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पीएम मोदी के काशी में स्पा पार्लर में खुलेआम चल रहा देह व्यापार, कानून के जिम्मेदार बन गए हिस्सेदार

स्पा सेंटर के नाम पर शहर में देह व्यापार का जाल, वाराणसी की पुलिस व्यवस्था कटघरे में

― माया रानी अग्रहरि, संवादाता अचूक संघर्ष

 

~ कैंट में पकड़ा गया मामला, मगर शहर में ऐसे सेंटरों की भरमार

~ ‘थाने से सेटिंग’ के बिना नहीं चलता यह धंधा, खुली लूट की छूट

~ स्पा की आड़ में ‘सेक्स सर्विस’ ऑनलाइन ऐप्स से बुकिंग, होटल से सप्लाई

~ छापेमारी के बाद पुलिस की वसूली दर बढ़ती है, फिर सब कुछ सामान्य

~ ब्यूटी पार्लर, मसाज सेंटर और पीजी भी बनते हैं देह व्यापार के अड्डे

~ हाईप्रोफाइल क्लाइंट्स की डिमांड पर बाहर से लाई जाती हैं लड़कियां

~ वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस की दोहरी भूमिका एक हाथ से छापा, दूसरे से कमाई

  • कैंट क्षेत्र में हुए छापे में दो पुरुष और तीन युवतियों की गिरफ्तारी
  • गिरफ्तार युवक-युवतियों से पूछताछ में कई अन्य स्पा सेंटरों के नाम उजागर
  • ‘स्पा’ शब्द महज दिखावा, असली काम कमरों में चलता है
  • प्रति ग्राहक 1500-3000 रुपये, बिचौलिए और पुलिस को बंधी ‘कटौती’
  • पुलिस की मिलीभगत से चल रही गतिविधियां
  • लड़कियों की आपूर्ति बनारस के बाहर से, कुछ नेपाल और बंगाल मूल की
  • हाईप्रोफाइल ग्राहकों के लिए होटलों और फ्लैटों में ‘स्पेशल अरेंजमेंट’
  • पुलिसकर्मियों की संलिप्तता के बावजूद अब तक कोई विभागीय कार्रवाई नहीं

छापेमारी से खुली परतें एक सेंटर, दर्जनों सवाल

19 जुलाई की रात वाराणसी के कैंट थाना क्षेत्र के एक स्पा सेंटर पर छापा मारते हुए पुलिस ने दो युवक और तीन युवतियों को आपत्तिजनक स्थिति में गिरफ्तार किया। शुरुआती रिपोर्ट में इसे अनैतिक देह व्यापार बताया गया, लेकिन यह मामला कोई पहला या अनोखा नहीं था। कैंट से लेकर सिगरा, भेलूपुर से लंका तक फैले सैकड़ों स्पा सेंटरों में ‘मसाज’ के नाम पर देह व्यापार धड़ल्ले से चल रहा है। पकड़ी गई युवतियां बाहर की हैं। एक पश्चिम बंगाल की, एक असम की और एक यूपी के दूसरे जिले की। पूछताछ में उन्होंने बताया कि उन्हें ऑनलाइन एप्लिकेशन के माध्यम से ग्राहक बुकिंग दी जाती थी और प्रति दिन के हिसाब से भुगतान होता था।

स्पा सेंटर या देह व्यापार के आधुनिक कोठे

इन स्पा सेंटरों की साज-सज्जा अत्याधुनिक होती है। एयर कंडीशनिंग, हल्की रौशनी, नशीले परफ्यूम की महक और भीतर बने अलग-अलग ‘केबिन’ जिनमें न केवल मसाज होता है, बल्कि अक्सर ‘स्पेशल सर्विस’ देने की तैयारी भी रहती है। बाहरी व्यक्ति को कुछ भी संदेहास्पद नहीं लगेगा। लेकिन जैसे ही ग्राहक ‘कोड’ शब्द बोलते हैं या ऐप्प पर पहले से बुकिंग दिखाते हैं, उन्हें सीधा केबिन तक पहुंचा दिया जाता है।

वसूली का खेल छापा मतलब दर तय

सिस्टम का सबसे शर्मनाक पहलू यह है कि इन धंधों को बंद कराने की बजाय, पुलिस और कुछ दलाल तत्व मिलकर हर महीने की ‘फिक्सिंग’ में लगे रहते हैं। छापेमारी सिर्फ उन्हीं स्पा पर होती है जो ‘सेटिंग’ में चूक जाते हैं या किसी अफसर को हिस्सा नहीं पहुंचाते। एक थाना क्षेत्र में तैनात रहे अधिकारी के अनुसार, हर स्पा सेंटर से प्रतिमाह 20-50 हजार रुपये तक की वसूली होती है। छापा पड़ने के बाद यह दर बढ़ा दी जाती है और एक-दो दिन बाद वह स्पा पुनः चालू हो जाता है।

