डीजीपी राजीव कृष्ण ने महिला क्रिकेटर दीप्ति शर्मा का बढ़ाया सम्मान, मिशन शक्ति का भी बढ़ गया मान
दीप्ति की चमक से रोशन हुआ पुलिस मुख्यालय, यूपी पुलिस ने मनाया उपलब्धियों का पर्व

● डीजीपी राजीव कृष्ण ने महिला क्रिकेटर दीप्ति शर्मा का बढ़ाया सम्मान, मिशन शक्ति का भी बढ़ गया मान
● दीप्ति की चमक से रोशन हुआ पुलिस मुख्यालय, यूपी पुलिस ने मनाया उपलब्धियों का पर्व
● महिला शक्ति और वर्दी का संगम दीप्ति शर्मा बनीं प्रेरणा का नया प्रतीक
● डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा ‘दीप्ति हर बेटी के लिए उत्तर सितारा’
● आईजी स्पोर्ट्स ने किया संघर्ष से शिखर तक की यात्रा का वर्णन
● योगी सरकार की स्पोर्ट्स नीति ने बदली किस्मत दीप्ति ने जताया आभार
● पुलिस मॉडर्न स्कूल के बच्चों संग संवाद हीरो से मुलाकात का यादगार अध्याय
● वर्दी में ‘क्रिकेट की वॉरियर’ पुलिस परिवार में उत्सव का माहौल
● दीप्ति बोलीं “हर बेटी में है ताकत, बस मौके की जरूरत”
● यूपी पुलिस के इतिहास में दर्ज हो गया यह प्रेरणा से भरा दिन
◆ शुभम श्रीवास्तव
लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय का विशाल सभागार विगत सप्ताह एक ऐसा साक्षी बना, जिसने वर्दी और खेल के अद्भुत संगम को इतिहास में दर्ज कर दिया। पुलिस मुख्यालय का सभागार किसी अंतरराष्ट्रीय समारोह से कम नहीं दिख रहा था। मंच पर मौजूद थीं भारत की स्टार क्रिकेटर और उत्तर प्रदेश पुलिस की उपाधीक्षक दीप्ति शर्मा, जिन्हें सम्मानित करने पुलिस महानिदेशक से लेकर प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों तक सभी मौजूद थे। हर चेहरे पर गर्व, हर तालियों में उमंग और हर नजर में एक ही संदेश था कि यह सिर्फ एक खिलाड़ी का सम्मान नहीं, बल्कि हर उस बेटी की जीत है जो सपने देखती है। अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेटर और यूपी पुलिस की उपाधीक्षक दीप्ति शर्मा का सम्मान समारोह पुलिस परिवार के लिए उत्सव, गौरव और प्रेरणा से भरा क्षण बनकर उभरा। सभागार के प्रवेश द्वार से लेकर मंच तक हर कदम पर यह साफ दिख रहा था कि यह दिन सिर्फ एक खिलाड़ी की उपलब्धियों के सम्मान का नहीं, बल्कि पूरे राज्य की बेटियों की आकांक्षाओं के उत्सव का दिन है।
डीजीपी राजीव कृष्ण का उद्बोधन ‘दीप्ति हमारा गर्व, हमारी प्रेरणा’
कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि के रूप में शामिल हुए उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने मंच पर आते ही तालियों की गड़गड़ाहट को स्वीकार करते हुए कहा कि आज हम सब सिर्फ एक खिलाड़ी को सम्मानित नहीं कर रहे हैं, बल्कि उस साहस, अनुशासन और निरंतरता को प्रणाम कर रहे हैं, जिसने भारत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर गौरवान्वित किया है। दीप्ति शर्मा यूपी पुलिस परिवार की वह बेटी है, जो हर पुलिसकर्मी के लिए अनुकरणीय उदाहरण हैं। कहा कि जब कोई खिलाड़ी वर्दी में आता है तो वह सिर्फ कैरियर नहीं, बल्कि