वाराणसी

पूर्ण बोरा हर काम का रख रहे ध्याम, नोटिस, सुनवाई व मानचित्र का निस्तारण अब हुआ आसान

नोटिस-सुनवाई व मानचित्र निस्तारण अब पारदर्शी और नियमित होगा

● पूर्ण बोरा हर काम का रख रहे ध्याम, नोटिस, सुनवाई व मानचित्र का निस्तारण अब हुआ आसान

● नोटिस-सुनवाई व मानचित्र निस्तारण अब पारदर्शी और नियमित होगा

● हर गुरुवार अब नियमित कैंप एक ही छत के नीचे सभी विभागों की सुनवाई

● 100 प्रकरणों की सुनवाई, 83 भवन स्वामी उपस्थित, त्वरित निस्तारण पर जोर

● तकनीकी मानकों के अनुपालन में सख्ती नियम विरुद्ध मामलों पर कानूनी कार्रवाई

● ऑनलाइन-ऑफलाइन सभी प्रार्थना-पत्रों का समयबद्ध निपटारा अनिवार्य

● जोनल अधिकारियों से लेकर अभियंताओं तक सभी विभागों की सक्रिय भागीदारी

● शहर के सुव्यवस्थित विकास के लिए पारदर्शी प्रक्रिया को मिलेगी नई गति

◆ अमित मौर्य

वाराणसी। शहरी विकास की प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) ने एक अहम पहल शुरू की है। उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा की अध्यक्षता में 11 दिसंबर 2025, गुरुवार को नोटिस सुनवाई एवं मानचित्र निस्तारण कैंप आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य वर्षों से लंबित प्रकरणों का त्वरित निस्तारण और भवन स्वामियों को एक ही स्थान पर आसान समाधान उपलब्ध कराना था। इस कैंप में ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आए मानचित्रों, नोटिसों और शमन प्रकरणों की सुनवाई की गई। वीडीए उपाध्यक्ष ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी अनुभाग समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें और जिन प्रकरणों को तकनीकी नियमों का अनुपालन न करने पर अस्वीकृत किया गया है, उन पर संबंधित प्रवर्तन टीम तत्काल विधिक कार्रवाई शुरू करे। कैंप में कुल 100 प्रकरण सुनवाई हेतु प्रस्तुत हुए, जिनमें 83 भवन स्वामी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहे। नियोजन अनुभाग ने 8 प्रकरणों का निस्तारण किया जबकि 15 प्रकरणों को तकनीकी जांच के लिए स्क्रूटनी में भेजा गया। नगर नियोजक, सहायक नगर नियोजक, जोनल अधिकारी, अभियंता, लिपिक और विधि-अनुभाग कर्मियों की सम्मिलित भागीदारी ने इस कैंप को परिणामकारी बनाया। महत्त्वपूर्ण यह है कि वीडीए ने निर्णय लिया है कि अब हर गुरुवार को नियमित रूप से इसी प्रकार का नोटिस-सुनवाई एवं मानचित्र निस्तारण कैंप आयोजित किया जाएगा। यह व्यवस्था भवन स्वामियों को सुविधा देने के साथ-साथ शहर के सुव्यवस्थित नगर विकास को भी गति देगी।

