काशी में बारूद के अवैध कारोबार पर पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल का प्रहार,प्रशंशनीय है इनका किरदार
दो दिन में 135 क्विंटल से अधिक पटाखा सामग्री बरामद!

- रिहायशी मकानों से लेकर अवैध गोदामों तक पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी, त्योहारों से पहले जनसुरक्षा को लेकर वाराणसी पुलिस अलर्ट
- गोला दीनानाथ में 105 क्विंटल 96 किलो पटाखा निर्माण सामग्री बरामद, कैंट की कुंज विहार कॉलोनी में करीब 30 क्विंटल पटाखे मिले
- पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल के नेतृत्व में अवैध विस्फोटक सामग्री के खिलाफ कार्रवाई, कोतवाली और कैंट क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता चर्चा में
वाराणसी। काशी की गलियों में त्योहारों की रौनक बढ़ने के साथ ही अवैध पटाखों के भंडारण और कारोबार पर भी निगरानी जरूरी हो जाती है। पटाखों का कारोबार यदि सुरक्षा मानकों और कानूनी प्रावधानों को दरकिनार करके रिहायशी इलाकों में किया जाए, तो यह किसी बड़े हादसे की वजह बन सकता है। ऐसे में वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस ने अवैध पटाखों और विस्फोटक सामग्री के भंडारण के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है।
पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल के नेतृत्व में जनसुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए की गई कार्रवाई के तहत 16 और 17 अक्टूबर 2026 को वाराणसी के दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में छापेमारी की गई। इन कार्रवाइयों में एक ओर कैंट क्षेत्र की कुंज विहार कॉलोनी स्थित रिहायशी मकान से लगभग 30 क्विंटल पटाखे बरामद हुए, तो दूसरी ओर कोतवाली थाना क्षेत्र के गोला दीनानाथ स्थित दो मकानों से पटाखा निर्माण में इस्तेमाल होने वाली 10,596 किलोग्राम सामग्री बरामद की गई।
दोनों मामलों में कुल बरामदगी का वजन लगभग 135 क्विंटल 96 किलोग्राम बैठता है। यह आंकड़ा अपने आप में बताता है कि अवैध भंडारण के विरुद्ध निगरानी और कार्रवाई कितनी महत्वपूर्ण है।

गोला दीनानाथ में 105 क्विंटल से अधिक सामग्री बरामद
कोतवाली पुलिस की छापेमारी में खुला पटाखा निर्माण सामग्री के भंडारण का मामला
17 अक्टूबर 2026 को जारी पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर कोतवाली थाना क्षेत्र के गोला दीनानाथ स्थित मकान संख्या K-65/6-A और K-65/16 में छापेमारी की गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि यहां पटाखा निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री का अवैध रूप से भंडारण किया गया है।
प्रभारी निरीक्षक दया शंकर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने दोनों स्थानों पर तलाशी ली। इस दौरान कुल 10,596 किलोग्राम सामग्री बरामद की गई। पुलिस ने गोदाम स्वामी राजेश कुमार गुप्ता उर्फ राजू गुप्ता को गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि आगामी दशहरा और दीपावली के त्योहारों को ध्यान में रखते हुए सामग्री का भंडारण किया गया था। उसके कथन के मुताबिक, वह पटाखा निर्माण के लिए विभिन्न क्षेत्रों में सामग्री बेचता था और वर्ष 1996 से इस व्यवसाय में संलिप्त था। इन बयानों और आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के अधीन होगी।
इस मामले में कोतवाली थाने पर मुकदमा अपराध संख्या 251/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस विज्ञप्ति में विस्फोटक अधिनियम, 1884 की धारा 5/9B(1)(b) और भारतीय न्याय संहिता की धारा 288 का उल्लेख किया गया है। पुलिस के अनुसार, मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।

