पुलिकत गर्ग के निर्देश पर वीडीए कार्यवाही जोन-वार जबरदस्त ,ध्वस्तीकरण अभियान से अवैध निर्माणकर्ताओं के हौसले हुए पस्त

- लेढूपुर में 1800 वर्ग फीट का चार मंजिला अवैध निर्माण जमींदोज
- भेलूपुर नगवां में 3 बीघे की अवैध प्लॉटिंग पर चला बुलडोजर
- ककरमत्ता में 700 वर्ग फीट का जी+2 निर्माण ढहा
- शिवपुर-सिकरौल क्षेत्र में 800 वर्ग मीटर की अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त
- जोनल अधिकारी से लेकर पुलिस बल रहा सक्रिय
- उपाध्यक्ष की चेतावनी बिना मानचित्र स्वीकृति निर्माण वालों पर नहीं होगी रियायत
- योजनाबद्ध विकास की ओर बड़ा कदम आमजन को दिया संदेश
- भू-माफियाओं के लिए सबक नियमों से खिलवाड़ पर होगा सीधा वार

वाराणसी। वीडीए ने अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग पर कड़ा प्रहार करते हुए जोन-वार एक्शन शुरू कर दिया है। उपाध्यक्ष के नेतृत्व में चली प्रवर्तन टीम ने सारनाथ, भेलूपुर और शिवपुर क्षेत्रों में बहुमंजिला इमारतों से लेकर अवैध प्लॉटिंग तक को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई न केवल नियमों को ताक पर रखने वाले बिल्डरों और भू-माफियाओं को सीधी चेतावनी है, बल्कि आम नागरिकों को भी यह संदेश देती है कि अब बिना मानचित्र और अनुमति के एक-एक ईंट भी टिकाना मुश्किल होगा। वीडीए का यह अभियान शहर की कानूनसम्मत और योजनाबद्ध बस्तियों के लिए ऐतिहासिक मोड़ साबित हो सकता है।
* उपाध्यक्ष के आदेश पर अवैध निर्माण व प्लॉटिंग के विरुद्ध जोन-वार ध्वस्तीकरण।
* सारनाथ (लेढूपुर) में दिलीप कुमार गुप्ता का 4 मंजिला निर्माण ढहा।
* भेलूपुर (खनाव ग्राम) में अज्ञात व्यक्ति की 3 बीघे में अवैध प्लॉटिंग पर कार्यवाही।
* भेलूपुर ककरमत्ता में सीताराम व पूजन द्वारा किये गये 700 वर्गफीट के अवैध निर्माण का ध्वस्तीकरण।
* शिवपुर (सिकरौल) क्षेत्र में 800 वर्गमीटर की प्लॉटिंग पर बुलडोज़र चला।
* जोन-वार टीमों में सहायक नगर नियोजक, जोनल अधिकारी, अवर अभियंता, प्रवर्तन दल और पुलिस बल की सक्रिय भूमिका।
* वीडीए उपाध्यक्ष की अपील केवल स्वीकृत लेआउट वाले प्लॉट खरीदें, मानचित्र स्वीकृत कराएं।
* वाराणसी को अवैध निर्माण मुक्त, योजनाबद्ध और सुरक्षित शहर बनाने का संकल्प।



ज़ोन वार ध्वस्तीकरण अभियान से मचा हड़कंप
वाराणसी में अवैध निर्माण और भू-माफियाओं के खिलाफ विकास प्राधिकरण ने वह किया जिसकी जनता लंबे समय से उम्मीद कर रही थी। वीडीए उपाध्यक्ष के नेतृत्व में चलाया गया ध्वस्तीकरण अभियान अब शहर की दिशा तय करने वाला साबित हो रहा है। सारनाथ से लेकर भेलूपुर और शिवपुर तक जहां-जहां भूमाफिया और बिल्डरों ने बिना अनुमति, बिना मानचित्र और बिना नियमों की परवाह किए अवैध निर्माण खड़े कर दिए थे, वहां प्राधिकरण का बुलडोज़र चला। प्रवर्तन टीम की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि अब वाराणसी में ‘अनियोजित विकास’ का दौर खत्म होगा।