वीडीए की नई पहल तेज, पारदर्शी और नियम सम्मत शहरी ढांचा देने की दिशा में बड़ा कदम

वाराणसी में अव्यवस्थित निर्माण, लंबित मानचित्र, तकनीकी दोषों पर लटके प्रकरण और भवन-स्वामियों की लगातार बढ़ती परेशानियाँ लंबे समय से सामने आती रहीं हैं। शहर तेजी से फैल रहा है, लेकिन निपटान की धीमी प्रक्रिया, नियमों की अस्पष्टता और विभागों के बीच समन्वय की कमी अक्सर आम नागरिकों के लिए बड़ी बाधा बनती थी। इसी पृष्ठभूमि में वाराणसी विकास प्राधिकरण द्वारा उठाया गया यह कदम न केवल प्रशासनिक सुधार का संकेत है, बल्कि नागरिक-हित के प्रति प्रतिबद्धता भी दर्शाता है। 11 दिसंबर 2025 को आयोजित नोटिस-सुनवाई एवं मानचित्र-निस्तारण कैंप इसी प्रयास का हिस्सा था, जिसकी अध्यक्षता वीडीए उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने की। कैंप का उद्देश्य स्पष्ट था लंबित मामलों का त्वरित समाधान, विभागों के बीच समन्वय, और प्रक्रिया में पारदर्शिता।

प्रक्रिया को सरल बनाने की कोशिश आम नागरिकों के लिए राहत की उम्मीद

अक्सर देखा गया है कि मानचित्र स्वीकृति प्रक्रियाओं में महीनों लग जाते हैं। छोटी-सी कमी या तकनीकी त्रुटि के कारण फाइल विभाग-दर-विभाग घूमती रहती है। आम नागरिकों को यह भ्रम भी रहता है कि आखिर किस स्तर पर फाइल अटक रही है। इस बार कैंप में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आए आवेदनों पर सुनवाई की गई। यह व्यवस्था इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि ग्रामीण-शहरी सीमांत और पुराने मोहल्लों के भवन-स्वामी डिजिटल मोड के अभ्यस्त नहीं होते। उन्हें सीधी सुनवाई का अवसर देना एक सकारात्मक कदम माना जा सकता है।

कैंप में 100 प्रकरण प्रस्तुत, 83 भवन स्वामी स्वयं पहुंचे

कुल 100 प्रकरण सुनवाई हेतु आए, जिनमें से 83 भवन स्वामी स्वयं उपस्थित रहे। यह उपस्थिति बताती है कि लोग अपनी समस्याओं को लेकर सजग भी हैं और समाधान की उम्मीद भी कर रहे हैं। नियोजन अनुभाग द्वारा 8 प्रकरणों का तुरंत निस्तारण किया गया, जबकि 15 प्रकरण तकनीकी जांच हेतु स्क्रूटनी में भेजे गए। यह आँकड़ा छोटा लग सकता है, लेकिन त्वरित निस्तारण और नियम-अनुपालन के बीच संतुलन बनाए रखना भी आवश्यक है। यदि किसी मानचित्र में पार्किंग, सेफ्टी मानक, फायर-सेफ्टी, रोड़-वाइडनिंग या भूमि-उपयोग के नियम लागू नहीं होते, तो स्वीकृति देना खुद शहर के विकास के साथ खिलवाड़ होगा।

नियमों के अनुपालन में सख्ती अस्वीकृत फाइलों पर कार्रवाई की तैयारी

वीडीए उपाध्यक्ष ने स्पष्ट कहा कि जिन प्रकरणों को तकनीकी कारणों से अस्वीकृत किया गया है, उन पर प्रवर्तन टीम आगामी दिनों में विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। कहा कि नियमों से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्राधिकरण अब दिखावटी काम नहीं, वास्तविक सुधार को प्राथमिकता दे रहा है। यह कठोर निर्णय जरूरी भी है, क्योंकि वाराणसी में अवैध निर्माणों को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। कई स्थानों पर नियमविरुद्ध भवन खड़े कर लिए जाते हैं और बाद में निस्तारण या समायोजन के नाम पर कमीशनबाज़ी की प्रक्रियाएं चलती है।

सभी विभाग मौजूद एक ही छत के नीचे सामूहिक समाधान

कैंप में नगर नियोजक प्रभात कुमार, सहायक नगर नियोजक सौरभ जोशी, जोनल अधिकारी, अवर अभियंता, लिपिक, नियोजन, आवाप्ति, सीलिंग और विधि अनुभाग के अधिकारी मौजूद रहे। आमतौर पर फाइलें इन विभागों के बीच घूमती रहती हैं और आवेदक को पता नहीं चलता कि विलंब किस चरण पर है। लेकिन इस संयुक्त व्यवस्था ने फाइल-बाज़ार जैसी प्रक्रिया को केंद्रित कर दिया। शहरी विकास में समन्वय सबसे बड़ा तत्व है। वीडीए का यह प्रयोग इस दिशा में एक मजबूत मॉडल प्रस्तुत करता है।