सार्वजनिक सेवा और कर्तव्य को भी अपनाता है। यह संयोजन दुर्लभ होता है, और दीप्ति ने इसे अपनी मेहनत से अद्भुत रूप दिया है। डीजीपी राजीव कृष्ण ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि खेल और अनुशासन का स्वाभाविक रिश्ता है। क्रिकेट के मैदान पर जीतने की जिद और पुलिस सेवा में जनता की रक्षा का संकल्प दोनों ही निरंतर प्रतिबद्धता मांगते हैं। दीप्ति ने दोनों क्षेत्रों में असाधारण संतुलन दिखाया है।
पुलिस परिवार में उत्सव जैसा माहौल
सभागार में बैठे तमाम पुलिस अधिकारी, महिला पुलिस कर्मी, युवा प्रशिक्षु और पुलिस मॉडर्न स्कूल के बच्चे दीप्ति की प्रत्येक उपलब्धि पर गर्व से तालियां बजा रहे थे। यह सम्मान सिर्फ एक समारोह नहीं, बल्कि यूपी पुलिस के भीतर सकारात्मकता और प्रेरणा का नया अध्याय था।
आईजी स्पोर्ट्स डॉ. प्रीतिंदर सिंह का रोमांचक प्रस्तुतीकरण
कार्यक्रम का सबसे यादगार हिस्सा तब सामने आया जब आईजी स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड डॉ. प्रीतिंदर सिंह मंच पर पहुंचे। उन्होंने दीप्ति के संघर्ष और उपलब्धियों को ऐसे अंदाज में प्रस्तुत किया, जैसे कोई प्रेरक चलचित्र चल रहा हो। उन्होंने बताया कि कैसे मेरठ की एक साधारण गलियों में खेलने वाली बच्ची ने धीरे-धीरे घरेलू क्रिकेट में जगह बनाई, फिर भारत की जर्सी पहनी और अंततः विश्व कप जैसे निर्णायक मुकाबलों में भारत को जीत की राह दिखाई। आईजी ने उन अंतिम ओवरों का भी जिक्र किया जहां दीप्ति की शांत, संयमित और रणनीतिक गेंदबाजी ने भारत को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कई बार सम्मान दिलाया। आईजी ने कहा कि दीप्ति की यात्रा यह साबित करती है कि अनुशासन और अपना लक्ष्य तय कर लेने का संकल्प व्यक्ति को किसी भी मुकाम तक पहुंचाने में सक्षम है। संबोधन के दौरान सभागार कई बार तालियों से गूंज उठा। पुलिस कर्मियों से लेकर बच्चों तक सभी एक ही भाव से भरे थे गर्व, प्रेरणा और उत्साह।
दीप्ति शर्मा का संवेदनशील और प्रेरक उद्बोधन
समारोह के मुख्य आकर्षण दीप्ति शर्मा जब मंच पर पहुंची तो पूरा सभागार खड़ा होकर उनका स्वागत कर रहा था। यह उन क्षणों में से एक था जब किसी उपलब्धि की चमक इंसान से ज्यादा उसके संघर्ष को सम्मानित करती दिखाई देती है। दीप्ति ने कहा कि मैं आज जो कुछ भी हूं, वह सिर्फ मेरे परिवार, मेरे कोच और इस प्रदेश की खेल-प्रोत्साहन नीतियों की बदौलत हूं। विशेष रूप से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद, जिन्होंने खिलाड़ियों को न सिर्फ पहचान दी बल्कि पुलिस सेवा का सम्मान भी दिया। कहा कि यूपी पुलिस की वर्दी पहनना उनके लिए उतना ही गौरवपूर्ण है जितना कि भारत के लिए मैदान पर खेलना। वर्दी सेवा और अनुशासन की पहचान है। दीप्ति ने कहा कि क्रिकेट ने मुझे संयम सिखाया और वर्दी ने कर्तव्य का अर्थ समझाया।
बच्चों का उत्साह और दीप्ति के प्रेरक जवाब