हाईप्रोफाइल नेटवर्क दलाल, ऐप्स और होटल रिंग

देह व्यापार का नेटवर्क आधुनिक डिजिटल माध्यमों से जुड़ चुका है। इंस्टाग्राम, स्नैपचैट, व्हाट्सएप ग्रुप्स और टेलीग्राम चैनल्स के जरिए ग्राहक बनाए जाते हैं। ‘स्पा केबिन’ से लेकर शहर के प्रमुख होटलों और गेस्ट हाउसों तक लड़कियां सप्लाई की जाती हैं। कुछ एजेंसियां लड़कियों को बनारस लाकर किराए के फ्लैटों में रखती हैं। फिर स्पा सेंटरों से ‘कॉल’ आने पर उन्हें भेजा जाता है।

लड़कियों की आर्थिक तंगी मजबूरी

पकड़ी गई कई लड़कियों ने बताया कि वे आर्थिक तंगी के कारण इस धंधे में आईं। लेकिन कई मामलों में जबरन लाकर रखा जाना, दलालों द्वारा पासपोर्ट और दस्तावेज छीन लेना ‘एडवांस’ के नाम पर बंधुआ बना देना भी सामने आया है। नेपाल, असम, बंगाल, ओडिशा, झारखंड की गरीब लड़कियां इस नेटवर्क का सबसे आसान शिकार बनती हैं।

पुलिस की दोहरी भूमिका संरक्षण बनाम कार्रवाई

पुलिस की भूमिका दोहरी है एक तरफ औपचारिक तौर पर छापेमारी और गिरफ्तारी दिखाई जाती है, दूसरी तरफ उन्हीं सेंटरों को अनदेखा कर महीनों तक चलने दिया जाता है।
वाराणसी के एक पूर्व सेवानिवृत डीआईजी ने बताया कि ‘सिस्टम को मालूम है कि कहां क्या चल रहा है। कार्रवाई तब होती है जब ‘ऊपर’ से फोन आता है या कोई अफसर ट्रांसफर से पहले ‘शो’ करना चाहता है।’

प्रशासनिक चुप्पी और सामाजिक विघटन

सूत्रों की मानें तो इस पूरे नेटवर्क से न केवल पुलिस, , , और प्रशासनिक अधिकारी तक जुड़े हुए हैं या कम से कम जानबूझकर चुप हैं। यह न केवल कानून व्यवस्था का मजाक है, बल्कि शहर की सामाजिक संरचना पर भी गंभीर खतरा है। शहर में कॉलेज जाने वाली लड़कियों को भी इस धंधे में खींचने के मामले सामने आ चुके हैं। बढ़ती बेरोजगारी और सोशल मीडिया पर दिखता ‘ग्लैमर’ इस जाल को और व्यापक बना रहा है। कैंट थाने की छापेमारी ने एक बार फिर साबित किया कि वाराणसी में स्पा सेंटर के नाम पर एक संगठित, सुसज्जित और संरक्षण प्राप्त देह व्यापार का नेटवर्क चल रहा है। यह कोई इक्का-दुक्का मामला नहीं, बल्कि पूरे शहर की एक गंभीर सामाजिक और प्रशासनिक समस्या है।

वाराणसी के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित होने वाले स्पा सेंटरों की सूची

  1. ग्लोबल स्पा – स्मार्ट बाजार, सिगरा
  2. गोल्डन डोर स्पा – विद्यापीठ, सिगरा
  3. यूनिवर्सल स्पा – मछोदरी क्षेत्र, मालदहिया
  4. डायमंड डोर स्पा – साजन रोड, सिगरा
  5. गैलेक्सी स्पा – सिगरा, सिद्धगिरीबाग सत श्री बिल्डिंग
  6. द ऑरेंज स्पा दुर्गाकुंड
  7. नमो स्पा बीएलसीसी बिल्डिंग, सिगरा
  8. वृक्षा स्पा श्रीराम कॉम्प्लेक्स रोड के पास, कैंट
  9. फाइव स्टार स्पा लक्खनपुर, वाराणसी
  10. इंसिया स्पा पांडेयपुर, वाराणसी
  11. कलर चिक स्पा साई कॉम्प्लेक्स, चौथी मंजिल
  12. लेमन स्पा – साई कॉम्प्लेक्स, सिगरा
  13. सोल स्पा – सोनिया, सिगरा
  14. मैंगो स्पा – महमूरगंज, सिगरा
  15. गोलशिन स्पा –रविन्द्रपुरी, लंका
  16. यूनीक स्पा – रानीपुर, महमूरगंज
  17. सोल 11 स्पा – जगतगंज, चेतगंज

