पूर्ण बोरा ने अवैध प्लाटिंग के नियमतिकरण पर दिया जोर, नहीं तो बुलडोजर चलेगा चारो ओर
अवैध प्लॉटिंग पर वीडीए की सख्ती, वैधता के लिए प्लॉटिंगकर्ता खुद आगे आए

● पूर्ण बोरा ने अवैध प्लाटिंग के नियमतिकरण पर दिया जोर, नहीं तो बुलडोजर चलेगा चारो ओर
● अवैध प्लॉटिंग पर वीडीए की सख्ती, वैधता के लिए प्लॉटिंगकर्ता खुद आगे आए
● उपाध्यक्ष ने कहा नियमानुसार विकास ही सबके हित में
● 9 मीटर रोड और आवासीय लैंडयूज अनिवार्य, स्पष्ट निर्देश
● 3000 वर्ग मीटर से अधिक में पार्क की बाध्यता दोहराई
● सभी जोनों ने रखी अवैध प्लॉटिंग की चौंकाने वाली सूची
● प्लॉटिंगकर्ताओं ने वैधता के लिए आवेदन करने का दिया भरोसा
● दो दिनों में अद्यतन रिपोर्ट वीडीए मैदान में सक्रिय
◆ अमित मौर्य
वाराणसी, 9 दिसंबर 2025। मंगलवार को वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने प्लॉटिंगकर्ताओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें अवैध प्लॉटिंग के बढ़ते मामलों, लेआउट स्वीकृति की बाध्यताओं, रोड मानकों और लैंडयूज नियमों पर व्यापक चर्चा की गई। बैठक में सचिव डॉ. वेद प्रकाश मिश्रा, अपर सचिव डॉ. गुडाकेश शर्मा, नगर नियोजक प्रभात कुमार, सहायक नगर नियोजक सौरभ जोशी सहित सभी जोनों के जोनल अधिकारी और अवर अभियंता मौजूद रहे। उपाध्यक्ष ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वाराणसी में अव्यवस्थित और अनियोजित प्लॉटिंग अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्लॉटिंगकर्ताओं को निर्देश दिया कि किसी भी लेआउट की योजना केवल 9 मीटर चौड़ी सड़क पर ही स्वीकार्य होगी और संबंधित भूमि का लैंडयूज आवासीय होना अनिवार्य है। 3000 वर्ग मीटर से बड़े लेआउट में पार्क का प्रावधान सुनिश्चित करने की चेतावनी भी दोहराई गई। बैठक में विभिन्न जोनों द्वारा प्रस्तुत अवैध प्लॉटिंग की सूची ने एक बार फिर साबित किया कि शहर में बिना अनुमति विकास का चलन तेज है, लेकिन प्राधिकरण इसे रोकने के लिए पूरी तरह सक्रिय है। उपाध्यक्ष बोरा ने प्लॉटिंगकर्ताओं से सीधे संवाद कर उन्हें वैधता की प्रक्रिया में आगे आने का निर्देश दिया।
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शहर में अनियोजित विकास, अवैध प्लॉटिंग और बिना अनुमति भूखंडों के विक्रय पर लगाम कसने की प्रक्रिया अब तेज हो चुकी है। मंगलवार, 9 दिसंबर 2025 को वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) के उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा की अध्यक्षता में हुई बैठक ने इस दिशा में एक नया संदेश दिया कि अब प्लॉटिंग केवल नियमों के मुताबिक, वरना कार्रवाई तय। बैठक का माहौल शुरुआत से ही गंभीर और कार्यमुखी रहा। उपाध्यक्ष बोरा ने सीधे तौर पर कहा कि विकास तभी सार्थक है जब वह नियोजित हो। उन्होंने प्लॉटिंगकर्ताओं को साफ संदेश दिया कि अब किसी भी तरह की मनमानी प्लॉटिंग, गली-कूचों का अव्यवस्थित जाल या कृषि भूमि पर चोरी-छिपे भूखंड काटना बिल्कुल स्वीकार्य नहीं होगा।
9 मीटर रोड अनिवार्य, लैंडयूज का पालन जरूरी
यह पहली बार नहीं था जब वीडीए ने सड़क मानकों की बात कही हो, लेकिन पहली बार स्पष्टता और कठोरता के साथ कहा कि बिना 9 मीटर मुख्य सड़क के किसी भी लेआउट पर विचार नहीं किया जाएगा। इस निर्देश का मतलब साफ है कि आने वाले समय में अवैध छोटी गलियों, 6 फीट–8 फीट की सड़कों पर बनी कालोनियों का युग खत्म माना जाए। इसके साथ ही भूमि का लैंडयूज आवासीय होना अनिवार्य बताया गया। कुछ प्लॉटिंगकर्ताओं ने बताया कि उनकी भूमि अभी भी कृषि या व्यवसायिक दर्ज है। ऐसे मामलों में उपाध्यक्ष ने स्पष्ट कहा कि लैंडयूज परिवर्तन कराइए, तभी आगे की प्रक्रिया संभव है। नियम सबके लिए समान हैं।
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3 हजार वर्ग मीटर से ऊपर पार्क अनिवार्य
