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मोदी कैबिनेट में बदलाव-शक्तिकांत दास को मिल सकता है वित्त मंत्री का पुरस्कार,धर्मेंद्र प्रधान, हरदीप पुरी पर लटकी तलवार

 निर्मला सीतारमण को मानव संसाधन या शिक्षा में से कोई एक विभाग मिलने की चर्चा

  • संसद के मॉनसून सत्र से पहले ही मंत्रिमंडल में फेरबदल की उम्मीद
  •  पंजाब से राघव चड्ढा को कड़ी टक्कर
  •  नितीश को मिल सकता है गडकरी का मंत्रालय
  •  बेहद चौंकाने वाले होंगे कुछ नए चेहरे

नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी शनिवार दोपहर सेशेल्स की तीन दिन की आधिकारिक यात्रा पर रवाना हो गए। उनकी रवानगी के साथ ही कैबिनेट विस्तार की अटकलों को विराम लग गया। हालांकि, भाजपा के उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि मोदी कैबिनेट का फेरबदल 6 से 11 जुलाई के बीच पीएम की इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड यात्रा से पहले ही हो जाएगा। यानी जुलाई के पहले हफ्ते में लोगों को केंद्रीय मंत्रिमंडल में बहुत ही चौंकाने वाले बदलाव और नए नाम देखने को मिल सकते हैं।

 

इनमें सबसे बड़ा नाम वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का होने वाला है, जिन्हें वित्त मंत्री के पद से हटाने की पूरी तैयारी हो चुकी है। पेपर लीक मामले में दागी शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को भी हटाया जाएगा। एप्स्टीन फाइल में नाम आने के बाद लगातार विवादों और विपक्ष के निशाने पर रहे पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी को हटाए जाने की तगड़ी सुगबुगाहट है। केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कूरियन के इस्तीफे और एक अन्य केंद्रीय राज्य मंत्री रवणीत सिंह बिट्टू को राज्यसभा नहीं भेजने से दोनों जगह नए चेहरों को लाने की तैयारी बताई जाती है।

शक्तिकांत दास होंगे नए वित्त मंत्री

वित्त मंत्री पद के लिए संभावित उम्मीदवार के तौर पर रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर शक्तिकांत दास के नाम पर चर्चा है। इस अटकल के पीछे एक बड़ा कारण उनका मज़बूत प्रोफेशनल बैकग्राउंड और अनुभव है। वे अभी प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव के तौर पर काम कर रहे हैं। 69 साल के शक्तिकांत दास अगर देश के अगले वित्त मंत्री बनते हैं, तो वे पूर्व प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री मनमोहन सिंह और पूर्व वित्त मंत्री सी. डी. देशमुख की श्रेणी में शामिल हो जाएंगे। अब तक रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया के केवल दो पूर्व गवर्नर ही भारत के वित्त मंत्री बने हैं। शक्तिकांत दास के वित्त मंत्री बनने के बाद उन्हें यूपी से राज्यसभा में भेजने की चर्चा है। वित्त मंत्रालय में काम करते हुए वे आठ केंद्रीय बजट तैयार करने की प्रक्रिया में शामिल रहे हैं और उन्हें आर्थिक नीति, टैक्स और निवेश के मामलों में गहरी जानकारी है।

धर्मेन्द्र प्रधान का विभाग निर्मला को

नीट पेपर लीक मामले में गलती की जिम्मेदारी लेने के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को कैबिनेट से निकाला तो नहीं जाएगा, लेकिन उन्हें कोई कमतर विभाग दिया जा सकता है। बीजेपी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि पार्टी इस कदम को युवाओं की भावनाओं के प्रति सरकार की संवेदनशीलता के संकेत के तौर पर पेश कर सकती है। सूत्रों का कहना है कि सीतारमण शिक्षा मंत्री के तौर पर धर्मेंद्र प्रधान की जगह ले सकती हैं। कुछ जानकारों ने निर्मला को मानव संसाधन मंत्रालय देने की भी बात कही है।

राघव चड्ढा के मंत्री बनने के आसार कम

पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी की जगह किसी सिख या पंजाब के नेता को लाया जा सकता है। जब से नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने हैं, तब से केंद्रीय कैबिनेट में पंजाब का प्रतिनिधित्व सीमित रहा है। 2014 के बाद शिरोमणि अकाली दल की नेता हरसिमरत कौर बादल केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री बनीं। उन्होंने कृषि कानूनों के विरोध में 2020 में इस्तीफा दे दिया था। इसके अलावा, बीजेपी के सोम प्रकाश केंद्र में मंत्री बने। उन्होंने 2019 से 2024 तक काम किया। सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी को या तो पूरी तरह से हटाया जा सकता है या किसी “कम अहम मंत्रालय” में भेजा जा सकता है। केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को दोबारा राज्यसभा नहीं भेजा गया है। ऐसे में उनके मंत्री पद को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पंजाब विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा उन्हें राज्य में बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है। राज्य के वरिष्ठ नेता तरुण चुघ, जिन्हें आखिरकार राज्यसभा का कार्यकाल मिला है, उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक, पंजाब के कोटे से केंद्रीय कैबिनेट में एक सीट पक्की मानी जा रही है, लेकिन इसके लिए आम आदमी पार्टी से आए दो दिग्गजों के बीच कांटे की टक्कर है। आम आदमी पार्टी से भाजपा में आए सांसद राघव चड्ढा मंत्री पद के इकलौते दावेदार नहीं हैं। लेकिन उन्हें उनके ही साथी अशोक मित्तल से कड़ी टक्कर मिल रही है। अशोक मित्तल लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के संस्थापक और राज्यसभा सांसद हैं।

