उत्तर प्रदेश

आउटसोर्सिंग कर्मियों को बड़ी,राहत महीने की 5 तारीख तक सैलरी

योगी कैबिनेट बैठक में करीब 15 प्रस्तावों पर लगी मुहर

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी कैबिनेट में महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा हुई है। सीएम योगी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई बैठक में कई अहम फैसलों पर निर्णय लिया गया है। इस कैबिनेट बैठक में करीब 15 प्रस्तावों पर मुहर लगी है। योगी कैबिनेट ने आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को लेकर एक बड़ा फैसला ले लिया है। इससे प्रदेश के लाखों आउटसोर्सिंग कर्मियों को बड़ी राहत मिली है। कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि राज्य के हित में बहुत महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।प्रदेश सरकार के मंत्री अरविंद शर्मा ने बताया कि कुल 16 प्रस्ताव थे, जिनमें से 15 प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दी है। कानपुर और लखनऊ में 20 रूटों पर प्राइवेट बसों के संचालन को भी मंजूरी दी गई है। इन सभी रूटों पर इलेक्ट्रिक बसें चलेंगी। सरकार के मंत्री संजय कुमार निषाद ने कहा कि आउटसोर्सिंग बड़ा मुद्दा था। उत्तर प्रदेश में लाखों कर्मचारियों को कुछ एजेंसियां अन्याय करती थी, उन्हें समय पर वेतन नहीं देती थी। आज एक आयोग बना है। कॉर्पोरेशन बनाकर उन्हें समय पर वेतन, उनकी सुरक्षा और आरक्षण की व्यवस्था का पालन होगा।सीएम योगी ने कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के गठन के प्रस्ताव को मंजूर दे दी है। सरकार के इस फैसले को आउटसोर्सिंग कर्मियों के हितों की रक्षा और शोषण से बचाव के नजरिये से अहम माना जा रहा है। आउटसोर्सिंग निगम में जेम पोर्टल के जरिये सर्विस प्रोवाइडर रखे जाएंगे। इनकी नियुक्ति करीब तीन साल तक होगी। इतना ही नहीं, महीने की 5 तारीख तक सैलरी आ जायेगी। इसके अलावा कई अन्य प्रस्तावों पर भी योगी कैबिनेट की अंतिम मुहर लग गई है।

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