चार मंजिला अवैध निर्माण जमींदोज
सारनाथ क्षेत्र, मौजा लेढूपुर में दिलीप कुमार गुप्ता द्वारा 1800 वर्ग फीट क्षेत्रफल में निर्मित चार मंजिला अवैध इमारत प्राधिकरण की नज़रों से बच नहीं पाई। बिना मानचित्र स्वीकृत कराए यह इमारत खड़ी कर दी गई थी।
न तो निर्माण की सुरक्षा जांच हुई और न ही कानूनन स्वीकृति। स्थानीय लोगों ने कई बार शिकायत की थी कि इस तरह के निर्माण से न सिर्फ क्षेत्र की रूपरेखा बिगड़ रही है बल्कि भविष्य में सुरक्षा संबंधी खतरे भी बढ़ रहे हैं। ध्वस्तीकरण के समय सहायक नगर नियोजक सौरभ जोशी, जोनल अधिकारी प्रकाश कुमार, अवर अभियंता विनोद कुमार समेत प्रवर्तन दल और पुलिस बल मौके पर मौजूद थे। भारी पुलिस बल की तैनाती ने यह सुनिश्चित किया कि कोई भी व्यक्ति अवरोध खड़ा न कर सके। बुलडोज़र के एक-एक वार से इमारत जमींदोज होती गई और आसपास मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली।
3 बीघे की अवैध प्लॉटिंग पर चला बुलडोज़र
नगवां के खनाव में पानी टंकी के सामने अज्ञात व्यक्ति द्वारा की जा रही अवैध प्लॉटिंग को प्राधिकरण ने ध्वस्त कर दिया। करीब 3 बीघे जमीन पर बिना लेआउट स्वीकृति के अवैध कॉलोनी काटी जा रही थी। 5 नवंबर 2024 को ध्वस्तीकरण आदेश जारी किया गया था।उसके बाद चेतावनी दी गई थी कि यदि गतिविधि नहीं रुकी तो बुलडोजर चलेगा। 25 अगस्त 2025 को पुलिस बल और प्रवर्तन टीम की मौजूदगी में पूरी अवैध प्लॉटिंग ढहा दी गई। मौके पर जोनल अधिकारी संजीव कुमार और अवर अभियंता आदर्श निराला मौजूद रहे। ग्रामीणों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया क्योंकि अवैध प्लॉटिंग से बुनियादी सुविधाओं सड़क, नाली, बिजली और पानी का संकट उत्पन्न हो रहा था।
ककरमत्ता में जी+2 निर्माण ढहा
भेलूपुर क्षेत्र के ककरमत्ता, बड़ी पटिया में सीताराम और पूजन नामक व्यक्तियों द्वारा विशाल स्वीट्स हाउस के बगल में 700 वर्ग फीट क्षेत्रफल पर जी+2 निर्माण कराया जा रहा था। जिसकी प्राधिकरण से अनुमति नहीं ली गई थी। न मानचित्र स्वीकृत, न ही सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था। स्थानीय व्यापारियों और दुकानदारों ने आपत्ति जताई थी। प्रवर्तन टीम ने बिना देरी किए इसे ध्वस्त कर दिया। इस दौरान जोनल अधिकारी संजीव कुमार, अवर अभियंता आदर्श निराला और पूरी प्रवर्तन टीम सक्रिय रही।
शिवपुर-सिकरौल में अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त
जोन-1 शिवपुर-सिकरौल में छेदी पटेल द्वारा संत अतुलानंद स्कूल के पास 800 वर्गमीटर में अवैध प्लॉटिंग की जा रही थी। यह कार्रवाई लंबे समय से चर्चा में थी। 25 जून 2025 को नोटिस जारी किया गया था बावजूद प्लॉटिंग करने वाले माने नहीं। जिसके चलते 25 जुलाई 2025 को ध्वस्तीकरण आदेश जारी हुआ और अंततः 25 अगस्त 2025 को प्रवर्तन टीम ने बुलडोजर चलाकर अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया गया। मौके पर जोनल अधिकारी शिवाजी मिश्रा और अवर अभियंता रोहित कुमार मौजूद थे। ग्रामीणों और छात्रों के अभिभावकों ने इस कार्रवाई की सराहना की क्योंकि अवैध प्लॉटिंग से आसपास के इलाकों में आवागमन और बुनियादी ढांचा बिगड़ रहा था।