वाराणसी जैसे घनी आबादी वाले शहर में पार्क और सार्वजनिक स्थल हमेशा कमी के केंद्र में रहे हैं। यही कारण है कि वीडीए ने एक बार फिर दोहराया कि 3 हजार वर्ग मीटर से अधिक किसी भी प्लॉटिंग में पार्क का प्रावधान न केवल अनिवार्य, बल्कि प्राथमिक शर्त है।
यह नियम भविष्य की कालोनियों में हरियाली और सार्वजनिक उपयोग की जगह सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
अवैध प्लॉटिंग की सूची ने चौंकाया
बैठक में सभी जोनल अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की अवैध प्लॉटिंग की सूची प्रस्तुत की। यह सूची बताती है कि शहर में प्लॉटिंग का कारोबार किस तेजी से फैल रहा है, और कैसे बिना स्वीकृति के भूखंड काटे जा रहे हैं। जोन एक में 26, जोन दो में 17, जोन तीन में 12, जोन चार में 28 व जोन पांच में 17 प्रकरण।।ये आंकड़े बताते हैं कि शहर में हर दिशा में बिना अनुमति प्लॉटिंग का नेटवर्क सक्रिय है। जोन चार 4 में 28 प्रकरणों का मिलना प्रशासन के लिए चिंताजनक रहा, क्योंकि यह क्षेत्र तेजी से विस्तार लेता हुआ हिस्सा माना जाता है।
उपाध्यक्ष ने प्लॉटिंगकर्ताओं से की सीधी बातचीत
वीडीए में पहली बार हुआ कि अवैध प्लॉटिंग के मामलों पर प्लॉटिंगकर्ताओं को सीधे सामने बैठाकर वार्ता की गई। उपाध्यक्ष बोरा ने स्पष्ट कहा कि अवैध को वैध करने का एक ही रास्ता है लेआउट स्वीकृति। इसके बिना भूखंडों का विक्रय अपराध माना जाएगा। प्लॉटिंगकर्ताओं ने भी माना कि वे प्रक्रिया को समझते हुए लेआउट स्वीकृति हेतु आवेदन करेंगे। कई लोग पहले से किए गए कार्यों पर ‘नियमों की अनभिज्ञता’ का हवाला देते रहे, पर उपाध्यक्ष ने साफ किया कि अनभिज्ञता किसी भी स्थिति में नियमों से छूट नहीं देती।
जोनल अधिकारियों को दो दिन में रिपोर्ट का आदेश
इस बैठक का सबसे कठोर हिस्सा वह था जिसमें उपाध्यक्ष ने सभी जोनल अधिकारियों को निर्देश दिया कि अपने-अपने क्षेत्रों का सर्वे कर दो दिनों में अद्यतन रिपोर्ट प्रस्तुत करें। इस आदेश ने यह साफ कर दिया कि वीडीए अब कागजी कार्रवाई या सूचना मिलने का इंतजार नहीं करेगा। प्रत्येक जोनल अधिकारी को जमीन पर जाकर वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट देनी होगी।
वैध विकास की ओर प्राधिकरण की पहल
वाराणसी शहर तेजी से विस्तार कर रहा है और इसी विस्तार ने अव्यवस्थित बसावट, संकरी गलियों, बिना पार्किंग वाले मोहल्लों और सुविधाओं के संकट को जन्म दिया है। वीडीए की यह बैठक उसी संघर्ष का हिस्सा थी जिसमें संस्थान नियोजित विकास को नया आधार देना चाहता है। उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने साफ कहा कि प्लॉटिंग करना अपराध नहीं है, पर नियम तोड़कर प्लॉटिंग करना अपराध है। नगर का विकास जिम्मेदारी से होना चाहिए।
यह बैठक केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं थी, बल्कि यह संदेश देने वाली घटना थी कि अब अवैध प्लॉटिंग का दौर खत्म होने जा रहा है। वर्षों से वाराणसी में ‘पहले प्लॉटिंग, बाद में स्वीकृति’ का खेल चलता रहा है। कई बार तो प्लॉटिंगकर्ताओं ने ग्रामीण या कृषि भूमि को रातों-रात कालोनी बनाकर बेच दिया और लोग बाद में बुनियादी सुविधाओं को तरसते रहे। वीडीए की इस नई पहल में एक सकारात्मक पक्ष यह भी दिखा कि प्लॉटिंगकर्ता स्वयं वैधता की प्रक्रिया में आगे आने को तैयार दिखे। इससे प्रशासन और विकासकर्ताओं के बीच नए भरोसे का वातावरण बन सकता है।
* 9 मीटर रोड पर ही लेआउट स्वीकृति
* भूमि का लैंडयूज आवासीय होना अनिवार्य
* 3 हजार वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र वाली प्लॉटिंग में पार्क आवश्यक
* सभी जोनों ने अवैध प्लॉटिंग की सूची प्रस्तुत की
* प्लॉटिंगकर्ताओं ने लेआउट स्वीकृति हेतु आवेदन का आश्वासन दिया
* जोनल अधिकारियों को दो दिनों में रिपोर्ट का निर्देश
* बिना स्वीकृति प्लॉटिंग पर वीडीए करेगा कठोर कार्रवाई




