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असम के सीएम ने 12 हजार बीघा जमीन कब्जाई,पद का दुरुपयोग करते हेमंता आप को शर्म न आई

कांग्रेस ने लगाए संगीन आरोप, भाजपा हाईकमान चुप, हिमंता ने दी मानहानि की धमकी, वेबसाइट हैक की

– भाजपा में आने के बाद 10 साल में कैसे भू-माफिया बन गए हिमंता?
– हजारों बीघा जमीन नरेंद्र मोदी के दोस्त कॉर्पोरेट्स के हवाले की
– कांग्रेस ने घोटाले का राज सार्वजनिक कर चुनावी बिगुल फूंका
– घोटाले में सीएम की पत्नी रिंकू, बेटे-बेटी और परिजनों के भी नाम

  सौम्यदीप्ता रॉय गुवाहाटी।असम के मुख्यमंत्री रहते हुए हिमंता बिस्वा सरमा ने अपने कार्यकाल में परिजनों के नाम पर 12 हजार बीघा जमीन कब्जाई है। यह आरोप असम में विपक्षी दल कांग्रेस ने सीएम पर लगाया है। बुधवार को यहां राजीव भवन में राज्य कांग्रेस प्रमुख गौरव गोगोई ने मीडिया के सामने यह आरोप लगाए।

उन्होंने कहा कि भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व की इस मामले में बोलती बंद है। हालांकि, हिमंता बिस्वा ने बुधवार देर रात ट्वीट कर कहा कि वे 9 फरवरी को असम कांग्रेस अध्यक्ष समेत पार्टी के कुछ नेताओं के खिलाफ मानहानि का दावा दाखिल करेंगे।

क्या है कांग्रेस के दावे का आधार ?

गोगोई ने कहा कि कांग्रेस के इस दावे का आधार पार्टी की आंतरिक खोज है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस ने असम के विभिन्न जिलों में हिमंता बिस्वा और उनके परिवार के नाम पर कब्जाई गई जमीनों के बारे में जांच करने के बाद यह निष्कर्ष निकाला है कि कुछ 12 हजार बीघा जमीन बिल्डरों और विभिन्न लोगों के माध्यम से सीएम और उनके परिवार के नाम पर हस्तांतरित की गई है। गोगोई ने यह भी कहा कि अभी जमीनों का आंकड़ा अंतिम नहीं है, क्योंकि पार्टी की जांच जारी है। उन्होंने कहा कि असम में कांग्रेस की प्रदेश कमेटी ने एक अभियान की शुरुआत की है, ताकि सीएम की संपत्तियों का पता लगाया जा सके। इसी अभियान के तहत कांग्रेस ने एक वेबसाइट भी लॉन्च की, जिसका नाम ‘’हू इल एचबीएस’’ है।

वेबसाइट लॉन्च होते ही हैक हुई

गोगोई ने बुधवार को जैसे ही यहां पार्टी के अभियान की वेबसाइट लॉन्च की, उसके एक ही घंटे के बाद उसे किसी ने हैक कर लिया। हैक हुई वेबसाइट पर लिखा आने लगा- ‘’बेटर लक नेक्स्ट टाइम पाईजान’’ । हालांकि बाद में कांग्रेस ने वेबसाइट को दुरुस्त करने का दावा करते हुए कहा कि असम में कोई भी इस वेबसाइट पर सीएम हिमंता बिस्वा की जायदाद और संपत्तियों के बारे में जानकारी दे सकता है। गोगोई ने कहा कि वेबसाइट में एक क्यूआर कोड भी दिया है, जिसके सहारे आम लोग अपनी जानकारी डिजिटल तरीके से साझा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह जानकारी हेल्पलाइन नंबर 9133400200 के जरिए भी साझा की जा सकती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि हिमंता ने इस जमीन घोटाले को दबाने के लिए ही उन पर पाकिस्तान से संबंध होने का आरोप लगाया है।

गोगोई का पलटवार

हिमंता ने पिछले साल 10 सितंबर को सार्वजनिक रूप से गौरव गोगोई पर आरोप लगाया था कि उनके पाकिस्तान से संबंध हैं। हिमंता ने तब कहा था कि वे अपने आरोप के बारे में जल्दी ही पुख्ता सबूत पेश करेंगे। अब गोगोई ने कहा है कि अगर हिमंता के पास सबूत होते तो वे 10 सितंबर को ही लोगों के सामने रख देते। क्यों नहीं रखा ? गोगोई ने दावा किया कि हिमंता को यह बखूबी पता है कि कांग्रेस पार्टी के पास उसके जमीन घोटाले की फाइल है। राजनीतिक जानकार गौरव के नेतृत्व में कांग्रेस के इस अभियान को पार्टी के चुनाव अभियान का बिगुल बता रहे हैं। उनका कहना है कि अगर आने वाले दिनों में कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को लोगों तक पहुंचा पाने में सफल होती है तो निश्चित रूप से यह भाजपा की छवि को कमजोर करेगा और पार्टी को राजनीतिक रूप से नुकसान पहुंचाएगा।