कार्यक्रम का सबसे भावुक और उत्साहपूर्ण क्षण तब देखा गया जब पुलिस मॉडर्न स्कूल के बच्चों ने दीप्ति से सवाल पूछने शुरू किए। छात्राओं ने पूछा मैडम, दबाव में कैसे खेलते हैं, दीप्ति ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया दबाव तभी लगता है, जब हम खुद पर भरोसा कम कर दें। अपने प्रशिक्षण और मेहनत पर भरोसा रखो, दबाव खुद दूर हो जाएगा। एक छात्रा ने पूछा कि क्या मैं भी आपकी तरह अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बन सकती हूं।
दीप्ति ने कहा कि बिल्कुल हर बेटी में वह क्षमता है। फर्क सिर्फ इतना है कि आपको खुद पर विश्वास और मेहनत की निरंतरता रखनी होगी। बच्चों के चेहरों पर चमक, उनकी आंखों में सपनों की नई रोशनी और दीप्ति के जवाबों में स्नेह यह दृश्य किसी भी सामान्य कार्यक्रम को असाधारण बना सकता था।
वर्दी में क्रिकेट की चैंपियन एक अनोखी पहचान
दीप्ति शर्मा का यूपी पुलिस में डीएसपी के रूप में शामिल होना न सिर्फ प्रेरणादायक है, बल्कि प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की शक्ति को नई परिभाषा देता है। आमतौर पर खेल जगत और पुलिस सेवा दो अलग दुनिया माने जाते हैं, लेकिन दीप्ति ने इन दोनों को एक ऐसी कड़ी से जोड़ा, जिसका संदेश साफ है कि प्रतिभा सीमाओं में नहीं बंधती। सपने इंसान को हर रूप में सफल बना सकते हैं।
समारोह का समापन गर्व, प्रेरणा और भविष्य की उम्मीद
अंत में जब अधिकारी और पुलिस कर्मी दीप्ति के साथ फोटो खिंचवाने के लिए पंक्तिबद्ध हो रहे थे, तब यह स्पष्ट था कि यह सम्मान समारोह सिर्फ एक दिन की घटना नहीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनने जा रहा है। सबके चेहरे पर मुस्कान, गर्व और सकारात्मकता यह वही चित्र था, जिसकी आज के समय में सबसे ज्यादा जरूरत है।
एक ऐसा दिन यूपी पुलिस और प्रदेश की बेटियों को हमेशा याद रहेगा
दीप्ति शर्मा का सम्मान कार्यक्रम इस बात का प्रमाण है कि जब सरकार, पुलिस और समाज मिलकर प्रतिभा का सम्मान करते हैं तो उसका प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। आज का दिन न सिर्फ दीप्ति के लिए, बल्कि उन हजारों लड़कियों के लिए भी महत्वपूर्ण है जो खेल में, पढ़ाई में या किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ने का सपना देखती हैं। उनके लिए यह स्पष्ट संदेश है कि सपने देखो, मेहनत करो और अपनी पहचान खुद बनाओ। दुनिया तुम्हें सम्मान देने के लिए खड़ी होगी।
* दीप्ति शर्मा को डीजीपी कार्यालय में भव्य सम्मान समारोह।
* डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा दीप्ति अनुशासन और प्रतिबद्धता की आदर्श मिसाल।
* आईजी स्पोर्ट्स डॉ.प्रीतिंदर सिंह ने उनके संघर्ष और करियर की उपलब्धियों का जीवंत विवरण दिया।
* दीप्ति ने सीएम योगी की स्पोर्ट्स पॉलिसी और पुलिस सेवा अवसर के लिए जताया आभार।
* पुलिस मॉडर्न स्कूल के बच्चों ने क्रिकेट, करियर और अनुशासन पर रोचक सवाल पूछे।
* सभागार में उत्साह, तालियों और प्रेरणादायक माहौल का संगम।
* महिला सशक्तिकरण, खेल और वर्दी तीनों का अनोखा उत्सव।




