पूर्ण बोरा ने ठाना है, काशी में सुनियोजित विकास की गंगा बहाना है
वीडीए उपाध्यक्ष की सख्ती सात दिन में विस्तृत आगणन रिपोर्ट मांगी

पूर्ण बोरा ने किया लालपुर योजना का निरीक्षण, गुणवत्ता व पारदर्शिता जारी है इनका पर्यवेक्षण
● भूमिगत वायरिंग से बदलेगा दृश्य, सुधरेगा शहर का सौंदर्य
● अतुलानंद से कचहरी व चौकाघाट से मैदागिन तक वीडीए का सौंदर्यीकरण अभियान तेज
● अव्यवस्थित तारों और पोलों से मुक्ति की तैयारी, शहर को मिलेगी खुली सांस
● बिजली विभाग और वीडीए की संयुक्त टीम ने किया निरीक्षण, तय हुआ कार्यप्रणाली का ब्लूप्रिंट
● सड़क किनारे डक्टिंग और भूमिगत केबल से बदलेगा मार्ग का स्वरूप
● शहरी सौंदर्यीकरण के साथ सुरक्षा भी होगी सुनिश्चित
● सुंदर काशी स्मार्ट काशी मिशन की नई कड़ी साबित होगा यह प्रोजेक्ट
◆ अमित मौर्य
वाराणसी। स्मार्ट सिटी का सपना अब धरातल पर उतरने लगा है। शहर के प्रमुख मार्ग अतुलानंद से कचहरी चौराहा तथा चौकाघाट से मैदागिन चौराहा तक जल्द ही लटकते तारों और अव्यवस्थित पोलों से मुक्ति मिलने वाली है। वाराणसी विकास प्राधिकरण ने इस पूरी रेंज में विद्युत पोल शिफ्टिंग, डक्टिंग और भूमिगत वायरिंग कार्य का निर्णय लिया है। इस पहल से जहां शहर की सुंदरता निखरेगी, वहीं बिजली व्यवस्था भी अधिक सुरक्षित और टिकाऊ बनेगी।
वीडीए उपाध्यक्ष ने फील्ड विजिट कर तय किया कार्य का रोडमैप
शुक्रवार को वीडीए उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा स्वयं टीम के साथ अतुलानंद से कचहरी चौराहा और चौकाघाट से मैदागिन मार्ग का निरीक्षण करने पहुंचे। उनके साथ बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता और प्राधिकरण के तकनीकी अधिकारी मौजूद थे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सड़क किनारे मौजूद पोलों की स्थिति, तारों की जटिलता और संभावित डक्टिंग रूट को विस्तार से परखा। उपाध्यक्ष ने मौके पर ही स्पष्ट निर्देश दिए कि सात दिनों के भीतर विस्तृत आगणन और तकनीकी रिपोर्ट तैयार कर वीडीए को उपलब्ध कराई जाए। कार्यवाही समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और सौंदर्यपरक होनी चाहिए।
सात दिन की डेडलाइन तय हुआ सख्त टाइमलाइन चार्ट
वीडीए ने इस परियोजना को फास्ट ट्रैक मिशन के रूप में लिया है। बिजली विभाग सात दिन के भीतर पोल शिफ्टिंग, भूमिगत केबल, ट्रांसफार्मर पुनर्स्थापन और डक्टिंग कॉरिडोर की अनुमानित लागत सहित आगणन प्राधिकरण को सौंपेगा। इसके बाद कार्य की स्वीकृति, टेंडरिंग और क्रियान्वयन का चरण तेजी से शुरू किया जाएगा। सूत्रों की मानें तो प्राधिकरण इस काम को चरणबद्ध रूप से करवाएगा, ताकि यातायात के साथ ही स्थानीय व्यवसायियों को असुविधा न होने पाए।
सौंदर्य और सुरक्षा दोनों पर रहेगा फोकस
शहरी विकास मॉडल में अब सौंदर्यीकरण के साथ सेफ्टी पैरामीटर को भी समान प्राथमिकता दी जा रही है। लटकते तारों और खुले ट्रांसफार्मरों से न केवल दृश्य अव्यवस्था फैलती थी, बल्कि यह नागरिकों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बने रहते हैं। बारिश के मौसम में कई बार शॉर्ट सर्किट और स्पार्किंग की घटनाएं सामने आती हैं। भूमिगत केबलिंग से इन सभी खतरों का अंत होगा। साथ ही, डक्टिंग सिस्टम के तहत सड़कों के दोनों ओर भूमिगत पाइप लाइनें बिछाई जाएंगी, जिनमें बिजली, इंटरनेट, टेलीफोन और अन्य यूटिलिटी लाइनें रखी जा सके।
नागरिकों और व्यापारियों को मिलेगी राहत, व्यवस्थित होगा शहर
मैदागिन, चौकाघाट और कचहरी क्षेत्र वाराणसी की वाणिज्यिक और आवागमन की धमनियां हैं। इन इलाकों में फैले तारों और झुके पोल से न केवल दृश्य प्रदूषण बढ़ा था, बल्कि कई जगह सड़क की चौड़ाई भी प्रभावित हो रही थी। अब भूमिगत वायरिंग से न केवल शहर की तस्वीर बदलेगी, बल्कि दुकानदारों और आम नागरिकों को भी राहत मिलेगी। स्थानीय व्यापारी संगठन ने इस कदम का स्वागत किया है। मैदागिन व्यापार मंडल के अध्यक्ष का कहना है कि यह कदम वाराणसी के ऐतिहासिक बाजारों को नया जीवन देगा। बिजली का डर खत्म होगा और क्षेत्र की सुंदरता बढ़ेगी।
हमारी सड़क, हमारी जिम्मेदारी की ओर बढ़ता शहर
वाराणसी के नागरिक भी अब इस बदलाव में साझेदार बन रहे हैं। स्थानीय लोगों को यह समझाने का प्रयास किया जा रहा है कि डक्टिंग और भूमिगत कार्यों के दौरान कुछ असुविधाएं अस्थायी हैं, लेकिन परिणाम स्थायी होंगे। वीडीए ने कहा है कि कार्य शुरू होने से पहले नागरिकों को सूचना दी जाएगी और यातायात के वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। जनपद में यह बदलाव केवल सौंदर्यीकरण नहीं, बल्कि प्रबंधन और दृष्टिकोण में सुधार का संकेत है। अतुलानंद से कचहरी और चौकाघाट से मैदागिन की सड़कों पर जब तारों की जगह खुले आसमान और व्यवस्थित डक्टिंग दिखेगी, तब यह शहर न केवल ‘प्राचीनता का गौरव’ बल्कि ‘आधुनिकता की गरिमा’ दोनों का संगम बनेगा।




