वाराणसी

पूर्ण बोरा का बकाये की वसूली पर ध्यान, बकायेदारों को मिलेगा आसान समाधान

● पूर्ण बोरा का बकाये की वसूली पर ध्यान, बकायेदारों को मिलेगा आसान समाधान

● 15 दिसंबर को वीडीए में विशेष बकाया वसूली कैंप

● 279 बकायेदारों पर 18.97 करोड़ रुपए का बकाया

● उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने प्रक्रिया को गतिशील बनाने के दिए निर्देश

● कम ब्याज पर लोन उपलब्ध कराने को बैंक संस्थान भी होंगे शामिल

● सप्ताह में एक बार नोटिस भेजेगा प्राधिकरण

● वसूली तेज करने को रेंट कलेक्टर की तैनाती

 

अमित मौर्य

वाराणसी। वीडीए बकाया वसूली को नई रफ्तार देने जा रहा है। प्राधिकरण की यह पहल न केवल शहर के राजस्व ढांचे को मजबूत करेगी, बल्कि उन बकायेदारों के लिए भी बड़ा अवसर लेकर आई है जो किसी न किसी कारणवश समय पर भुगतान नहीं कर पाए। उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि बकाया वसूली को सुगम, सरल और पारदर्शी बनाया जाएगा, ताकि किसी पर अनावश्यक दबाव न पड़े और सभी को समाधान का सहज मार्ग मिल सके। इस समय प्राधिकरण की संपत्तियों में 279 बकायेदारों पर लगभग 18.97 करोड़ रुपए का बकाया लंबित है। इसे ध्यान में रखते हुए उपाध्यक्ष ने निर्णय लिया कि अब माह में दो बार विशेष वसूली कैंप आयोजित होंगे, जिनमें न केवल वीडीए के अधिकारी बल्कि विभिन्न बैंक संस्थान भी शामिल होंगे। इसका उद्देश्य यह है कि बकायेदारों को कम ब्याज पर लोन उपलब्ध कराया जा सके, जिससे वे बिना आर्थिक बोझ के बकाया चुका सकें, साथ ही रेंट कलेक्टर की नियुक्ति और सप्ताह में एक बार नोटिस भेजने की व्यवस्था से इस अभियान को ज़मीनी मजबूती मिलेगी। यह कदम न सिर्फ वसूली बढ़ाएगा, बल्कि नागरिकों और प्राधिकरण के बीच विश्वास भी मजबूत करेगा।

वीडीए ने बकाया वसूली को बनाया प्राथमिकता

वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) ने एक महत्वपूर्ण और सराहनीय पहल करते हुए अपनी संपत्तियों से संबंधित बकाया वसूली प्रक्रिया को तेज़ और पारदर्शी बनाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में निर्णय लिया गया कि बकायेदारों की सुविधा और राजस्व वृद्धि दोनों को ध्यान में रखते हुए अब महीने में दो बार विशेष वसूली कैंप आयोजित किए जाएंगे। इसी क्रम में आगामी 15 दिसंबर 2025 को पहला कैंप लगाया जा रहा है, जिसमें सभी प्रमुख बैंक संस्थानों को भी शामिल किया जाएगा।

शहर के विकास के लिए जरूरी है मजबूत राजस्व तंत्र

वाराणसी स्मार्ट सिटी, पर्यटन व बुनियादी ढांचे के बड़े प्रोजेक्ट्स की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ऐसे में वीडीए का राजस्व तंत्र जितना मजबूत होगा, उतना ही तेजी से योजनाओं को जमीन पर उतारा जा सकेगा। वर्तमान स्थिति में वीडीए की विभिन्न आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों में 279 बकायेदार हैं, जिन पर लगभग 18.97 करोड़ रुपए का बकाया दर्ज है। यह राशि विकास कार्यों, सड़क निर्माण, ड्रेनेज, पार्क, आवासीय योजनाओं और अन्य परियोजनाओं में बड़ा योगदान दे सकती है। इसलिए वीडीए ने इस देय राशि की वसूली को प्राथमिकता में रखा है।

