खनन निरीक्षक प्रदीप राज व ठेकेदार गुरु चेला, अवैध मिट्टी खनन से लूट रहे नोटों का रेला

- लकी कॉन्ट्रैक्शन उर्फ सुनील कुमार यादव ठेकेदार शहाबगंज क्षेत्र में चल रहे ओवरलोड डंफरो का सरगना जिसपर बना है पुलिस प्रशासन और खनन विभाग अधिकारी का संरक्षण
- शहाबगंज में मिट्टी खनन और ओवरलोड डंपरों पर उठे गंभीर सवाल, हादसों के बाद कार्रवाई की मांग तेज
- शहाबगंज क्षेत्र में भारत माला परियोजना बनी मौत का सौदागर
- भारत माला परियोजना से जुड़े वाहनों की आवाजाही को लेकर ग्रामीणों में बढ़ी चिंता

शहाबगंज (चंदौली)। शहाबगंज क्षेत्र में मिट्टी खनन और भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर मिट्टी ढुलाई का कार्य चल रहा है, जिससे सड़क सुरक्षा, पर्यावरण और आम जनजीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में डंपरों की चपेट में आने से कई लोगों की मौत हुई है, जिसके बाद क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल है। लोगों का आरोप है कि दुर्घटनाओं के बावजूद भारी वाहनों की आवाजाही में कोई उल्लेखनीय कमी नहीं आई है।
लगातार सुर्खियों में बना हुआ है शहाबगंज
स्थानीय लोगों के अनुसार शहाबगंज क्षेत्र पिछले काफी समय से खनन और मिट्टी ढुलाई से जुड़ी शिकायतों को लेकर चर्चा में बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायतें संबंधित विभागों तक पहुंचाई गईं, लेकिन जमीनी स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई दिखाई नहीं दी।
ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र की कई सड़कों पर दिन-रात भारी वाहन संचालित होते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। कई लोगों का कहना है कि स्कूल जाने वाले बच्चों, किसानों और राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

खनन विभाग ने जांच का दिया आश्वासन
मामले को लेकर खनन विभाग के अधिकारी प्रदीप कुमार राज से बातचीत की गई। उन्होंने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है और शिकायतों की जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि क्षेत्र के लोगों का कहना है कि अब केवल जांच के आश्वासन से काम नहीं चलेगा, बल्कि वास्तविक कार्रवाई दिखाई देनी चाहिए।

थाना प्रभारी ने ओवरलोडिंग पर सख्ती की बात कही
शहाबगंज थाना प्रभारी कृपेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि भारत माला परियोजना से जुड़े डंपरों को ओवरलोडिंग न करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
खनन गतिविधियों से जुड़े सवालों पर उन्होंने कहा कि संबंधित प्रशासनिक और राजस्व विभाग भी ऐसे मामलों में कार्रवाई के लिए अधिकृत हैं और आवश्यक जानकारी वहां से प्राप्त की जा सकती है।
हादसों के बाद बढ़ी लोगों की चिंता
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि हाल के दिनों में हुई दुर्घटनाओं ने सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का मानना है कि भारी वाहनों की गति, ओवरलोडिंग और लगातार आवाजाही की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
लोगों ने मांग की है कि दुर्घटनाओं के कारणों की भी विस्तृत समीक्षा की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
पर्यावरणीय प्रभाव पर भी उठ रहे सवाल
पर्यावरण से जुड़े जानकारों का कहना है कि यदि मिट्टी खनन निर्धारित नियमों और स्वीकृतियों के अनुरूप न हो तो इससे भूमि कटान, जल संरक्षण व्यवस्था और कृषि भूमि पर असर पड़ सकता है। इसलिए नियमित निरीक्षण और निगरानी आवश्यक है।
संयुक्त जांच की मांग
ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी, खनन विभाग, परिवहन विभाग तथा पुलिस प्रशासन से संयुक्त जांच की मांग की है। उनका कहना है कि सभी विभागों द्वारा संयुक्त निरीक्षण किए जाने से वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
- कथित अवैध खनन की निष्पक्ष जांच।
- ओवरलोड वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान।
- दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम।
- वाहन दस्तावेजों, फिटनेस और परमिट की जांच।
- जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
- नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई।
प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी निगाहें
शहाबगंज क्षेत्र में खनन और भारी वाहनों को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अब लोगों की निगाहें प्रशासनिक जांच पर टिकी हैं। खनन विभाग ने जांच का आश्वासन दिया है और पुलिस ने ओवरलोडिंग के खिलाफ सख्ती की बात कही है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और संबंधित विभाग आगे क्या कदम उठाते हैं।
शहाबगंज क्षेत्र में सड़क सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और नियमों के पालन को लेकर उठ रही चिंताओं ने प्रशासन के सामने एक महत्वपूर्ण चुनौती खड़ी कर दी है। स्थानीय लोग चाहते हैं कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी हो तथा यदि कहीं अनियमितता पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। आने वाले दिनों में प्रशासन की कार्रवाई ही यह तय करेगी कि क्षेत्र की जनता की चिंताओं का समाधान किस हद तक हो पाता है।




