मोहित अग्रवाल ने काशी के यातायात व्यवस्था की थामी कमान, नियम का उलंघन करने वालो का कटेगा भारी भरकम चालान

● मोहित अग्रवाल ने काशी के यातायात व्यवस्था की थामी कमान, नियम का उलंघन करने वालो का कटेगा भारी भरकम चालान
● सड़कों पर उतरे पुलिस आयुक्त अतिक्रमण पर सख्ती, यातायात सुधार का भरोसा
● अतिक्रमण पर पुलिस आयुक्त का कड़ा रुख अब चेतावनी नहीं, कार्रवाई
● कैंटोनमेंट क्षेत्र में चेकिंग पर खास जोर
● मंडुवाडीह चौराहा वन-वे और डायवर्जन की होगी कड़ी निगरानी
● बीएलडब्लू गेट उद्योग क्षेत्र में जाम पर सख्ती
● कैंट रेलवे स्टेशन यात्रियों के लिए राहत की तैयारी
● बिना नंबर प्लेट वाहन बने पुलिस की प्राथमिकता
● जाम बिंदुओं की पहचान अब अनुमान नहीं, जमीनी कार्रवाई
● मैदान में उतरा नेतृत्व पुलिस को मिला स्पष्ट संदेश
◆ जितेंद्र यादव
वाराणसी। विश्वनाथ की नगरी काशी, जहां हर गली इतिहास समेटे है, वहीं आज अव्यवस्थित यातायात सबसे बड़ी चुनौती बन चुकी है । लगातार बढ़ते वाहनों, बेतरतीब पार्किंग और अतिक्रमण ने शहर की रफ्तार को जाम कर दिया है। ऐसे में जब पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल स्वयं सड़कों पर उतरते हैं, तो यह केवल एक प्रशासनिक निरीक्षण नहीं, बल्कि एक स्पष्ट संदेश होता है अब लापरवाही नहीं चलेगी। 20 दिसंबर 2025 को पुलिस आयुक्त ने सुगम, सुरक्षित एवं निर्बाध यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शहर के प्रमुख चौराहों और मार्गों का व्यापक स्थलीय निरीक्षण किया। यह निरीक्षण महज फाइलों या कंट्रोल रूम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जमीनी हकीकत को समझने का प्रयास था। ट्रैफिक फ्लो, वन-वे, यू-टर्न, डायवर्जन, पार्किंग और अव्यवस्थित यातायात के साथ हर बिंदु पर पुलिस आयुक्त ने न केवल स्थिति देखी, बल्कि मौके पर ही सख्त निर्देश भी दिए। कैंटोनमेंट क्षेत्र से लेकर मंडुवाडीह, बीएलडब्लू गेट, कैंट रेलवे स्टेशन, भिखारीपुर, नरिया, मालवीय गेट, रविदास चौराहा, रथयात्रा, सिगरा और अंध्रापुल तक हर जगह एक ही तस्वीर सामने आई। अतिक्रमण ने यातायात को बाधित कर रखा है और नियमों की अनदेखी आम बात बन चुकी है। पुलिस आयुक्त ने इस स्थिति पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए स्पष्ट कहा कि यातायात व्यवस्था से खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस निरीक्षण का सबसे अहम पहलू यह रहा कि पुलिस आयुक्त ने इसे एक नियमित अभियान के रूप में चलाने के संकेत दिए। बिना नंबर प्लेट चल रहे वाहनों पर सख्त कार्रवाई, अतिरिक्त बैरिकेडिंग, प्रभावी चेकिंग और पुलिस बल की पुनः तैनाती ये सभी कदम इस बात की ओर इशारा करते हैं कि कमिश्नरेट अब केवल जाम खुलवाने तक सीमित नहीं, बल्कि स्थायी समाधान की ओर बढ़ना चाहता है।
कैंटोनमेंट क्षेत्र चेकिंग में कसावट
कैंटोनमेंट क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान पुलिस आयुक्त ने पाया कि यातायात चेकिंग अपेक्षित स्तर तक प्रभावी नहीं है। इस पर तत्काल अतिरिक्त बैरिकेडिंग लगाकर सघन चेकिंग के निर्देश दिए गए। साथ ही यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। स्पष्ट शब्दों में संदेश दिया गया नियम तोड़ेंगे तो कार्रवाई तय है।
मंडुवाडीह चौराहा अतिक्रमण पर सीधी चोट
मंडुवाडीह चौराहे पर वन-वे, यू-टर्न और डायवर्जन व्यवस्था का गहन निरीक्षण किया गया। यहां अतिक्रमण देखकर पुलिस आयुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की और तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए। अधिकारियों को चेताया गया कि यदि दोबारा अतिक्रमण पाया गया तो जिम्मेदारी तय होगी।
बीएलडब्लू गेट पर यातायात बाधा नहीं चलेगी