उपाध्यक्ष का स्पष्ट निर्देश प्रक्रिया सरल और दबावमुक्त हो

बैठक में उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने साफ कहा कि बकाया वसूली का उद्देश्य लोगों पर दबाव बनाना नहीं, बल्कि उन्हें सरल और कम बोझ वाले समाधान उपलब्ध कराना है। यही कारण है कि कैंप में बैंक संस्थानों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। इससे बकायेदारों को कम ब्याज पर ऋण लेने में सुविधा होगी और वे बिना ज्यादा आर्थिक तनाव के अपना बकाया चुका सकेंगे। यह कदम पहली बार है जब वीडीए की वसूली प्रक्रिया में बैंकिंग सिस्टम को इतने व्यवस्थित रूप में शामिल किया जा रहा है।

बकायेदारों के हित में बड़ा कदम कम ब्याज पर लोन की सुविधा

वीडीए समझता है कि कई बकायेदार समय पर भुगतान इसलिए नहीं कर पाए क्योंकि उन्हें एकमुश्त राशि जुटाने में कठिनाई आती है। ऐसे में यदि बैंक कैंप में ही उन्हें आसान शर्तों पर लोन उपलब्ध कर दे, तो समस्या स्वतः हल हो जाएगी। इस मॉडल से न केवल बकाया जमा होगा बल्कि बकायेदारों को राहत भी मिलेगी। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि वसूली अभियान को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए एक समर्पित रेंट कलेक्टर की नियुक्ति की जाएगी। यह महत्वपूर्ण पद इसलिए आवश्यक है क्योंकि बड़ी संख्या में बकायेदारों और लंबित मामलों के चलते नियमित मॉनिटरिंग अक्सर कमजोर हो जाती है। रेंट कलेक्टर की तैनाती से हर केस पर फोकस बढ़ेगा और समयबद्ध कार्रवाई संभव होगी।

सप्ताह में एक बार नोटिस भेजना पारदर्शिता और सूचना का अधिकार मजबूत

अब वीडीए सप्ताह में एक बार सभी बकायेदारों को नोटिस भेजेगा। इसका उद्देश्य उन्हें समय पर जानकारी देना, भुगतान का विकल्प समझाना और किसी भी भ्रम को दूर करना है। पिछले वर्षों में यह देखा गया कि कई बकायेदार इसलिए भुगतान नहीं कर पाए क्योंकि उन्हें स्पष्ट निर्देश या समय पर नोटिस नहीं मिला। अब यह व्यवस्था इस कमी को दूर करेगी।

अब वसूली नहीं समाधान और सहयोग का मॉडल

वीडीए की इस पहल को ‘समाधान-आधारित वसूली मॉडल’ कहा जा सकता है। इस मॉडल का उद्देश्य है कि बकायेदारों पर दबाव कम करना, उन्हें बैंक से वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना, पारदर्शिता बढ़ाना, प्रशासनिक प्रक्रियाओं को आसान करना, राजस्व वृद्धि सुनिश्चित करना है। तेजी से विकसित हो रहे शहर में यह मॉडल अन्य विभागों और नगर निकायों के लिए भी उदाहरण बन सकता है। शहरी विकास विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह मॉडल सफल होता है, तो वाराणसी विकास प्राधिकरण की आर्थिक स्थिति और भी मजबूत होगी। इससे नए प्रोजेक्ट, आवास योजनाएं और बुनियादी ढांचे के कार्य गति पकड़ेंगे। वीडीए का यह कदम विकास की गति और नागरिकों की जिम्मेदारी दोनों को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाता है। यह व्यवस्था सहभागिता आधारित प्रशासन की ओर एक कदम है।

* वीडीए में 279 बकायेदार, कुल बकाया 18.97 करोड़ रुपये।
* महीने में दो बार विशेष वसूली कैंप आयोजित होंगे।
* पहला कैंप 15 दिसंबर 2025 को लगेगा।
* कम ब्याज पर लोन दिलाने हेतु सभी बैंक संस्थान कैंप में मौजूद रहेंगे।
* रेंट कलेक्टर की नियुक्ति से वसूली गति पकड़ेगी।
* सप्ताह में एक बार नोटिस भेजकर पारदर्शिता बढ़ाई जाएगी।
* समाधान-आधारित वसूली की नई व्यवस्था से बकायेदारों को राहत।
* शहर के विकास कार्यों को मिलेगा वित्तीय बल।

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