हर गुरुवार होगा कैंप नियमित व्यवस्था से बढ़ेगी जवाबदेही

कैंप में सबसे बड़ी घोषणा यह रही कि अब हर गुरुवार वीडीए सभागार में इसी प्रकार का नियमित कैंप लगाया जाएगा। इस निर्णय से तीन बड़े लाभ होंगे पहला नागरिकों के लिए अनुमानित दिन तय अब भागदौड़ नहीं करनी होगी। दूसरा विभागों पर नियमित निस्तारण का दबाव लंबित फाइलें कम होंगी। तीसरा शहर के विकास कार्य बिना रोड़े अटकाए आगे बढ़ सकेंगे।

पारदर्शिता और समयबद्धता वीडीए की सबसे बड़ी चुनौती

जिस तरह शहर तेजी से विस्तारित हो रहा है, उसी तरह अनुपालन भी जटिल होता जा रहा है। भवन-स्वामी नियमों के प्रति जागरूक नहीं, और विभागीय प्रक्रियाएं आम आदमी के लिए समझना कठिन है। इस खाई को पाटने का एक ही तरीका है स्पष्ट संवाद, केंद्रित प्रक्रिया
डिजिटल और आमने-सामने दोनों माध्यमों का तालमेल इस मॉडल की एक शुरुआत है।

शहर के समग्र विकास को गति

वाराणसी में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, गंगा पार विकास, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं, फोर-लेन मार्गों, फलाईओवरों और परिवहन सुधारों के बाद शहर का दबाव बढ़ा है। ऐसे में यदि निर्माण मानचित्रों और भवन नियोजन का समयबद्ध निस्तारण नहीं होता, तो विकास अव्यवस्थित हो सकता है। वीडीए की यह पहल सुनिश्चित करेगी कि भविष्य की कालोनियों नियमों के अनुसार विकसित हों पार्किंग, जलनिकासी, फायर सेफ्टी पर स्पष्टता हो, अवैध निर्माणों पर रोक लगे, निवेशकों का विश्वास बढ़े यह केवल भवन-स्वामियों का नहीं, पूरे शहर का मुद्दा है।

पारदर्शी शहरी प्रशासन का एक सकारात्मक मॉडल

वाराणसी में आयोजित यह कैंप केवल एक दिन की गतिविधि नहीं, बल्कि यह संकेत है कि शहरी शासन में अब नई सोच और नई गति के साथ सुधार हो रहा है। नियमित साप्ताहिक कैंप की व्यवस्था से फाइलों की भीड़ कम होगी, जवाबदेही तय होगी और नागरिकों को राहत मिलेगी। यदि इस मॉडल को निरंतरता मिलती है, तो आने वाले दिनों में वाराणसी का निर्माण-विकास अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और मानक-आधारित रूप में सामने आएगा।

* नोटिस-सुनवाई एवं मानचित्र निस्तारण कैंप का आयोजन
* कुल 100 प्रकरण प्रस्तुत, 83 भवन-स्वामी उपस्थित
* 8 प्रकरणों का निस्तारण, 15 स्क्रूटनी में भेजे गए
* अस्वीकृत मानचित्रों पर विधिक कार्रवाई के निर्देश
* सभी विभाग एक ही छत के नीचे प्रणाली हुई सरल
* अब हर गुरुवार होगा नियमित कैंप
* पारदर्शी, समयबद्ध और तेज प्रक्रिया पर जोर
* शहर के सुव्यवस्थित विकास की दिशा में प्रभावी कदम

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