अश्विनी वैष्णव का लोड कम होगा

अश्विनी वैष्णव के पास अभी रेलवे, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी और सूचना और प्रसारण मंत्रालय का प्रभार है। उनसे एक बड़ा मंत्रालय छीना जा सकता है। वहीं नितिन गडकरी और मनोहर लाल खट्टर के विभागों में भी बदलाव हो सकता है। जदयू प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी कैबिनेट मंत्री बनाया जाना है। सूत्र इस बात की पूरी संभावना बता रहे हैं कि गडकरी का सड़क परिवहन और राजमार्ग विभाग नितीश कुमार को दिया जाएगा। कैबिनेट में नए चेहरों में लोकसभा सांसद श्रीकांत शिंदे शामिल हो सकते हैं, जो महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के बेटे हैं। श्रीकांत ही शिवसेना (उद्धव गुट) के 6 सांसदों को एनडीए में लाए थे। तृणमूल कांग्रेस से पाला बदलने वाले सुखेंदु शेखर राय को भी कैबिनेट मंत्री बनाए जाने की चर्चा है। एनडीए गठबंधन के सूत्रों का कहना है कि इस कवायद से “राजनीतिक विज़न और नैरेटिव” तय हो सकता है, जो मोदी के तीसरे कार्यकाल के बाकी समय में केंद्र के कामकाज और उससे भी अहम, 2029 के लोकसभा चुनावों और उससे पहले होने वाले कई विधानसभा चुनावों के लिए बीजेपी की चुनावी रणनीति को आकार देगा।

 

राष्ट्रपति से मिल चुके हैं पीएम

23 जून को पीएम मोदी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की थी। 23 जून को ही केंद्रीय राज्यमंत्री जॉर्ज कुरियन ने इस्तीफा दे दिया था। उसी दिन राष्ट्रपति मुर्मू की ओर से उनके इस्तीफे को स्वीकार कर लिया गया था। प्रधानमंत्री मोदी मॉनसून सत्र से पहले 6 से 11 जुलाई तक इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्रा पर जा रहे हैं। वैसे भी मोदी 3।0 में अभी तक मंत्रिपरिषद में कोई फेरबदल नहीं हुआ है। मोदी के तीसरे कार्यकाल के दो साल पूरे हो चुके हैं। सभी दलों को प्रतिनिधित्व देने की चुनौती को देखते हुए कुछ विश्लेषकों का मानना है कि फिलहाल बड़े बदलाव की बजाय सीमित फेरबदल हो सकता है।

 

कामकाज होगा कैबिनेट फेरबदल का आधार

हाल ही में पंकज चौधरी को उत्तरप्रदेश भाजपा का अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं हर्ष मल्होत्रा को दिल्ली भाजपा की कमान सौंपी गई है। भाजपा लंबे समय से ‘वन मैन, वन पोस्ट’ की नीति पर जोर देती रही है। ऐसे में दोनों नेताओं को मंत्री पद छोड़ना होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल के दिनों में मंत्रियों के कामकाज की विस्तृत समीक्षा की थी। इस दौरान विभिन्न मंत्रालयों की प्रस्तुतियां देखी गईं और प्रदर्शन के आधार पर आकलन किया गया। माना जा रहा है कि संभावित फेरबदल में प्रदर्शन भी एक अहम आधार बन सकता है।

 

संगठन में नई जिम्मेदारियों की तैयारी

भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन संगठन के विस्तार और नई टीम को लेकर लगातार मंथन कर रहे हैं। भाजपा में 75 वर्ष से अधिक आयु वाले नेताओं को लेकर लंबे समय से एक अनौपचारिक राजनीतिक परंपरा की चर्चा होती रही है। ऐसे में कुछ वरिष्ठ नेताओं के स्वास्थ्य और उम्र को देखते हुए भी बदलाव की संभावनाएं जताई जा रही हैं। हालांकि अंतिम फैसला प्रधानमंत्री और पार्टी नेतृत्व के हाथ में होगा।

 

बंगाल को ज्यादा प्रतिनिधित्व

पश्चिम बंगाल में भाजपा की बड़ी जीत के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल में बंगाल को ज्यादा तवज्जो भी दी जा सकती है। भाजपा वहां से किसी नए चेहरे को मंत्रिमंडल में शामिल कर सकती है। अगले साल यूपी में चुनाव को देखते हुए राज्य का प्रतिनिधित्व बढ़ाने को लेकर भी चर्चा है। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा का राज्यसभा कार्यकाल नवंबर में समाप्त होने वाला है। दोनों को दोबारा राज्यसभा भेजा जाएगा या नहीं, इस पर भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा जारी है।

 

 

संभावित मंत्री-

1. शक्तिकांत दास

2. अनुराग ठाकुर

3. नीतीश कुमार

4. सुखेंदु शेखर राय

5. तरुण चुघ

6. श्रीकांत शिंदे

7. राघव चड्ढा

कटेगा पत्ता या विभाग बदलेगा-

1. निर्मला सीतारमण

2. हरदीप सिंह पुरी

3. धर्मेंद्र प्रधान

4. नितिन गडकरी

5. मनोहर लाल खट्टर

6. रवनीत सिंह बिट्टू

7. अश्विनी वैष्णव

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