ये कुछ स्पा सेंटर के नाम दिए जा रहे हैं हालांकि अचूक संघर्ष यह स्पष्ट नहीं करता है कि सभी स्पा सेंटर पर देह व्यापार होता ही है, लेकिन अधिकांश स्पा पार्लर में देह व्यापार ही होता है।

स्पा की आड़ में देह व्यापार का गंदा खेल वाराणसी में फूला ‘सौंदर्य उद्योग’, कानून बना मूकदर्शक

यह नगरी जहां संस्कृति और आध्यात्म का संगम होता है, अब आधुनिकता की ओट में एक और कलंक ढो रही है। स्पा सेंटरों की आड़ में फलता-फूलता देह व्यापार। सिगरा, महमूरगंज, लंका, चेतगंज, पांडेयपुर, दुर्गाकुंड जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सौंदर्य और विश्राम केंद्र के नाम पर कई ऐसे स्पा खुल गए हैं, जो असल में ‘संस्‍कार’ नहीं, ‘संगति’ बिगाड़ने का केंद्र बन चुके हैं।

सतह के नीचे चलता ‘गंदा कारोबार’

पिछले कुछ महीनों में कमिश्नरेट वाराणसी पुलिस और कैंट क्षेत्रों में चल रहे स्पा सेंटरों पर छापे मारकर देह व्यापार में लिप्त युवतियों और ग्राहकों को गिरफ्तार किया है। लेकिन कार्रवाई कुछ गिने-चुने मामलों में ही होती है, और अधिकतर मामलों में ‘ऊपर से दबाव’ और ‘स्थानीय सेटिंग’ के चलते कार्रवाई ठंडे बस्ते में डाल दी जाती है। सूत्रों के अनुसार, कुछ स्पा सेंटरों में तो बाकायदा ‘सर्विस मेन्यू’ तक तैयार होता है, जो विशेष ग्राहकों को निजी तौर पर दिखाया जाता है। शहर के ब्यूटी एंड हेल्थ वेलनेस के नाम पर संचालित यह केंद्र अब मानव तस्करी, आर्थिक शोषण और संगठित अपराध के अड्डे बनते जा रहे हैं। इनमें से अधिकतर स्पा केंद्र बिना किसी प्रमाणिक पंजीकरण या लाइसेंस के संचालित हो रहे हैं। नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग से लेकर स्थानीय पुलिस थानों तक की मूक सहमति या कथित मिलीभगत इस गंदे कारोबार को खुला संरक्षण देती है।

लड़कियां कैसे पहुंचती हैं इस दलदल में

सूत्रों की मानें तो बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड, नेपाल और पूर्वोत्तर राज्यों से 18-25 वर्ष की लड़कियों को अच्छी सैलरी, नौकरी या मॉडलिंग का झांसा देकर बुलाया जाता है। फिर शहर में किसी स्पा सेंटर में काम दिलवाया जाता है। शुरुआत में सिर्फ मसाज और थैरेपी तक सीमित रखा जाता है, लेकिन कुछ समय बाद उन्हें ग्राहकों की ‘विशेष डिमांड’ पूरी करने के लिए मजबूर किया जाता है। प्रतिरोध करने पर सैलरी रोकने, कमरे से न निकलने देने और धमकियों का सहारा लिया जाता है।

पुलिस, प्रशासन और नेताओं की भूमिका पर सवाल

इस पूरे रैकेट को कई स्तरों पर राजनीतिक संरक्षण और पुलिसिया सांठगांठ प्राप्त है। कई स्पा सेंटर ऐसे हैं जहां प्रतिदिन शाम 5 बजे के बाद विशेष ग्राहकों की लाइन लगती है। लेकिन पुलिस को इसकी भनक तक नहीं होती, या यूं कहिए कि जानबूझ कर आखें मूंद ली जाती हैं।
स्पा मालिकों के मोबाइल नंबरों की निगरानी से लेकर बैंकिंग लेन-देन तक में ऐसी कई गतिविधियां हैं जो स्पष्ट करती हैं कि यह सिर्फ ब्यूटी बिजनेस नहीं बल्कि सेक्स ट्रैफिकिंग का हिस्सा है। 2024 में नगर निगम ने स्पा सेंटरों के लिए गाइडलाइन तैयार की थी, जिसमें हर केंद्र को स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की अनुमति लेना जरूरी था। लेकिन इन नियमों का पालन जमीन पर नहीं हो रहा। विगत दिवस पुलिस कमिश्नर ने मीडिया को दिए गए बयान में कहा कि अवैध रूप से चल रहे स्पा सेंटरों की जांच के आदेश दिए, लेकिन ज़मीनी कार्रवाई न के बराबर हुई।

