वाराणसी

पूर्ण बोरा ने ठाना है, काशी को अवैध प्लाटिंग से मुक्ति दिलाना है

अवैध प्लाटिंग पर करारा प्रहार, 30 बीघा में ध्वस्तीकरण से माफिया नेटवर्क में हड़कंप

● पूर्ण बोरा ने ठाना है, काशी को अवैध प्लाटिंग से मुक्ति दिलाना है

● अवैध प्लाटिंग पर करारा प्रहार, 30 बीघा में ध्वस्तीकरण से माफिया नेटवर्क में हड़कंप

● शिवपुर से नगवां तक बुलडोजर की गूंज

● 200 अवैध प्लाट चिन्हित, धारा-27 के तहत नोटिस के बाद सख्त प्रवर्तन

● बिना ले-आउट प्लाटिंग पर जीरो टॉलरेंस, 215 नए ग्रामों में जमीन खरीदने से पहले सतर्कता जरूरी

● 7 दिन में ले-आउट स्वीकृति का भरोसा, पारदर्शी प्रक्रिया का दावा

◆ अमित मौर्य

वाराणसी। अनियंत्रित शहरी विस्तार, अवैध प्लाटिंग और नियमों को ताक पर रखकर जमीन के धंधे को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) ने एक बार फिर साफ संदेश दे दिया है। अब नियम तोड़ने वालों के लिए कोई रियायत नहीं। उपाध्यक्ष द्वारा दिए गए स्पष्ट निर्देशों के क्रम में जोन-1 और जोन-4 की प्रवर्तन टीमों ने संयुक्त रूप से बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 30 बीघा क्षेत्रफल में अवैध प्लाटिंग का ध्वस्तीकरण कर दिया। यह कार्रवाई न केवल जमीन माफियाओं के लिए चेतावनी है, बल्कि उन आम लोगों के लिए भी सबक है, जो सस्ते प्लॉट के लालच में नियमों की अनदेखी कर बैठते हैं। इस कार्रवाई की सबसे अहम बात यह है कि करीब 200 अवैध प्लाट चिन्हित किए जा चुके हैं, जिन पर आगे और सख्त कदम उठाने की तैयारी चल रही है। वीडीए का कहना है कि अवैध प्लाटिंग के कारण न सिर्फ शहर का सुनियोजित विकास बाधित होता है, बल्कि भविष्य में सड़क, सीवर, पानी, बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं का संकट भी गहराता है। यही वजह है कि इस बार प्राधिकरण ने केवल नोटिस देकर औपचारिकता निभाने के बजाय ज़मीन पर उतरकर बुलडोजर चलाया। शिवपुर के पुरारघुनाथपुर से लेकर नगवां के बेटावर क्षेत्र तक फैली यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि अब अवैध प्लाटिंग का खेल किसी एक इलाके तक सीमित नहीं, बल्कि शहर के चारों ओर फैल चुका है। खासतौर पर वे इलाके, जो हाल ही में विकास क्षेत्र में शामिल हुए हैं, वहां जमीन के दलाल तेजी से सक्रिय हुए हैं। वीडीए की इस कार्रवाई ने उन दावों की भी पोल खोल दी है, जिनमें बिना किसी स्वीकृत ले-आउट के प्लॉट बेचने को कानूनी बताया जाता रहा है। वीडीए अधिकारियों का कहना है कि उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम-1973 की धारा-27 के तहत विधिवत सूचना देने के बाद ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई, ताकि कोई यह न कह सके कि कार्रवाई मनमानी है। मौके पर अपर सचिव, सहायक नगर नियोजक, जोनल अधिकारी और अभियंताओं की मौजूदगी यह बताती है कि यह महज़ कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि एक सुनियोजित और ठोस प्रवर्तन अभियान है।।इस पूरी कार्रवाई के बीच वीडीए ने आम नागरिकों को भी आगाह किया है कि विकास क्षेत्र में शामिल 215 नए ग्रामों में भूमि क्रय से पहले लैंडयूज की जांच अनिवार्य रूप से करें। आवासीय लैंडयूज, 9 मीटर चौड़ा पहुंच मार्ग और ले-आउट की स्वीकृति—ये शर्तें केवल कागजों के लिए नहीं, बल्कि सुरक्षित और व्यवस्थित शहर के लिए जरूरी हैं। प्राधिकरण का दावा है कि यदि ले-आउट नियमों के अनुसार जमा किया जाता है, तो 7 दिवस के भीतर स्वीकृति दे दी जाएगी। वीडीए उपाध्यक्ष के निर्देशों के क्रम में की गई यह कार्रवाई जोन-1 और जोन-4 में फैली अवैध प्लाटिंग के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी संयुक्त प्रवर्तन कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, लंबे समय से इन क्षेत्रों में बिना स्वीकृत ले-आउट के प्लाटिंग विकसित की जा रही थी, जिसकी शिकायतें लगातार मिल रही थी।

