच्य अवधि में शमन शुल्क के मद में कुल ₹61,12,787.00 की धनराशि प्राधिकरण कोष में जमा कराई गई है। निर्धारित लक्ष्य की तुलना में कम धनराशि जमा होने पर सचिव महोदय ने नाराजगी जताते हुए सभी लंबित शमन मानचित्र प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सचिव डॉ. मिश्रा ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा,
“सभी जोनल अधिकारी एवं अवर अभियंता यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक सप्ताह में अवैध प्लाटिंग के विरुद्ध ध्वस्तीकरण की कार्यवाही अवश्य की जाए तथा हर सप्ताह कम से कम एक अवैध निर्माण/भवन को मौके पर ध्वस्त किया जाए।”
इस सख्त रुख के साथ प्राधिकरण ने यह संदेश स्पष्ट किया है कि वाराणसी में अनधिकृत निर्माण और अवैध प्लाटिंग को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर निरंतर निगरानी रखी जाएगी।