पत्रकारों और शिकायतकर्ताओं पर दबाव

खबर लिखने वाले स्थानीय पत्रकारों को भी धमकियां मिलती हैं। कुछ मामलों में तो स्पा मालिकों ने पैसे देकर खबर रुकवाने की कोशिश की, तो कहीं पुलिस ने ही पत्रकारों को फर्जी मुकदमों में फंसाने की कोशिश की। यह साफ करता है कि यह खेल अब सिर्फ गुपचुप धंधा नहीं रहा, बल्कि संरक्षित नेटवर्क के रूप में फल-फूल रहा है। वाराणसी को यदि अपने आध्यात्मिक और सांस्कृतिक स्वरूप की गरिमा बनाए रखनी है, तो स्पा सेंटरों की आड़ में चल रहे इस देह व्यापार के गोरखधंधे पर तत्काल और कठोर कार्रवाई जरूरी है। प्रशासन को चाहिए कि वह पंजीकरण, लाइसेंस, सीसीटीवी निगरानी और महिला सुरक्षा नियमों को लागू करे, और ऐसे स्पा मालिकों पर मानव तस्करी अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाए। वरना जल्द ही बनारस का ‘शरीर सौंदर्य उद्योग’ पूरे समाज को नंगा कर देगा।


स्पा सेंटर के नाम पर शहर में जिस्मफरोशी का घिनौना धंधा

वाराणसी की पुलिस व्यवस्था कटघरे में

वाराणसी। कैंट थाना क्षेत्र के अर्दली बाजार में एक स्पा सेंटर पर छापेमारी के दौरान दो युवक और तीन युवतियों की गिरफ्तारी ने पूरे शहर में संचालित ऐसे स्पा सेंटरों की आड़ में चल रहे देह व्यापार के काले कारोबार की परतें उधेड़ दी हैं। यह मामला केवल एक सेंटर तक सीमित नहीं है। पूरे जिले में ऐसे दर्जनों स्पा सेंटर हैं, जहां खुलेआम अनैतिक देह व्यापार का कारोबार फल-फूल रहा है। खास बात यह है कि यह धंधा स्थानीय पुलिस की ‘निगरानी’ में ही चल रहा है, और जब-जब छापेमारी होती है, तब-तब ‘रेट’ तय होते हैं। सिगरा, महमूरगंज, भेलूपुर, लंका, सुंदरपुर, सामनेघाट, मंडुआडीह जैसे इलाके इस गोरखधंधे के गढ़ बन चुके हैं।


क्या कहता है यह नियम

स्पा सेंटर के नियम, जो अनैतिक गतिविधियों को रोकने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बनाए गए हैं, में शामिल हैं: पुरुष और महिला ग्राहकों के लिए अलग-अलग प्रवेश द्वार, बंद होने वाले दरवाजे, और कार्य घंटों के दौरान खुले रहने वाले मुख्य द्वार

एक रिपोर्ट के अनुसार ग्राहकों को आईडी कार्ड दिखाना होगा और उनके विवरण रजिस्टर में दर्ज किए जाएंगे रिपोर्ट में बताया गया है। स्पा सेंटर सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक ही खुले रह सकते हैं, और प्रत्येक कमरे में पर्याप्त रोशनी होनी चाहिए।

यौन गतिविधियों पर प्रतिबंध

स्पा सेंटर के अंदर किसी भी प्रकार की यौन गतिविधि की अनुमति नहीं है।

लिंग-आधारित सेवाएं

पुरुषों की मालिश पुरुष और महिलाओं की मालिश महिलाएं ही करेंगी, और प्रवेश द्वार अलग-अलग होंगे। स्पा सेंटर में सेल्फ-क्लोजिंग दरवाजे होने चाहिए, और कार्य घंटों के दौरान मुख्य द्वार खुले रहने चाहिए।

पहचान

ग्राहकों को आईडी कार्ड दिखाना होगा और उनका विवरण एक रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा।

