वीडीए के जोनल अधिकारी संजीव कुमार की भावभीनी विदाई, प्राधिकरणकर्मियों समेत शुभेच्छुओं की आँख नम होने को आई
सहायक अभियंता संजीव कुमार व ट्रेसर विजय शंकर तिवारी हुए सेवानिवृत्त

● वीडीए के जोनल अधिकारी संजीव कुमार की भावभीनी विदाई, प्राधिकरणकर्मियों समेत शुभेच्छुओं की आँख नम होने को आई
● निष्ठा, ईमानदारी और सेवा का सम्मान वीडीए के दो कर्मयोगियों को भावभीनी विदाई
● सहायक अभियंता संजीव कुमार व ट्रेसर विजय शंकर तिवारी हुए सेवानिवृत्त
● उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने कहा कर्मठ कर्मचारियों से बनती है संस्थानों की साख
● सचिव डॉ.वेद प्रकाश मिश्रा बोले अनुभव से सीखें युवा कर्मचारी
● सेवा काल में जिम्मेदारी, अनुशासन और समर्पण की मिसाल
● अधिकारियों व कर्मचारियों ने दी भावभीनी विदाई
● वी डी ए परिसर में सम्मान और स्मृतियों का आयोजन
◆ अमित मौर्य
वाराणसी। संस्थानों की पहचान केवल इमारतों, योजनाओं और फाइलों से नहीं बनती, बल्कि उन कर्मयोगियों से बनती है जो वर्षों तक ईमानदारी, निष्ठा और कर्तव्यबोध के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं। वीडीए में आयोजित सहायक अभियंता संजीव कुमार एवं ट्रेसर विजय शंकर तिवारी के सेवानिवृत्ति विदाई समारोह ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि प्रशासनिक ढांचे की मजबूती की असली नींव जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले समर्पित कर्मचारियों से ही पड़ती है। वीडीए परिसर में आयोजित इस गरिमामय समारोह में सेवा, अनुशासन और संस्थागत मूल्यों का सम्मान साफ झलक रहा था। वर्षों तक विकास प्राधिकरण की योजनाओं, फील्ड कार्यों और तकनीकी जिम्मेदारियों को ईमानदारी से निभाने वाले दोनों कर्मचारियों के लिए यह सिर्फ एक औपचारिक विदाई नहीं, बल्कि उनके पूरे सेवा जीवन के प्रति सामूहिक कृतज्ञता का अवसर था। समारोह की अध्यक्षता कर रहे वीडीए उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने अपने संबोधन में स्पष्ट कहा कि किसी भी विकास प्राधिकरण की विश्वसनीयता उन अधिकारियों और कर्मचारियों से बनती है जो बिना दिखावे के, चुपचाप अपनी जिम्मेदारियों को निभाते हैं। उन्होंने कहा कि संजीव कुमार और विजय शंकर तिवारी जैसे कर्मठ कर्मचारियों का योगदान न केवल विभाग के लिए बल्कि आने वाली पीढ़ी के कर्मचारियों के लिए भी प्रेरणास्रोत है। कार्यक्रम का माहौल औपचारिक होने के साथ-साथ भावनात्मक भी था। एक ओर सम्मान, स्मृति चिह्न और शुभकामनाएं थीं, तो दूसरी ओर वर्षों की कार्ययात्रा से जुड़ी यादें, संघर्ष और उपलब्धियां भी। अधिकारियों और कर्मचारियों की मौजूदगी ने यह साबित किया कि विभागीय संस्कृति केवल आदेश-निर्देश तक सीमित नहीं, बल्कि मानवीय संबंधों और पारस्परिक सम्मान पर भी टिकी है। आप को बताते चले कि वीडीए के इन दोनों कार्मिकों की विदाई 31 अक्टूबर 2025 को हुई थी।
वीडीए में आयोजित यह विदाई समारोह केवल दो कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने का कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह उस कार्य संस्कृति का उत्सव था जिसमें कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और ईमानदारी को सर्वोच्च स्थान दिया जाता है। सहायक अभियंता संजीव कुमार और ट्रेसर विजय शंकर तिवारी ने अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन जिस निष्ठा और पेशेवर प्रतिबद्धता के साथ किया।
उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा का संदेश
समारोह की अध्यक्षता करते हुए वीडीए उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने कहा कि विकास प्राधिकरण जैसे तकनीकी और जनहित से जुड़े संस्थान में वर्षों तक सेवा देना आसान नहीं होता। कहा कि संजीव कुमार और विजय शंकर तिवारी ने अपने पूरे सेवा काल में ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य किया। ऐसे कर्मचारी विभाग की रीढ़ होते हैं। इनकी कार्यशैली, अनुशासन और व्यवहार से युवा कर्मचारियों को सीख लेनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासनिक संस्थानों में जब अनुभवी कर्मचारी सेवानिवृत्त होते हैं तो उनके साथ अनुभवों का एक खजाना भी विदा होता है, जिसे अगली पीढ़ी तक स्थानांतरित करना जरूरी है।
सचिव ने दोनों सेवानिवृत्त कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया
वीडीए सचिव डॉ. वेद प्रकाश मिश्रा ने दोनों सेवानिवृत्त कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इनके कार्यकाल में जो अनुशासन और जिम्मेदारी देखने को मिली, वह किसी भी संगठन के लिए आदर्श है।
उन्होंने कहा कि आज जब कार्य संस्कृति में त्वरित लाभ और औपचारिकता हावी होती जा रही है, ऐसे में अनुभव और धैर्य से काम करने वाले कर्मचारियों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। अपर सचिव गुणाकेश शर्मा, अधीक्षण अभियंता अजय पवार, अधिशासी अभियंता अरविंद शर्मा, नगर नियोजक प्रभात कुमार, जोनल अधिकारी सौरभ जोशी, अशोक त्यागी, प्रकाश, सौरभ देव प्रजापति सहित अन्य अधिकारियों ने अपने संबोधन में दोनों कर्मचारियों के सरल स्वभाव, टीमवर्क और कार्य के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की। कर्मचारी संघ के अध्यक्ष राजकिशोर सिंह और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अनिरुद्ध पाण्डेय ने कहा कि विभाग में अनुशासन और आपसी सम्मान बनाए रखने में ऐसे कर्मचारियों की भूमिका अहम होती है, जो हर परिस्थिति में नियमों और दायित्वों का पालन करते हैं।
सम्मान और स्मृतियां
समारोह के दौरान दोनों सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। स्मृति चिन्ह भेंट कर उनके योगदान को याद किया गया। उपस्थित कर्मचारियों ने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए बताया कि किस प्रकार दोनों ने अपने कार्यकाल में सहयोग, मार्गदर्शन और सकारात्मक दृष्टिकोण से विभागीय माहौल को बेहतर बनाया।
सेवानिवृत्ति एक पड़ाव, अंत नहीं
समारोह में वक्ताओं ने यह भी कहा कि सेवानिवृत्ति सेवा का अंत नहीं, बल्कि जीवन की नई यात्रा की शुरुआत है। विभाग को उम्मीद है कि दोनों अपने अनुभवों से समाज और परिवार को आगे भी मार्गदर्शन देते रहेंगे।
कार्यक्रम के अंत में सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने दोनों सेवानिवृत्त कर्मियों के स्वस्थ, सुखमय और सम्मानपूर्ण भविष्य की कामना की।
* वीडीए में सहायक अभियंता व ट्रेसर का गरिमामय विदाई समारोह
* उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने कर्मठ कर्मचारियों को बताया संस्थान की रीढ़
* सचिव ने अनुभव से सीख लेने का दिया संदेश
* अधिकारियों और कर्मचारी संगठनों की रही सक्रिय सहभागिता
* सम्मान, स्मृतियाँ और शुभकामनाओं के साथ कार्यक्रम संपन्न




