खनन निदेशक माला श्रीवास्तव के किया दरकिनार, खनन निरीक्षक प्रदीप राज अवैध मिट्टी खनन से तिजोरी भर रहा अपरम्पार
चन्दौली के खनन निरीक्षक का हाल

- शहाबगंज-चकिया में कथित अवैध मिट्टी खनन पर उठे सवाल, लगातार हादसों के बाद तेज हुई सख्त कार्रवाई की मांग
- ग्रामीणों का आरोप शिकायतों के बावजूद जारी है मिट्टी खनन और ओवरलोड वाहनों का संचालन
अचूक संघर्ष शहाबगंज/चकिया (चंदौली)। चंदौली जनपद के शहाबगंज और चकिया क्षेत्र में कथित अवैध मिट्टी खनन और ओवरलोड वाहनों की आवाजाही को लेकर स्थानीय लोगों ने गंभीर चिंता जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायतें किए जाने के बावजूद अपेक्षित स्तर पर कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और वास्तविक स्थिति का निर्धारण प्रशासनिक जांच के बाद ही संभव होगा।

खनन विभाग ने जांच का दिया आश्वासन
खनन निरीक्षक प्रदीप कुमार राज ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है और शिकायतों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पूर्व में भी कुछ वाहनों और एक जेसीबी पर कार्रवाई की गई थी, लेकिन उनका आरोप है कि इससे समस्या पूरी तरह समाप्त नहीं हुई।

थाना प्रभारी का पक्ष
शहाबगंज थाना प्रभारी कृपेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि भारतमाला परियोजना से जुड़े डंपर चालकों को ओवरलोड वाहन नहीं चलाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं जेसीबी से कथित मिट्टी खनन के संबंध में उन्होंने कहा कि इस विषय में सक्षम राजस्व एवं प्रशासनिक अधिकारी कार्रवाई करेंगे और संबंधित शिकायतों पर एसडीएम स्तर पर भी कार्रवाई की जा सकती है।
लगातार हादसों से बढ़ी चिंता
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में भारी वाहनों से जुड़े कई सड़क हादसे सामने आए हैं। ग्रामीणों का मानना है कि यदि ओवरलोडिंग और यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्ती नहीं की गई तो भविष्य में भी दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहेगी।
लोगों ने प्रशासन से दुर्घटनाओं के कारणों की भी समीक्षा करने की मांग की है।
बिना दस्तावेज वाले वाहनों के संचालन के आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ वाहन बिना वैध परमिट, फिटनेस अथवा अन्य आवश्यक दस्तावेजों के संचालित किए जा रहे हैं। इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लोगों ने परिवहन विभाग से विशेष जांच अभियान चलाने और सभी वाहनों के दस्तावेजों का सत्यापन कराने की मांग की है।
भारतमाला परियोजना के नाम पर खनन की शिकायत
कुछ स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि परियोजना से जुड़े कार्यों की आड़ में नियमों का उल्लंघन हो रहा है। हालांकि परियोजना से जुड़े ठेकेदारों या संबंधित एजेंसियों की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है। इसलिए इन दावों की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
संयुक्त जांच की मांग
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, उपजिलाधिकारी, खनन विभाग और परिवहन विभाग से संयुक्त जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि—
सभी संदिग्ध खनन स्थलों कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी निगाहें
फिलहाल शहाबगंज और चकिया क्षेत्र में कथित अवैध खनन का मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है। अब लोगों की निगाहें प्रशासनिक जांच पर टिकी हैं। यदि जांच में अनियमितताएं सामने आती हैं तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा सकती है, वहीं यदि आरोप निराधार पाए जाते हैं तो प्रशासन को भी स्थिति स्पष्ट करनी होगी।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पारदर्शी और निष्पक्ष जांच से ही जनता का विश्वास मजबूत होगा और वास्तविक स्थिति सामने आएगी।




