विकास योजनाओं से बदलेगी बलिया की तकदीर ,सुबे में दिखेगी जनपद की नई तस्वीर: दयाशंकर सिंह
1.43 लाख शिक्षामित्रों को मिलेगा 18 हजार रुपये मानदेय

- बलिया में 18 शिक्षामित्रों को सम्मानित कर बांटे चेक
- परिवहन मंत्री ने विकास योजनाओं की खोली बड़ी पोटली
- भृगु मंदिर कॉरिडोर और बाईपास निर्माण को मिली रफ्तार
- रोडवेज डिपो विस्तार से जिले को मिलेगा नया ट्रांसपोर्ट नेटवर्क
- शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और कर्मचारियों के हित में सरकार का बड़ा फैसला
- योगी सरकार ने सम्मान और सुरक्षा दोनों का दिया भरोसा
- गंगा बहुद्देशीय सभागार में शिक्षामित्र सम्मान समारोह बना शक्ति प्रदर्शन
बलिया। गंगा बहुद्देशीय सभागार में आयोजित शिक्षामित्र सम्मान समारोह में प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने शिक्षामित्रों के सम्मान, सुरक्षा और भविष्य को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता का बड़ा संदेश दिया। दीप प्रज्ज्वलन के साथ शुरू हुए समारोह में सम्मान और विकास दोनों का ऐसा संगम दिखाई दिया, जिसने यह स्पष्ट कर दिया कि योगी सरकार अब केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि जमीनी स्तर पर परिणाम देने की दिशा में निर्णायक कदम उठा रही है।
कार्यक्रम के दौरान 18 शिक्षामित्रों को 18-18 हजार रुपये के चेक और प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। मंच से संबोधित करते हुए परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि शिक्षक समाज का आधार होते हैं और शिक्षामित्रों ने कठिन परिस्थितियों में भी शिक्षा व्यवस्था को संभालने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को केवल वेतन ही नहीं, बल्कि सामाजिक सम्मान और सुरक्षा भी मिलनी चाहिए। यही कारण है कि प्रदेश सरकार ने 1 लाख 43 हजार शिक्षामित्रों को प्रतिमाह 18 हजार रुपये मानदेय देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू हो चुका है।
दयाशंकर सिंह ने कहा कि वर्ष 2017 में जब योगी सरकार सत्ता में आई थी, तब शिक्षामित्रों का मानदेय मात्र 3 हजार रुपये था, जिसे बढ़ाकर 10 हजार किया गया और अब इसे 18 हजार रुपये तक पहुंचाया गया है। उन्होंने इसे केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि शिक्षामित्रों के संघर्ष और योगदान का सम्मान बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि अनुदेशकों को 17 हजार रुपये वेतन, पांच लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा तथा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ देकर सरकार कर्मचारियों के जीवन को सुरक्षित बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। समारोह केवल शिक्षामित्रों के सम्मान तक सीमित नहीं रहा। मंच से बलिया जिले के विकास की नई तस्वीर भी सामने रखी गई। मंत्री ने घोषणा की कि वैना से हल्दी तक बाईपास कॉरिडोर का निर्माण तेजी से किया जा रहा है, जिससे यातायात व्यवस्था मजबूत होगी और व्यापार को नई गति मिलेगी। भृगु मंदिर कॉरिडोर के लिए 50 करोड़ रुपये की स्वीकृति को उन्होंने बलिया की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को मजबूत करने वाला कदम बताया। वहीं कटहल नाला निर्माण के लिए 31 करोड़ रुपये और सफाई व्यवस्था के लिए 2 करोड़ रुपये स्वीकृत किए जाने की जानकारी भी दी गई। शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार की प्राथमिकता साफ दिखाई दी। मंत्री ने बताया कि कंपोजिट विद्यालय निर्माण के लिए धनराशि स्वीकृत हो चुकी है और जीजीआईसी स्कूल के लिए भूमि उपलब्ध हो गई है, जहां शीघ्र निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। इसके अलावा रोडवेज नेटवर्क को सशक्त बनाने के लिए 100 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। रसड़ा, बेल्थरारोड