शिवपुर क्षेत्र में दो बड़ी अवैध प्लाटिंग ध्वस्त

जोन-1 के अंतर्गत वार्ड-शिवपुर, मौजा-पुरारघुनाथपुर में मस्जिद के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में राकेश उपाध्याय द्वारा लगभग 5 बीघा भूमि में बिना ले-आउट स्वीकृति के अवैध प्लाटिंग विकसित की जा रही थी। इसी तरह आयर बाजार से पहले गहनी क्षेत्र में पियूष यादव के पास रंजीत सिंह द्वारा लगभग 5 बीघा भूमि में अवैध प्लाटिंग की जा रही थी। दोनों ही मामलों में न तो ले-आउट स्वीकृत था, न ही नियमानुसार पहुंच मार्ग और आधारभूत सुविधाओं की व्यवस्था। प्रवर्तन टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध रूप से बनाई गई सड़कों, चिन्हित प्लॉटों और अन्य अस्थायी ढांचों को ध्वस्त किया। अधिकारियों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती, तो यहां सैकड़ों लोग भविष्य में कानूनी और बुनियादी समस्याओं में फंस सकते थे।

नगवां में 20 बीघा की अवैध प्लाटिंग पर बुलडोजर

जोन-4 के वार्ड-नगवां, बेटावर प्राथमिक स्कूल के पास दुर्गा प्रसाद तिवारी, अजय मिश्रा और नागेन्द्र द्वारा लगभग 20 बीघा भूमि में बिना स्वीकृत ले-आउट के अवैध प्लाटिंग विकसित की जा रही थी। यह क्षेत्र हाल के वर्षों में तेजी से शहरी विस्तार की चपेट में आया है, और इसी का फायदा उठाकर जमीन के दलाल सक्रिय हो गए थे। ध्वस्तीकरण के दौरान अवैध सड़कों, प्लॉट मार्किंग और अन्य निर्माण को पूरी तरह से हटा दिया गया। वीडीए अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भविष्य में यहां दोबारा अवैध गतिविधि पाए जाने पर और कठोर कदम उठाए जाएंगे।

धारा-27 के तहत विधिसम्मत कार्रवाई

प्राधिकरण ने बताया कि 19 दिसंबर 2025 को उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम-1973 की धारा-27 के तहत आवश्यक सूचना देने के बाद ही यह कार्रवाई की गई। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि कार्रवाई पूरी तरह कानूनी और पारदर्शी रहे। मौके पर अपर सचिव डॉ. गुडाकेश शर्मा, सहायक नगर नियोजक सौरभ जोशी, जोनल अधिकारी शिवाजी मिश्रा, संजीव कुमार, अवर अभियंता रोहित और आदर्श निराला उपस्थित रहे।

200 अवैध प्लाट चिन्हित, आगे भी जारी रहेगा अभियान

वीडीए के अनुसार, इस अभियान के दौरान करीब 200 अवैध प्लाट चिन्हित किए गए हैं। इन पर आगे नोटिस और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान एक दिन का नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है।

जनता के लिए चेतावनी

वीडीए ने स्पष्ट किया है कि विकास क्षेत्र में शामिल 215 नए ग्रामों में जमीन खरीदने से पहले नागरिक यह जरूर जांच लें कि लैंडयूज आवासीय है या नहीं। इसके अलावा पहुंच मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई 9 मीटर होना अनिवार्य है। बिना ले-आउट स्वीकृति के न तो प्लाटिंग की जा सकती है, न ही प्लॉट का विक्रय। प्राधिकरण का दावा है कि जो लोग नियमों के अनुसार ले-आउट जमा करेंगे, उन्हें 7 दिनों के भीतर स्वीकृति दे दी जाएगी। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि नियमों का पालन करने वालों के लिए प्रक्रिया कठिन नहीं, बल्कि अवैध रास्ता अपनाने वालों के लिए सख्ती है।

* जोन-1 और जोन-4 में 30 बीघा अवैध प्लाटिंग पर ध्वस्तीकरण
* 200 अवैध प्लाट चिन्हित, आगे कार्रवाई की तैयारी
शिवपुर और नगवां क्षेत्र कार्रवाई के केंद्र में
* धारा-27 के तहत नोटिस के बाद विधिसम्मत प्रवर्तन
* मौके पर उच्च अधिकारियों और अभियंताओं की मौजूदगी
* 215 नए ग्रामों में जमीन खरीद से पहले लैंडयूज जांच जरूरी
* 9 मीटर चौड़ा पहुंच मार्ग और ले-आउट स्वीकृति अनिवार्य
* नियमों के अनुसार ले-आउट पर 7 दिन में स्वीकृति का दावा

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button