वाराणसी में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है

निचले इलाकों में खतरे की आशंका, लगातार की जा रही मॉनिटरिंग
मणिकर्णिका घाट छत पर, हरिश्चंद्र घाट पर गली में शवदाह हो रहा है
वाराणसी। पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश का असर वाराणसी में नजर आने लगा है। एक बार फिर गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी दो दिन से शुरू हो गया है। दशाश्वमेध घाट के शीतला मंदिर में एक बार फिर से गंगा का पानी प्रवेश कर गया। गंगा का जलस्तर में बढ़ाव के कारण नाव संचालन पर फिर से प्रतिबंद्ध लगा दिया गया है। जब की दो दिन पहले तक लोग नाव में बैठ कर गंगा आरती का आंनद उठा रहे थे श्रद्धालु। केंद्रीय जल आयोग की ओर से जारी बाढ़ बुलेटिन के अनुसार सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 67.22 मीटर था। जलस्तर में बढ़ोतरी की रफ्तार एक सेंटीमीटर प्रतिघंटे थी। दिन में दो बजे जलस्तर 67.38 मीटर पहुंच गया और रफ्तार तीन सेंटीमीटर प्रतिघंटा हो गई थी। शाम को छह बजे गंगा का जलस्तर 67.58 मीटर दर्ज किया गया और जलस्तर बढ़ने की रफ्तार प्रति घंटे पांच सेंटीमीटर पहुंच गई थी। रात नौ बजे गंगा के जलस्तर में 28 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हो गई थी और जलस्तर 67.86 मीटर तक पहुंच चुका था। गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण नमो घाट के सबसे बड़े स्कल्पचर से आगे तक पानी बढ़ चुका था। शीतला माता मंदिर में पानी दूसरी बार प्रवेश कर गया। मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट का निचला हिस्सा पूरी तरह डूबने से मणिकर्णिका घाट पर छत पर शवदाह हो रहा है जबकि हरिश्चंद्र घाट में अब गली में शवदाह हो रहा है। वाराणसी में गंगा का चेतावनी बिंदु 70.26 मीटर और खतरे का निशान 71.26 मीटर है। अगस्त के प्रथम सप्ताह में गंगा खतरे के निशान के ऊपर बह रही थीं।




