वाराणसी

सीपी मोहित अग्रवाल ने सारनाथ थाना प्रभारी को लगाई कड़ी फटकार, कहा काम ठीक करें, नही तो दण्ड के लिये रहे तैयार

अचूक सँघर्ष डेस्क

 

● पुलिस कमिश्नर की जांच में खुली सारनाथ थाने की कलई, मालूम नहीं क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटर का नाम

● सिपाहियों को बदमाशों तक की जानकारी नहीं, न बीट रजिस्टर, न अपराधियों की सूची

● ड्यूटी रजिस्टर में गड़बड़ी, बीट रिपोर्ट गायब, अपराधियों के नाम तक नहीं जानते सिपाही

● मोहित अग्रवाल ने जताई नाराजगी, कहा हर बीट में अपराधियों की सूची बनाएं

● सूचनापट्ट पर दर्ज हों जेल जा चुके बदमाशों के नाम, हर 3 महीने में हो अपडेट

● पर्यटक थाने को दिए सख्त निर्देश, पर्यटकों से जुड़ी एफआईआर दर्ज हो

● दशाश्वमेध, नमो घाट, सारनाथ जैसे प्रमुख स्थानों पर नियमित गश्त का आदेश

● बैलेसिंग ई-स्कूटर और 24 घंटे पर्यटक चौकियों पर पुलिसकर्मी तैनात करने के निर्देश

● निरीक्षण में डीसीपी वरुणा जोन, एडीसीपी व एसीपी सारनाथ भी रहे मौजूद

 

 

वाराणसी। शहर की सुरक्षा व्यवस्था और थानों की कार्यप्रणाली को लेकर पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल एक के बाद एक थानों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं। सोमवार की शाम उनका निरीक्षण सारनाथ थाने के लिए तय था, लेकिन वहां की स्थिति देखकर वे खासे नाराज नजर आए।

निरीक्षण के दौरान जब उन्होंने थाने के पुलिसकर्मियों से उनके क्षेत्र के कुख्यात अपराधियों, हिस्ट्रीशीटरों और बदमाशों के नाम पूछे, तो कोई भी संतोषजनक उत्तर नहीं दे सका। बीट रजिस्टर और सूचना पट्ट तक अद्यतन नहीं मिले। पुलिस कमिश्नर ने मौके पर ही नाराजगी जताई और निर्देश दिया कि हर बीट का बीट रजिस्टर अनिवार्य रूप से बनाया जाए, जिसमें संबंधित क्षेत्र के अपराधियों की पूरी सूची दर्ज हो।

उन्होंने कहा कि थाने के सूचना पट्ट पर न केवल हिस्ट्रीशीटरों, बल्कि चोरी, लूट, खनन व अन्य आपराधिक गतिविधियों में लिप्त और जेल जा चुके अपराधियों के नाम भी अंकित किए जाएं। साथ ही यह भी निर्देश दिया गया कि यह सूचना हर तीन महीने में अपडेट होनी चाहिए।

पर्यटक थाने पर भी जताई सख्ती

इससे पहले पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने पर्यटक थाना सारनाथ का भी निरीक्षण किया। इस दौरान ड्यूटी रजिस्टर की जांच की गई और मौजूद पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की गई। बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि पर्यटकों के साथ होने वाली आपराधिक घटनाओं की एफआईआर उसी पर्यटक थाने पर दर्ज की जाए ताकि तत्काल कार्रवाई की जा सके और पीड़ित को थाने-दर-थाने भटकना न पड़े। कमिश्नर ने बीते पांच वर्षों में पर्यटकों के साथ हुई घटनाओं का विस्तृत ब्यौरा रखने और उसकी समीक्षा करने का आदेश भी दिया। साथ ही सारनाथ, दशाश्वमेध घाट, नमो घाट, असि घाट जैसे प्रमुख पर्यटक स्थलों पर निरंतर पुलिस गश्त सुनिश्चित करने को कहा। इसके लिए आधुनिक बैलेसिंग ई-स्कूटर का प्रयोग करने की सलाह दी गई, जिससे तंग गलियों व घाटों पर त्वरित गश्त संभव हो सके।

चौकियों पर 24 घंटे तैनात रहें पुलिसकर्मी

कमिश्नर ने सभी प्रमुख पर्यटक स्थलों पर 24 घंटे पुलिस तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पर्यटक वाराणसी की संस्कृति और धर्मनगरी के दर्शन करने आते हैं, ऐसे में उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। किसी भी पर्यटक के साथ लूट, चोरी या अन्य कोई घटना होती है तो उसका तत्काल संज्ञान लेकर प्रभावी कार्रवाई हो।

सारनाथ थाने में मिली भारी लापरवाही

जब पुलिस कमिश्नर सारनाथ थाने पहुंचे, तो वहां की गंभीर लापरवाही सामने आई। ड्यूटी पर तैनात सिपाहियों से जब क्षेत्र के बदमाशों के बारे में जानकारी मांगी गई, तो कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। यहां तक कि हिस्ट्रीशीटरों के नाम तक बताने में सभी असफल रहे। न बीट रजिस्टर बना था, न अपराधियों की जानकारी संकलित थी। पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर किसी बीट का सिपाही अपने क्षेत्र के अपराधियों को नहीं जानता, तो वह अपराध पर नियंत्रण कैसे कर सकेगा। उन्होंने कहा कि बीट सिस्टम को मजबूती से लागू किया जाए और इसके लिए हर बीट का पुलिसकर्मी उत्तरदायी होगा।

हर बीट के सिपाही को जानना होगा अपराधियों का इतिहास

पुलिस कमिश्नर ने यह भी निर्देशित किया कि हर बीट क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों की सूची तैयार की जाए और वह न केवल बीट रजिस्टर में हो, बल्कि थाने में एक सूचना पट्ट पर भी प्रदर्शित की जाए। इससे जहां बीट सिपाही को अपने क्षेत्र की स्पष्ट जानकारी होगी, वहीं आम जनता को भी यह पता रहेगा कि कौन-कौन व्यक्ति संदिग्ध या आपराधिक गतिविधियों में लिप्त है।

प्रत्येक थाने में हो नियमित समीक्षा

मोहित अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि अब प्रत्येक थाने में हर तीन महीने पर बीट रजिस्टर और सूचना पट्ट की समीक्षा की जाएगी। अगर किसी भी थाने में लापरवाही पाई गई तो संबंधित बीट अधिकारी और थाना प्रभारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। कमिश्नर ने यह भी कहा कि थानों की कार्यशैली में प्रशासनिक अनुशासन और जवाबदेही लाना प्राथमिकता है।

निरीक्षण में वरिष्ठ अधिकारी भी रहे मौजूद

इस पूरे निरीक्षण के दौरान डीसीपी वरुणा जोन प्रमोद कुमार, एडीसीपी वरुणा जोन नीतू और एसीपी सारनाथ विजय प्रताप सिंह भी मौजूद रहे। इन सभी अधिकारियों ने कमिश्नर के निर्देशों को ध्यान से सुना और त्वरित अमल का आश्वासन दिया। पुलिस कमिश्नर के निरीक्षण से एक बात स्पष्ट है कि अब थानों में उपेक्षा और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। क्षेत्रीय अपराधियों की जानकारी न होना एक बड़ी खामी है, इसे सुधारने के लिए कमिश्नर का निर्देश पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम साबित होगा।

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