कर्मचारियों की योग्यता

स्पा में काम करने वाले कर्मचारियों के पास फिजियोथेरेपी, एक्यूप्रेशर या ऑक्यूपेशनल थेरेपी में डिग्री/डिप्लोमा/प्रमाण पत्र होना चाहिए

आयु सीमा

स्पा में काम करने वाले सभी कर्मचारियों की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए।

लाइसेंस और पुलिस सत्यापन

स्थानीय निकाय स्पा/मसाज सेंटर को लाइसेंस जारी करने से पहले परिसर का सत्यापन करेगा और मालिक/प्रबंधक का पुलिस सत्यापन प्राप्त करेगा है।


मोदी जी देखिये न आप के संसदीय क्षेत्र में क्या हो रहा है प्रधानमंत्री का क्षेत्र होने के बाद भी इतना बड़ा देहव्यापार का सिंडिकेट कैसे व किसकी शह पर पुष्पित व पल्लवित हो रहा है ?


मोहित अग्रवाल, पुलिस आयुक्त वाराणसी

मोहित अग्रवाल के नेक नियति पर कोई नही सवाल,सबंधित थाना प्रभारी “कमाण्डर” की बातों का नही रख रहे ख्याल

अभी हाल ही में वाराणसी के कर्मठ व अपराधियों खौफ पैदा करने वाले पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने मीडिया के सामने कहा था कि मैं वाराणसी के होटल गेस्टहाउस व स्पा पार्लर की गोपनीय जांच करवा रहा हूँ जो भी इसमें संलिप्त है वो बच नही सकता। आप को बताते चले कि पूर्व पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश ने “अचूक सँघर्ष” की खबर को संज्ञान में लेते हुए पूरे शहर में सारे स्पा पार्लर एक झटके में बन्द करा दिए थे।वही तत्कालीन पुलिस आयुक्त मुथा अशौक जैन ने तो तो स्पा पार्लर के मामले पर अपने अधीन अधिकारीयों को एक गोपनीय पत्र भी जारी किया था जिसमे किसी भी हाल में स्पा संचालित न होने पाएं। मोहित अग्रवाल भी मामले को लेकर काफी गम्भीर है अब देखना है कि अन्य थानों में जो ये स्पा पार्लर में देहव्यापार चल रहे है उस पर अंकुश लग पायेगा ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा।


अमिताभ यश, पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था

इस सम्बंध में जब जिले के पुलिस अधिकारियों का बयान लेने के लिये उनके सीयूजी नम्बर पर काल किया गया तो किसी फोन नही उठाया तब इस सम्बंध में सूबे के अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था अमिताभ यश के सीयूजी नम्बर 9454400112 पर फोन लगाया गया फोन तो उठा लेकिन वही हाल पीएसओ बोल रहा हूँ बताइए तो जब वाराणसी के स्पा पार्लर में देहव्यापार के विषय मे बताया गया तो वहां से भी यही जवाब आया कि साहब मीटिंग में है आप की बात एडीजी साहब तक पहुँचा दी जाएगी जब बात कराने पर जोर दिया गया तो कल 12 बजे फ़ोन करने की बात कहकर फोन कट कर दिया गया


नाम विशाल तिवारी व सपना तिवारी दोनों पति पत्नी है रोडवेज चौकी से 50 मीटर दूर श्रीराम काम्प्लेक्स में वृक्षा स्पा के नाम से यहां मसाज की आड़ में जिस्मफरोशी का खेल चलता है।दुकान का पेपर सपना तिवारी के नाम से है दोनों मिलकर ये घृणित कार्य को अंजाम दे रहे है। जबकि रोडवेज चौकी मात्र चंद कदम की दूरी पर है।L


वैभव पाण्डेय

नाम वैभव पांडेय पहले संकटमोचन चौकी के सामने इसका स्पा पार्लर चलता था अब चितईपुर में सोनू के व्यावसायिक परिसर में स्पा पार्लर चलाता है इसमें इसका पार्टनर अवनीश कुमार नाम का लेखपाल भी है जिसकी तैनाती गोरखपुर में है व श्रीनगर कालोनी महमूरगंज में एक रेसिडेंशियल फ्लैट में स्पा के नाम पर देह व्यापार चलाता है श्रीनगर कालोनी के निवासी आये दिन पुलिस चौकी महमूरगंज पर इसकी शिकायत करते है लेकिन कोई सुनवाई नही होती है अभी हाल में ही इसका वीडियो एक लड़के को मारते हुए वायरल हुआ था।


 

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