राजदरी-देवदरी वाटर पार्क का संचालक आकाश यादव चोर, जीएसटी की रशीद में गोल- माल कर रहा “मोर”
राजदरी-देवदरी वाटर पार्क को लेकर उठे सवाल: पार्किंग शुल्क, भूमि उपयोग और व्यवस्थाओं पर ग्रामीणों ने उठाई जांच की मांग

- राजदरी देवदरी वॉटर पार्क और उसके संचालक पर है सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का हाथ
- पर्यटन क्षेत्र में संचालित वाटर पार्क को लेकर स्थानीय लोगों में असंतोष, प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग
- राजदरी देवदरी वॉटर पार्क और उसके संचालक की गतिविधियां से आस पास के क्षेत्रो में कई भीषण दुर्घटना हुई
अचूक संघर्ष चकिया (चंदौली)। चंदौली जनपद के प्रसिद्ध राजदरी-देवदरी पर्यटन क्षेत्र के निकट संचालित एक निजी वाटर पार्क को लेकर स्थानीय ग्रामीणों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और कुछ जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न मुद्दों पर सवाल उठाए हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि पार्किंग शुल्क की व्यवस्था, भूमि उपयोग, यातायात प्रबंधन और पर्यटकों से संबंधित सुविधाओं को लेकर कई बिंदुओं पर स्पष्टता आवश्यक है। उन्होंने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराने की मांग की है।

क्या हैं शिकायतकर्ताओं के मुख्य आरोप?
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, पर्यटकों से पार्किंग शुल्क वसूले जाने की प्रक्रिया, शुल्क निर्धारण और उसके अधिकार को लेकर स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक नहीं है। उनका कहना है कि यदि किसी निजी संस्था को पार्किंग शुल्क लेने की अनुमति दी गई है, तो उससे संबंधित आदेश, अनुबंध अथवा स्वीकृति सार्वजनिक की जानी चाहिए।
ग्रामीणों का कहना है कि पर्यटन स्थल पर आने वाले लोगों को यह जानकारी भी दी जानी चाहिए कि पार्किंग शुल्क किस आधार पर निर्धारित किया गया है और उससे प्राप्त धनराशि का उपयोग किस उद्देश्य के लिए किया जाता है।
राजदरी देवदरी वॉटर पार्क और उसके संचालक पर भूमि उपयोग पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का एक प्रमुख प्रश्न उस भूमि के उपयोग को लेकर है जिस पर वाटर पार्क संचालित हो रहा है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि प्रशासन को स्पष्ट करना चाहिए कि संबंधित भूमि का स्वामित्व किस विभाग के पास है तथा यदि वह सरकारी भूमि है तो उसके उपयोग की अनुमति किस प्रक्रिया के तहत प्रदान की गई।
उन्होंने मांग की है कि राजस्व विभाग, सिंचाई विभाग और अन्य संबंधित विभाग संयुक्त रूप से अभिलेखों का परीक्षण कर स्थिति स्पष्ट करें, जिससे किसी प्रकार की भ्रांति समाप्त हो सके।
राजदरी देवदरी वॉटर पार्क नियमों के अनुरूप संचालन की जांच की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि यदि कोई व्यावसायिक गतिविधि संचालित की जा रही है, तो उसके लिए आवश्यक विभागीय स्वीकृतियां, पर्यावरणीय मानक, सुरक्षा प्रबंध और अन्य वैधानिक अनुमतियों की भी जांच होनी चाहिए।
उनका कहना है कि प्रशासन को यह भी देखना चाहिए कि पार्क में आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा, स्वच्छता और यातायात प्रबंधन के लिए निर्धारित मानकों का पालन हो रहा है या नहीं।
पर्यटकों की सुविधा भी बनी चिंता का विषय
कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि पर्यटन स्थल पर बढ़ती भीड़ के दौरान पार्किंग और यातायात व्यवस्था को और बेहतर बनाने की आवश्यकता है। उनका सुझाव है कि यदि प्रशासन उचित पार्किंग व्यवस्था, संकेतक बोर्ड और यातायात नियंत्रण की व्यवस्था करे तो पर्यटकों को अधिक सुविधा मिलेगी।
राजदरी देवदरी वॉटर पार्क और उसके संचालक पर प्रशासन से पारदर्शी जांच की मांग
ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी, सिंचाई विभाग, पर्यटन विभाग तथा राजस्व विभाग से पूरे मामले की संयुक्त जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि सभी अभिलेखों और अनुमतियों की सार्वजनिक रूप से जांच हो जाए तो स्थिति स्वतः स्पष्ट हो जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि जांच में कोई अनियमितता नहीं मिलती है तो इससे संचालकों पर लग रहे संदेह भी दूर हो जाएंगे, जबकि यदि कोई नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित कानूनों के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
प्रशासनिक मामलों के जानकारों का मानना है कि किसी भी पर्यटन परियोजना या निजी व्यावसायिक प्रतिष्ठान के संचालन में भूमि स्वामित्व, विभागीय अनुमति, पर्यावरणीय स्वीकृति और स्थानीय निकायों की अनुमति जैसे पहलुओं का स्पष्ट होना आवश्यक है। इससे भविष्य में विवाद की स्थिति उत्पन्न नहीं होती और जनता का विश्वास भी बना रहता है।
प्रबंधन का पक्ष भी महत्वपूर्ण
पत्रकारिता के सिद्धांतों के अनुसार, किसी भी शिकायत या आरोप पर संबंधित पक्ष का पक्ष जानना भी आवश्यक है। समाचार तैयार किए जाने तक वाटर पार्क प्रबंधन का आधिकारिक पक्ष उपलब्ध नहीं हो सका। यदि उनका पक्ष प्राप्त होता है, तो उसे भी समान प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना चाहिए ताकि पाठकों के सामने दोनों पक्षों की जानकारी उपलब्ध हो सके।
वाटर पार्क के जगह पर प्रशासन से उठी प्रमुख मांगें
पार्किंग शुल्क वसूली की वैधता और प्रक्रिया की जांच।
संबंधित भूमि के स्वामित्व एवं उपयोग का सत्यापन।
सभी विभागीय अनुमतियों और लाइसेंसों की जांच।
सुरक्षा, स्वच्छता और यातायात व्यवस्था का निरीक्षण।
यदि कोई अनियमितता मिले तो नियमानुसार कार्रवाई।
जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
जितनी भी टिकट कटे साथ में जीएसटी का भी पक्का बिल भी कटे जिससे सरकार को राजस्व मिले
राजदरी-देवदरी पर्यटन क्षेत्र जनपद चंदौली का महत्वपूर्ण पर्यटन केंद्र है। ऐसे में वहां संचालित किसी भी निजी या सार्वजनिक गतिविधि को लेकर उठने वाले प्रश्नों का समाधान पारदर्शी और निष्पक्ष जांच के माध्यम से होना जनहित में है।
वर्तमान में यह मामला स्थानीय लोगों द्वारा लगाए गए आरोपों और शिकायतों पर आधारित है। इन आरोपों की पुष्टि किसी सक्षम प्राधिकारी द्वारा नहीं की गई है। इसलिए वास्तविक स्थिति प्रशासनिक जांच, उपलब्ध अभिलेखों और संबंधित विभागों की रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।