बीएलडब्लू गेट के सामने सड़क किनारे फैले अतिक्रमण ने यातायात को संकुचित कर रखा था। पुलिस आयुक्त ने मौके पर ही इसे हटवाने और अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई के आदेश दिए। यह क्षेत्र औद्योगिक गतिविधियों से जुड़ा है, जहां जाम सीधे उत्पादन और सुरक्षा को प्रभावित करता है।
कैंट रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा पहली प्राथमिकता
कैंट रेलवे स्टेशन के सामने अतिक्रमण के कारण लगातार जाम की स्थिति बन रही थी। इस पर पुलिस आयुक्त ने संबंधित सहायक पुलिस आयुक्त को प्राथमिकता के आधार पर अतिक्रमण हटवाने के निर्देश दिए। संदेश साफ था यात्रियों की सुविधा से समझौता नहीं होगा।
शहर के प्रमुख जाम बिंदु चिन्हित
भिखारीपुर तिराहा, नरिया तिराहा, मालवीय गेट, रविदास चौराहा, रथयात्रा, सिगरा चौराहा और अंधरापुल जैसे क्षेत्रों में भ्रमण कर संभावित जाम बिंदुओं की पहचान की गई। आवश्यकतानुसार डायवर्जन सुधार, बैरिकेडिंग पुनर्स्थापन और पुलिस बल की तैनाती बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
बिना नंबर प्लेट वाहन अब नहीं मिलेगी छूट
निरीक्षण के दौरान पुलिस आयुक्त ने बिना नंबर प्लेट चल रहे वाहनों पर विशेष चिंता जताई। ऐसे वाहनों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। यह कदम अपराध नियंत्रण और यातायात अनुशासन दोनों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
मैदान में उतरा नेतृत्व, बढ़ा भरोसा
पुलिस आयुक्त का स्वयं सड़कों पर उतरना पुलिस बल के लिए भी एक स्पष्ट संकेत है। इससे निचले स्तर पर कार्यरत कर्मियों में जिम्मेदारी का एहसास बढ़ता है और जनता के बीच यह भरोसा बनता है कि समस्याएं सिर्फ सुनी नहीं जा रहीं, बल्कि देखी और समझी भी जा रही हैं।
क्या टिकेगी यह सख्ती?
काशी में यातायात सुधार के प्रयास पहले भी हुए हैं, लेकिन वे अक्सर अभियान तक सीमित रह गए। सवाल यह है कि क्या यह सख्ती नियमित और सतत रहेगी? यदि अतिक्रमण हटाने के साथ पुनः बसने से रोका गया, तो ही यह पहल स्थायी समाधान बन सकेगी। निरीक्षण के दौरान पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि यातायात व्यवस्था केवल पुलिस की नहीं, बल्कि पूरे प्रशासन और नागरिकों की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की ढिलाई या लापरवाही को बर्दाश्त न किया जाए।जहां-जहां अतिक्रमण हटाया जाए, वहां पुनः कब्जा न हो इसके लिए स्थानीय पुलिस की जवाबदेही तय की जाए। उन्होंने कहा कि काशी जैसे ऐतिहासिक और धार्मिक शहर में यातायात अव्यवस्था केवल असुविधा नहीं, बल्कि सुरक्षा का सवाल भी है। आपातकालीन सेवाएं, श्रद्धालु, पर्यटक और स्थानीय नागरिक—सभी इससे प्रभावित होते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए यह निरीक्षण किया गया है और आगे भी नियमित रूप से ऐसे निरीक्षण किए जाएंगे। निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस उपायुक्त यातायात अंशुमान मिश्रा सहित संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। पुलिस आयुक्त ने निर्देश दिए कि निरीक्षण में सामने आई कमियों की रिपोर्ट तैयार कर तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।
* पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल स्वयं सड़कों पर उतरे
* अतिक्रमण पर कड़ी नाराजगी, तत्काल हटाने के निर्देश
* कैंटोनमेंट क्षेत्र में सघन चेकिंग व अतिरिक्त बैरिकेडिंग
* मंडुवाडीह, बीएलडब्लू गेट, कैंट स्टेशन पर विशेष कार्रवाई
* प्रमुख जाम बिंदुओं की पहचान और सुधार निर्देश
* बिना नंबर प्लेट वाहनों पर सख्त कार्रवाई
* पुलिस बल की तैनाती और समन्वय बढ़ाने के आदेश