जोनल अधिकारी से लेकर पुलिस बल तक सक्रिय
हर जगह कार्रवाई के दौरान वीडीए की प्रवर्तन टीम ने जो सख्ती और पेशेवराना रवैया दिखाया, वह काबिले-तारीफ है। जोनल अधिकारियों ने पूरे मामले की कमान संभाली। अवर अभियंताओं ने तकनीकी दृष्टि से अवैध निर्माण को चिन्हित किया। प्रवर्तन दल ने मौके पर कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस बल की मौजूदगी ने यह सुनिश्चित किया कि कोई भी उपद्रव न हो। पूरी टीम ने मिसाल कायम करते हुए अवैध निर्माण करने वालों को सीधा संदेश दे दिया कि अब कोई बच नहीं सकता।
बिना मानचित्र स्वीकृति निर्माण वालों पर नहीं होगी रियायत
वीडीए उपाध्यक्ष ने सख्त शब्दों में कहा कि सभी नागरिकों से अपील है कि केवल वही प्लॉट खरीदें जिनका लेआउट वीडीए से स्वीकृत हो। बिना मानचित्र स्वीकृत कराए कोई भी निर्माण कार्य न करें। यदि कोई नियमों की अनदेखी करेगा तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। इस चेतावनी का सीधा संदेश भू-माफियाओं को है कि अब नियम तोड़कर लाभ उठाने का दौर खत्म होगा।
योजनाबद्ध विकास की ओर बढ़ते कदम
इन कार्रवाइयों से वाराणसी के आम नागरिकों को यह भरोसा मिला है कि शहर योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ेगा। अवैध निर्माण से ट्रैफिक, सीवर और जलनिकासी की समस्याएं बढ़ जाती हैं। अनियोजित कॉलोनियों में बिजली, पानी और सड़क जैसी सुविधाएं नहीं मिल पातीं। प्राधिकरण की कार्रवाई से अब खरीदार भी सतर्क होंगे और अवैध प्लॉटिंग से बचेंगे। लोगों ने कहा कि यदि इसी तरह सख्ती जारी रही तो वाराणसी का चेहरा बदल जाएगा।
नियमों से खिलवाड़ पर होगा सीधा वार
इस पूरे अभियान का सबसे बड़ा संदेश यही है कि भू-माफिया और बिल्डरों को अब नियमों से खिलवाड़ भारी पड़ेगा। जिन लोगों ने अवैध निर्माण में करोड़ों झोंके, उनका सपना चंद मिनटों में ढह गया। इसने दूसरों को भी चेतावनी दी कि बिना अनुमति निर्माण करने का अंजाम यही होगा। लोगों में चर्चा है कि यह कार्रवाई अगर लगातार चलती रही तो वाराणसी को अवैध निर्माण मुक्त शहर बनने से कोई नहीं रोक सकता। वीडीए ने यह साबित कर दिया है कि अब शहर में केवल वही विकास होगा जो नियमों और कानून के दायरे में होगा। अवैध प्लॉटिंग और निर्माण को मिट्टी में मिला देने वाली यह कार्रवाई आने वाले समय में और भी कड़ी हो सकती है। यह सिर्फ प्रशासनिक कदम नहीं है, बल्कि वाराणसी को सुरक्षित, योजनाबद्ध और व्यवस्थित शहर बनाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल है।