और बैरिया में नए रोडवेज निर्माण की योजना पर कार्य चल रहा है, जबकि उजियार में निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबोधन का लाइव प्रसारण भी दिखाया गया, जिसने कार्यकर्ताओं और शिक्षामित्रों में उत्साह भर दिया। समारोह में जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह, मुख्य विकास अधिकारी ओजस्वी राज, भाजपा जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा, बीएसए मनीष कुमार सिंह समेत बड़ी संख्या में शिक्षामित्र और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

18 शिक्षामित्रों को मिला सम्मान
बलिया के गंगा बहुद्देशीय सभागार में मंगलवार को आयोजित शिक्षामित्र सम्मान समारोह राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ। कार्यक्रम में जहां एक ओर शिक्षामित्रों के संघर्ष को सम्मान देने का प्रयास दिखाई दिया, वहीं दूसरी ओर प्रदेश सरकार की विकास योजनाओं और कर्मचारी हितैषी नीतियों का व्यापक प्रदर्शन भी देखने को मिला। प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सभागार में बड़ी संख्या में मौजूद शिक्षामित्रों, शिक्षकों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। सबसे महत्वपूर्ण क्षण वह रहा जब 18 शिक्षामित्रों को 18-18 हजार रुपये के चेक और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मान पाने वाले शिक्षामित्रों के चेहरे पर वर्षों के संघर्ष के बाद संतोष और सम्मान का भाव स्पष्ट दिखाई दे रहा था। दयाशंकर सिंह ने कहा कि शिक्षामित्र केवल कर्मचारी नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं। उन्होंने कहा कि गांवों में शिक्षा का दीप जलाने का सबसे कठिन कार्य शिक्षामित्रों ने किया है। सीमित संसाधनों और कम मानदेय के बावजूद उन्होंने विद्यालयों को चलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कहा कि योगी सरकार शिक्षामित्रों की समस्याओं को केवल सुन नहीं रही, बल्कि समाधान भी कर रही है। यही कारण है कि सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए 1 लाख 43 हजार शिक्षामित्रों को 18 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय देने का निर्णय लागू कर दिया है।
संघर्ष से सम्मान तक का सफर
मंत्री ने अपने संबोधन में वर्ष 2017 का उल्लेख करते हुए कहा कि जब भाजपा सरकार बनी थी, तब शिक्षामित्रों का मानदेय केवल 3 हजार रुपये था। उस समय शिक्षामित्र लगातार आंदोलन कर रहे थे और आर्थिक संकट से गुजर रहे थे। कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षामित्रों की पीड़ा को समझा और सबसे पहले मानदेय को बढ़ाकर 10 हजार रुपये किया। अब इसे 18 हजार रुपये तक पहुंचाना इस बात का प्रमाण है कि सरकार अपने वादों को निभाने में विश्वास रखती है। दयाशंकर सिंह ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि शिक्षामित्रों के आत्मसम्मान को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि जब शिक्षक सम्मानित होंगे, तभी समाज मजबूत होगा।
अनुदेशकों और कर्मचारियों को भी बड़ी राहत
कार्यक्रम में केवल शिक्षामित्रों की बात नहीं हुई, बल्कि अन्य कर्मचारियों और अनुदेशकों को भी राहत देने वाले फैसलों का जिक्र किया गया। मंत्री ने कहा कि अनुदेशकों को 17 हजार रुपये वेतन देने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही पांच लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ भी कर्मचारियों को मिलेगा। कहा कि सरकार कर्मचारी वर्ग को बोझ नहीं, बल्कि विकास का साझेदार मानती है। इसलिए हर स्तर पर सुरक्षा और सम्मान देने का प्रयास किया जा रहा है।
भृगु मंदिर कॉरिडोर को मिली बड़ी सौगात
मंत्री ने घोषणा की कि भृगु मंदिर कॉरिडोर के लिए 50 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि बलिया केवल राजनीतिक दृष्टि से नहीं, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण जिला है।
