भेलूपुर वार्ड के जोनल अधिकारी संजीव कुमार ने की सील की कार्यवाही, जेई सोनू कुमार ने कहा जारी रहेगी कड़ाई
अचूक संघर्ष, डेस्क

~ शहर की सूरत संवारने की पहल वीडीए ने शिवाला क्षेत्र में अवैध निर्माण सील किया
~ वीडीए उपाध्यक्ष के निर्देश पर सख्त कार्रवाई
~ भेलूपुर वार्ड में चल रहा था अवैध निर्माण
~ धारा-27 व 28 के तहत नोटिस के बाद हुई कार्रवाई
~ रात में चोरी-छिपे काम करने की कोशिश नाकाम
~ प्रवर्तन दल की तत्परता से सीलिंग पूरी
~ शहर में विकास अनुशासन कायम रखने की पहल
वाराणसी। वीडीए उपाध्यक्ष के निर्देशों पर मंगलवार 9 सितंबर 2025 को जोन-04 अंतर्गत भेलूपुर वार्ड स्थित भवन सं. बी-2/260-ए, शिवाला में चल रहे अवैध निर्माण को सील कर दिया। निर्माणकर्ता द्वारा चोरी-छिपे रात्रि में कार्य जारी रखने की सूचना मिलने पर प्रवर्तन दल सक्रिय हुआ और मौके पर पहुँचकर सख़्त कार्रवाई की।
इस अभियान से यह संदेश स्पष्ट हो गया कि शहर में बिना स्वीकृति और नियमों के विरुद्ध कोई भी निर्माण कार्य बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शहर की ऐतिहासिक धरोहर और सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित रखते हुए नियोजित विकास सुनिश्चित करने के लिए वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) ने एक और सख़्त कार्रवाई की है।
प्राधिकरण के सारनाथ के जोनल अधिकारी प्रकाश ने की कड़ी कार्यवाही, अवैध प्लाटिंग पर बुलडोजर चलवाई
नोटिस मिलने के बाद निर्माण कार्य न रोकना बना सीलिंग की कार्रवाई का कारण
सूत्रों के अनुसार, उक्त भूखंड पर शंभूनाथ गुप्ता व अन्य द्वारा निर्माण कार्य चलाया जा रहा था। निर्माण की स्वीकृति वीडीए से प्राप्त नहीं थी, इसलिए इसे अवैध मानते हुए प्राधिकरण ने नियमानुसार नोटिस दिया। आमतौर पर नोटिस मिलने के बाद निर्माण कार्य रोकना अनिवार्य होता है, लेकिन यहाँ पर ठेकेदार और मालिक पक्ष द्वारा चोरी-छिपे रुक-रुककर रात में निर्माण कार्य किया जा रहा था। इसकी शिकायत स्थानीय नागरिकों द्वारा वीडीए अधिकारियों को दी गई थी। शिकायत मिलते ही उपाध्यक्ष ने जोनल अधिकारी को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
प्रवर्तन दल की तत्परता
निर्धारित तिथि पर मंगलवार की सुबह जोनल अधिकारी संजीव कुमार, अवर अभियंता सोनू कुमार और प्रवर्तन दल सहित सुपरवाइजर मौके पर पहुँचे। मौके पर पहुँचते ही टीम ने देखा कि निर्माण कार्य की गतिविधियाँ अभी भी जारी हैं। तत्काल आदेशों का पालन करते हुए अवैध निर्माण को सील कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार का विरोध न हो, इसके लिए प्रशासन ने सुरक्षा इंतज़ाम भी किए थे। प्रवर्तन दल ने नियमों के अनुसार पूरी प्रक्रिया पूरी की और इसके बाद स्थानीय लोगों को अवगत कराया कि बिना स्वीकृति निर्माण करना गंभीर अपराध है।
कानून का पालन ही प्राथमिकता
शहर की खूबसूरती और उसकी पारंपरिक संरचना को बचाए रखने के लिए विकास प्राधिकरण लगातार सक्रिय है। उप्र. नगर योजना एवं विकास अधिनियम 1973 की धारा-27 और 28 इस मामले में अत्यंत महत्वपूर्ण है। धारा-27 के तहत कारण बताओ नोटिस जारी कर यह अवसर दिया जाता है कि निर्माणकर्ता अपना पक्ष रख सके। धारा-28 के अंतर्गत यदि अवैध कार्य जारी रहता है तो विकास कार्य रोकने का आदेश दिया जाता है। भेलूपुर के मामले में यह दोनों ही प्रक्रियाएँ पूरी की गईं, लेकिन जब इसके बाद भी उल्लंघन किया गया तो सीलिंग की कार्रवाई अनिवार्य हो गई।
नागरिकों की सराहना
कार्रवाई के बाद स्थानीय नागरिकों ने वीडीए के इस कदम की सराहना की। उनका कहना था कि यदि समय रहते ऐसे अवैध निर्माणों पर रोक नहीं लगाई जाती तो शहर की तंग गलियां और अधिक भीड़भाड़ का शिकार हो जातीं। साथ ही, अव्यवस्थित विकास से आमजन को ट्रैफिक, जलनिकासी और सार्वजनिक सुविधाओं में समस्याओं का सामना करना पड़ता। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि वीडीए ने सकारात्मक पहल करते हुए यह साबित किया है कि वह सिर्फ कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं है।
उपाध्यक्ष का रुख
वीडीए उपाध्यक्ष ने साफ कहा है कि वाराणसी को नियोजित और सुन्दर बनाना हमारी प्राथमिकता है। किसी भी हाल में अवैध निर्माण स्वीकार्य नहीं होंगे। जो भी व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आगे यह भी बताया कि इस तरह की कार्यवाहियों का उद्देश्य केवल दंडात्मक कार्रवाई करना नहीं है बल्कि लोगों को यह संदेश देना भी है कि स्वीकृति प्राप्त कर ही निर्माण कार्य किए जाएँ।
- जोन-4 में भेलूपुर वार्ड के भवन सं. बी-2/260-ए, शिवाला का अवैध निर्माण सील।
- उपाध्यक्ष के निर्देश पर जोनल अधिकारी व प्रवर्तन दल ने की कार्रवाई।
- निर्माणकर्ता को पहले ही धारा-27 व 28 के तहत नोटिस जारी हुआ था।
- चोरी-छिपे रात्रि में निर्माण कार्य करने की जानकारी पर हुई तत्पर कार्रवाई।
- स्थानीय नागरिकों ने वीडीए की पहल का किया स्वागत।
- नियोजित विकास और शहर की धरोहर बचाने की दिशा में सख़्ती का संदेश।