प्रेस वार्ता खत्म होने से पहले ही हैक हुई वेबसाइट

गौरव गोगोई की प्रेस वार्ता के खत्म होने से पहले ही असम कांग्रेस पार्टी के मीडिया विभाग के अध्यक्ष देवव्रत बोरा ने कहा कि कांग्रेस के खोजी अभियान की वेबसाइट को किसी ने हैक कर लिया है। प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान की वेबसाइट पर लिखा आ रहा था- ‘’एचबीएस 2.0’’। बोरा ने दावा किया कि भाजपा के आईटी सेल ने वेबसाइट की हैकिंग को अंजाम दिया है। हालांकि, भाजपा की ओर से इस बारे में खंडन जैसी कोई बात नहीं कही गई है। वैसे, वेबसाइट के लॉन्च होते ही हैक हो जाने से कांग्रेस पार्टी के डिजिटल कैंपेन की सुरक्षा पर बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है और वह भी तब, जबकि असम में विधानसभा चुनाव सिर पर हैं।

आदिवासियों की जमीन हड़पने का आरोप

कांग्रेस का आरोप है कि हिमंता और उनके परिवारजनों के नाम पर पूरे असम में जगह-जगह जमीन हड़पी गई, जिसमें आदिवासियों के नाम पर जमीनें भी शामिल हैं। चाय के बागान, चरनोई की जमीन और बोडो, कारबी, राबना और माइसिंग जैसे जनजातियों के नाम की जमीनें भी हड़पी गई हैं। कांग्रेस का आरोप है कि सीएम और उनके परिजनों के नाम पर माजुली द्वीप, कामरूप, गुवाहाटी, नगांव और गोलाघाट जिलों में जमीनें हड़पी गईं। इन जमीनों को विकास के ना पर कमजोर वर्गों, आदिवासियों और चाय बागान के मजदूरों से छीना गया। कांग्रेस यह भी आरोप लगा रही है कि सीएम के आदेश पर हड़पी गई जमीनों में से बड़ी संख्या में कब्जो को मोदी के दोस्त कॉर्पोरेट्स के हवाले किया गया।

सीएम की पत्नी का भी नाम

कांग्रेस ने सीएम की पत्नी रिंकी भुयो सरमा पर भी जमीन कब्जाने का आरोप लगाया है। इसके अलावा सीएम के बेटे, बेटी और अन्य करीबी संबंधियों के नाम पर भी जूीनों पर कब्जा किया गया है। उदाहरण के लिए रिंकी भुयां की अध्यक्षता वाले प्राइड ईस्ट एंटरटेनमेंट प्रा. लि. पर नगांव में फूड प्रोसेसिंग पार्क के नाम पर प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना के तहत 10 करोड़ की सब्सिडी लेने और कालियाबोर दारगाजी गांव में कृष भूमि को औद्योगिक प्रयोजन के लिए नामांतरित करने का आराप है। इसके अलावा कंचनजुड़ी और राधा कृष्णा चाय बागानों में सरमा परिवार के नाम पर जमीनें, मक्डोनल्ड का एक आउटलेट और न्यूज पोर्टल के नाम पर जमीन लेने के आरोप भी लगे हैं।

पहले भी लगे थे आरोप

असम कांग्रेस ने इससे पहले भी सीएम और उनके परिजनों के नाम पर जमीन हड़पने के आरोप लगाए थे। उदाहरण के लिए 2021 में कांग्रेस ने गुवाहाटी में भूमिहीनों के नाम पर 18 एकड़ जमीन आरबीएस रियल्टी के नाम पर ट्रांसफर करने का आरोप लगाया था। आरबीएस रियल्टी की स्थापना सीएम की पत्नी रिंकू भुयां सरमा ने की थी। और जमीन हड़पने का यह खेल सरमा के सीएम बनने से पहले 2006 से जारी था। हिमंता ने 2015 में कांग्रेस से नाता तोड़ लिया था। अब कांग्रेस ने यह सभी जानकारियां बुधवार को लॉन्च अपनी वेबसाइट में डाली हुई है, जिस पर अभी तक 60 हजार व्यूज आ चुके हैं। पार्टी ने वादा किया है कि आगामी विधानसभा चुनाव में जीतकर सत्ता में आते ही वह इन सभी जमीन आवंटनों को रद्द करेगी। पार्टी का कहना है कि वह यह काम सत्ता में आने के बाद अपनी पहली कैबिनेट बैठक में ही पूरा करेगी।

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