
● सीपी मोहित अग्रवाल का संगठित अपराध पर कड़ा तेवर, आप कभी किसी गलत काम का नही करते फेवर
● वाराणसी कमिश्नरेट में अपराध पर निर्णायक प्रहार की तैयारी
● पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के सख्त निर्देश, माफियाओं की कमर तोड़ने का ऐलान
● मासिक अपराध समीक्षा में अपराधियों पर ‘आर-पार’ की रणनीति
● माफियाओं की गिरफ्तारी नहीं, अब वित्तीय रीढ़ तोड़ने का आदेश
● गौकशी, कफ सिरप, नशा व वैश्यावृत्ति के नेटवर्क पर सीधा वार
● ‘ऑपरेशन टॉर्च’ से झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों में 100% सत्यापन
● महिला-बाल अपराधों पर जीरो टॉलरेंस, एंटी-रोमियो और सख्त
● हिस्ट्रीशीटर, गैंगस्टर व टॉप-10 अपराधियों पर सतत निगरानी
● रात्रिकालीन डोमिनेशन पेट्रोलिंग से अपराधियों में भय
● यातायात, अतिक्रमण व जनसुनवाई में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
◆ जितेंद्र यादव
वाराणसी। अपराध और माफिया नेटवर्क के खिलाफ निर्णायक लड़ाई की दिशा में वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट ने बड़ा और स्पष्ट संदेश दिया है। पुलिस आयुक्त श्री मोहित अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित मासिक अपराध समीक्षा गोष्ठी केवल औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि अपराधियों, माफियाओं और कानून तोड़ने वालों के लिए सीधी चेतावनी बनकर सामने आई। बैठक में स्पष्ट शब्दों में कहा गया कि अब अपराधियों को पकड़कर छोड़ने का दौर खत्म हो चुका है, अब उनकी आर्थिक रीढ़ तोड़ी जाएगी, पर्दे के पीछे छिपे सरगनाओं तक पहुंचा जाएगा और अवैध संपत्तियों को जब्त कर माफियाओं को पूरी तरह तहस-नहस किया जाएगा।
पुलिस आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गौकशी, कफ सिरप, मादक पदार्थों, वैश्यावृत्ति, संगठित अपराध और अवैध घुसपैठ जैसे मामलों में केवल एफआईआर और गिरफ्तारी तक सीमित न रहें, बल्कि फाइनेंशियल एनालिसिस कर पूरे नेटवर्क को उजागर करें। उनका साफ कहना था कि जब तक अपराध से अर्जित धन और संपत्ति जब्त नहीं होगी, तब तक माफिया दोबारा सिर उठाते रहेंगे। गोष्ठी में अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान को भी सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया। पुलिस आयुक्त ने कहा कि ‘ऑपरेशन टॉर्च’ के तहत झुग्गी-झोपड़ी और संवेदनशील क्षेत्रों में निवासरत हर संदिग्ध व्यक्ति का 100 प्रतिशत सत्यापन किया जाए। कोई भी व्यक्ति जांच से छूटने न पाए और संदिग्ध पाए जाने पर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित हो। साथ ही पुलिसकर्मियों के व्यवहार को लेकर भी सख्त निर्देश दिए गए।
जनता के साथ संवाद में संवेदनशीलता, शालीनता और सहानुभूति को अनिवार्य बताते हुए कहा गया कि पुलिस की कार्यकुशलता केवल सख्ती से नहीं, बल्कि विश्वास और संवाद से भी तय होती है। जनता से मिलने वाली हर शिकायत को गंभीरता से लेते हुए समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। महिला एवं बालिका सुरक्षा को लेकर पुलिस आयुक्त ने जीरो टॉलरेंस नीति दोहराते हुए कहा कि छेड़खानी, स्टॉकिंग, घरेलू हिंसा और दुष्कर्म जैसे मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। एंटी-रोमियो स्क्वॉड को स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थान और बाजारों में अधिक दृश्यात्मक रूप से तैनात करने का आदेश दिया गया। बैठक इस बात का संकेत है कि वाराणसी कमिश्नरेट अब अपराध नियंत्रण को केवल आंकड़ों की खानापूर्ति नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर असरदार कार्रवाई के रूप में लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
माफियाओं पर सीधा हमला: गिरफ्तारी नहीं, जड़ पर वार
पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया कि संगठित अपराध अब व्यक्तिगत अपराध नहीं, बल्कि एक आर्थिक नेटवर्क है। इसलिए गौकशी, कफ सिरप तस्करी, अवैध शराब, नशा, वैश्यावृत्ति और सट्टे से जुड़े मामलों में अपराधियों की संपत्ति, बैंक खाते, लेन-देन और बेनामी निवेश की जांच की जाए।
ऑपरेशन टॉर्च अवैध घुसपैठ पर सख्ती
झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों में रहने वाले संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान, दस्तावेज सत्यापन और पृष्ठभूमि जांच को लेकर 100 फीसदी कवरेज का लक्ष्य तय किया गया है।
महिला एवं बाल सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
थाना स्तर पर शोहदों की सूची, निरंतर निगरानी, विवेचना में देरी पर जवाबदेही, एंटी-रोमियो स्क्वॉड की सक्रिय तैनाती।
हिस्ट्रीशीटर और गैंगस्टर पर शिकंजा
टॉप-10 अपराधियों की निगरानी, बीट पुलिस से नियमित रिपोर्ट, गैंगस्टर एक्ट व संगठित अपराध कानूनों का प्रभावी प्रयोग।
शांति व्यवस्था और पेट्रोलिंग
धारा 126/135 व 170 बीएनएसएस के तहत निरोधात्मक कार्रवाई, रात्रि 10 से सुबह 5 बजे तक डोमिनेशन पेट्रोलिंग,संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा।
यातायात और अतिक्रमण पर सख्ती
सड़क अतिक्रमण पर थाना प्रभारी जिम्मेदार, बिना नंबर प्लेट, काली फिल्म, तीन सवारी पर कार्रवाई, ई-रिक्शा और ऑटो पर परमिट अभियान।
जनसुनवाई में लापरवाही नहीं
सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे निर्धारित समय पर कार्यालय में उपस्थित रहकर जनसुनवाई करें।वाराणसी कमिश्नरेट की यह अपराध समीक्षा गोष्ठी केवल निर्देशों की सूची नहीं, बल्कि अपराधियों और माफियाओं के लिए स्पष्ट चेतावनी है। यदि ये निर्देश जमीन पर उतरे, तो काशी में अपराध की जड़ों पर ऐसा प्रहार होगा, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। अब असली परीक्षा इन आदेशों के क्रियान्वयन की है।
जनता देख रही है, अपराधी सुन रहे हैं।
* माफियाओं की वित्तीय कमर तोड़ने की रणनीति
* ऑपरेशन टॉर्च से 100 फीसदी सत्यापन
* महिला-बाल अपराधों पर जीरो टॉलरेंस
* हिस्ट्रीशीटरों पर सतत निगरानी
* रात्रिकालीन डोमिनेशन पेट्रोलिंग
* यातायात व अतिक्रमण पर सख्ती