भृगु मंदिर की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने के लिए सरकार विशेष प्रयास कर रही है। कॉरिडोर बनने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
कटहल नाला निर्माण और सफाई अभियान
दयाशंकर सिंह ने बताया कि कटहल नाला निर्माण के लिए 31 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 2 करोड़ रुपये की धनराशि दी गई है। कहा कि जल निकासी की समस्या लंबे समय से लोगों के लिए परेशानी बनी हुई थी। अब इस परियोजना के पूरा होने से लोगों को राहत मिलेगी।
शिक्षा के क्षेत्र में नई पहल
कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे कार्यों की भी चर्चा की गई। मंत्री ने बताया कि कंपोजिट विद्यालय निर्माण के लिए धनराशि स्वीकृत हो चुकी है। जीजीआईसी स्कूल के लिए भूमि उपलब्ध हो गई है और जल्द निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। इससे छात्राओं को बेहतर शिक्षा सुविधाएं मिलेंगी।
रोडवेज नेटवर्क होगा मजबूत
परिवहन मंत्री ने बताया कि रोडवेज डिपो के विकास के लिए 100 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। रसड़ा, बेल्थरारोड और बैरिया में रोडवेज निर्माण की योजना तैयार की गई है। उजियार में निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। परिवहन व्यवस्था मजबूत होने से लोगों को रोजगार, व्यापार और शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे।
योगी सरकार के मॉडल का प्रदर्शन
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबोधन का लाइव प्रसारण भी किया गया। जैसे ही मुख्यमंत्री का संदेश स्क्रीन पर चला, सभागार तालियों से गूंज उठा। कार्यकर्ताओं और शिक्षामित्रों ने इसे सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह कार्यक्रम केवल सम्मान समारोह नहीं, बल्कि कर्मचारी वर्ग और आम जनता के बीच सरकार के प्रति विश्वास मजबूत करने का अभियान भी था।
प्रशासन और संगठन की मजबूत मौजूदगी
संघर्ष, सम्मान और विकास का संगम पूरा कार्यक्रम इस बात का प्रतीक बनकर सामने आया कि सरकार अब संघर्ष करने वालों को सम्मान और सुरक्षा दोनों देने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
एक ओर शिक्षामित्रों को आर्थिक मजबूती देने का संदेश दिया गया, वहीं दूसरी ओर जिले के विकास की बड़ी योजनाओं की घोषणा कर जनता को भरोसा दिलाने का प्रयास किया गया। बलिया की धरती से निकला यह संदेश साफ था कि योगी सरकार अब कर्मचारी हित, विकास और सांस्कृतिक पहचान तीनों मोर्चों पर एक साथ आगे बढ़ने की रणनीति पर काम कर रही है।
* 18 शिक्षामित्रों को 18-18 हजार रुपये के चेक और प्रमाण पत्र वितरित
* प्रदेश सरकार ने 1.43 लाख शिक्षामित्रों को 18 हजार रुपये मानदेय देने का निर्णय लागू किया
* बढ़ा हुआ मानदेय 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी
* वर्ष 2017 में शिक्षामित्रों का मानदेय 3 हजार से बढ़ाकर 10 हजार किया गया था
* अनुदेशकों को 17 हजार रुपये वेतन देने की घोषणा
* कर्मचारियों को 5 लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी
* सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ भी दिया जाएगा
* वैना से हल्दी तक बाईपास कॉरिडोर निर्माण कार्य जारी
* भृगु मंदिर कॉरिडोर के लिए 50 करोड़ रुपये स्वीकृत
* कटहल नाला निर्माण हेतु 31 करोड़ रुपये मंजूर
* सफाई कार्य के लिए 2 करोड़ रुपये की स्वीकृति
* कंपोजिट विद्यालय निर्माण के लिए धनराशि स्वीकृत
* जीजीआईसी स्कूल के लिए भूमि उपलब्ध, जल्द शुरू होगा निर्माण
* रोडवेज डिपो विकास के लिए 100 करोड़ रुपये स्वीकृत
* रसड़ा, बेल्थरारोड और बैरिया में रोडवेज निर्माण की योजना
* उजियार में रोडवेज निर्माण कार्य पूरा




