वीडीए के सचिव वेद प्रकाश मिश्रा ने विभिन्न तहसीलकर्मियों के साथ बनाया प्लान, अवैध प्लाटिंग रोकने पर रहे सबका ध्यान
अवैध प्लाटिंग पर नकेल कसने को वीडीए राजस्व विभाग की संयुक्त रणनीति

● वीडीए के सचिव वेद प्रकाश मिश्रा ने विभिन्न तहसीलकर्मियों के साथ बनाया प्लान, अवैध प्लाटिंग रोकने पर रहे सबका ध्यान
● अवैध प्लाटिंग पर नकेल कसने को वीडीए राजस्व विभाग की संयुक्त रणनीति
● अवैध प्लाटिंग पर सख्ती को लेकर वीडीए की बड़ी पहल
● राजातालाब व सदर तहसील क्षेत्र पर विशेष फोकस
● लेखपालों और तहसील कर्मियों को स्पष्ट निर्देश
● बिना मानचित्र निर्माण पर त्वरित रोक के आदेश
● नागरिक सुविधाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता
● राजस्व विभाग-वीडीए के संयुक्त निरीक्षण अभियान का निर्णय
● नियोजित शहरी विकास के लिए प्रशासनिक समन्वय मजबूत
◆ अमित मौर्य
वाराणसी। तेजी से फैलते शहरीकरण और जमीन के बढ़ते व्यावसायिक दोहन के बीच वीडीए ने अवैध प्लाटिंग के विरुद्ध निर्णायक रुख अपनाते हुए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक पहल की है। नियोजित शहरी विकास को बाधित करने वाली अवैध कॉलोनियों और बिना स्वीकृत मानचित्र के हो रहे निर्माण कार्यों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 29 दिसंबर 2025 को एक अहम बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता वीडीए के सचिव डॉ.वेद प्रकाश मिश्रा ने की। बैठक विशेष रूप से राजातालाब एवं सदर तहसील क्षेत्रों में लगातार मिल रही अवैध प्लाटिंग की शिकायतों को दृष्टिगत रखते हुए बुलाई गई थी। बैठक में दोनों तहसीलों के समस्त लेखपाल, तहसील कर्मचारी, तथा प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे, जिससे यह स्पष्ट संदेश गया कि अब अवैध प्लाटिंग के मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। काशी जैसे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक शहर में अनियोजित विकास न केवल शहर की भौगोलिक संरचना को बिगाड़ रहा है, बल्कि भविष्य में आम नागरिकों के लिए गंभीर समस्याएं भी खड़ी कर रहा है। अवैध कॉलोनियों में सड़क, जलापूर्ति, सीवर, बिजली और आपात सेवाओं का अभाव आगे चलकर सामाजिक और प्रशासनिक संकट का रूप ले लेता है। इसी पृष्ठभूमि में वीडीए ने राजस्व विभाग के साथ समन्वय को मजबूत करते हुए जमीनी स्तर पर कार्रवाई सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठाया है। बैठक केवल एक प्रशासनिक औपचारिकता नहीं, बल्कि उस व्यवस्था के विरुद्ध एक चेतावनी है जो अवैध प्लाटिंग को मौन सहमति या मिलीभगत के जरिए फलने-फूलने देती रही है।
अवैध प्लाटिंग पर स्पष्ट और सख्त निर्देश
बैठक को संबोधित करते हुए वीडीए सचिव डॉ. वेद प्रकाश मिश्रा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी प्रकार की अवैध प्लाटिंग, भूमि विभाजन अथवा बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण कार्य को तत्काल रोका जाए। उन्होंने लेखपालों और तहसील कर्मियों को निर्देश दिया कि अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निगरानी रखें और जैसे ही किसी अवैध गतिविधि की जानकारी मिले, उसकी सूचना समयबद्ध तरीके से वीडीए को उपलब्ध कराई जाए। डॉ.मिश्रा ने कहा कि अवैध प्लाटिंग केवल कानून का उल्लंघन नहीं है, बल्कि यह आम नागरिकों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। ऐसी कॉलोनियों में रहने वाले लोग बाद में मूलभूत सुविधाओं के लिए प्रशासन के चक्कर काटने को मजबूर होते हैं, जबकि प्रारंभिक स्तर पर ही यदि अवैध गतिविधियों को रोका जाए तो इन समस्याओं से बचा जा सकता है।
वीडीए अधिनियम और नियमों की विस्तृत जानकारी
बैठक के दौरान उपस्थित कर्मचारियों को वीडीए अधिनियम तथा प्रचलित भवन एवं नियोजन नियमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। यह स्पष्ट किया गया कि किन परिस्थितियों में भूमि विभाजन अवैध माना जाएगा, स्वीकृत मानचित्र की प्रक्रिया क्या है और नियमों के उल्लंघन पर किस प्रकार की कार्रवाई की जा सकती है। यह भी बताया गया कि अवैध प्लाटिंग के मामलों में केवल कॉलोनाइजर ही नहीं, बल्कि जानबूझकर लापरवाही बरतने वाले संबंधित अधिकारी और कर्मचारी भी जवाबदेही से नहीं बचेंगे।
संयुक्त निरीक्षण अभियान का निर्णय
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय यह रहा कि तहसील स्तर पर राजस्व विभाग और वाराणसी विकास प्राधिकरण के बीच समन्वय बनाकर संयुक्त निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत चिन्हित क्षेत्रों में नियमित जांच की जाएगी और मौके पर ही अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जाएगी। इस निर्णय से यह संकेत साफ है कि अब अवैध प्लाटिंग पर कार्रवाई केवल कागजी नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर दिखाई देगी।
जनता का हित सर्वोपरि
डॉ. वेद प्रकाश मिश्रा ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि वीडीए का उद्देश्य केवल निर्माण रोकना नहीं, बल्कि नियोजित, सुरक्षित और सुविधायुक्त शहरी विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि सड़क, पानी, बिजली, सीवर और हरित क्षेत्र जैसी बुनियादी सुविधाएं तभी संभव हैं, जब विकास योजनाबद्ध तरीके से हो।
प्रशासनिक उपस्थिति ने बढ़ाया बैठक का महत्व
बैठक में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सदर, उप जिलाधिकारी सदर शांतनु, नगर नियोजक प्रभात कुमार सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। उनकी उपस्थिति ने यह स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन और विकास प्राधिकरण इस मुद्दे पर एकजुट होकर कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह बैठक उन सवालों को भी जन्म देती है कि आखिर अब तक अवैध प्लाटिंग कैसे फलती-फूलती रही? क्या यह केवल संसाधनों की कमी थी या कहीं न कहीं प्रशासनिक उदासीनता भी जिम्मेदार रही है? हालांकि, इस बैठक के बाद उम्मीद की जा सकती है कि आने वाले दिनों में इन सवालों का जवाब कार्रवाई के रूप में सामने आएगा।
* 29 दिसंबर 2025 को वीडीए सचिव डॉ. वेद प्रकाश मिश्रा की महत्वपूर्ण बैठक
* राजातालाब और सदर तहसील अवैध प्लाटिंग पर त्वरित रोक के निर्देश
* बिना स्वीकृत मानचित्र निर्माण पर सख्ती
* राजस्व विभाग वीडीए का संयुक्त निरीक्षण अभियान
* नागरिक सुविधाओं और नियोजित विकास पर जोर
* प्रशासनिक जवाबदेही तय करने का संकेत