कैंट की कुंज विहार कॉलोनी में रिहायशी मकान से मिले करीब 30 क्विंटल पटाखे
लाइसेंस नहीं दिखा सका मौके पर मौजूद व्यक्ति, कैंट पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त कार्रवाई
16 अक्टूबर 2026 की रात करीब 10 बजे मिली सूचना के आधार पर कैंट पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने कुंज विहार कॉलोनी में छापेमारी की। पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, यहां एक रिहायशी मकान में अवैध रूप से लगभग 30 क्विंटल पटाखे रखे गए थे।
मौके पर मौजूद राहुल गुप्ता पुत्र श्यामसुंदर गुप्ता से पटाखों के भंडारण के संबंध में वैध लाइसेंस प्रस्तुत करने को कहा गया, लेकिन वह लाइसेंस नहीं दिखा सका। इसके बाद पुलिस टीम ने पटाखों को अपने कब्जे में लिया और संबंधित धाराओं में अभियोग पंजीकृत करने तथा अन्य वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की।
यह कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि रिहायशी मकानों में बड़ी मात्रा में पटाखों का भंडारण आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय बन सकता है। हालांकि, इस मामले में किसी दुर्घटना या नुकसान की सूचना प्रेस विज्ञप्ति में नहीं दी गई है।
आखिर कहां-कहां हुई कार्रवाई?
दो दिन, दो थाना क्षेत्र और भारी मात्रा में पटाखे व निर्माण सामग्री
वाराणसी पुलिस की ओर से जारी दोनों प्रेस विज्ञप्तियों के आधार पर कार्रवाई के प्रमुख स्थान इस प्रकार हैं:
1. गोला दीनानाथ, थाना कोतवाली
– मकान संख्या K-65/6-A और K-65/16 में छापेमारी।
– पटाखा निर्माण में प्रयुक्त कुल 10,596 किलोग्राम सामग्री बरामद।
– गोदाम स्वामी राजेश कुमार गुप्ता उर्फ राजू गुप्ता गिरफ्तार।
– मुकदमा अपराध संख्या 251/2026 दर्ज।
2. कुंज विहार कॉलोनी, थाना कैंट
– रिहायशी मकान में छापेमारी।
– लगभग 30 क्विंटल पटाखे बरामद।
– मौके पर मौजूद राहुल गुप्ता लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सका।
– पटाखे कब्जे में लेकर वैधानिक कार्रवाई शुरू की गई।
महत्वपूर्ण तथ्य: उपलब्ध दोनों प्रेस विज्ञप्तियों में इन्हीं दो स्थानों की कार्रवाई का विवरण दिया गया है। इसलिए इन्हें वाराणसी में पटाखों के खिलाफ हुई सभी कार्रवाइयों की संपूर्ण सूची नहीं माना जाना चाहिए।
गोला दीनानाथ में क्या-क्या मिला ? चारकोल से लेकर एल्युमिनियम पाउडर और डेटोनेटर-पलीते तक बरामदगी
कोतवाली पुलिस की कार्रवाई में पटाखा निर्माण में प्रयुक्त कई प्रकार की सामग्री बरामद होने की जानकारी दी गई है। पुलिस की सूची के अनुसार इनमें चारकोल पाउडर, चमकीला पाउडर, एल्युमिनियम बुरादा, बोरेक्स पाउडर, साल्ट पीटर, सेलखड़ी, अम्लसार, मैंग्नीशियम पाउडर, लाल और सफेद सुरमा, एल्युमिनियम पाउडर तथा डेटोनेटर/पलीते शामिल हैं।
बरामदगी की सूची में प्रमुख सामग्री का विवरण इस प्रकार है:
* चारकोल पाउडर: कुल 2,275 किलोग्राम।
* चमकीला पाउडर: 350 किलोग्राम।
* एल्युमिनियम बुरादा: 245 किलोग्राम।
* बोरेक्स पाउडर: 550 किलोग्राम।
* साल्ट पीटर: विभिन्न श्रेणियों में कुल 4,050 किलोग्राम।
* सेलखड़ी रोल: 850 किलोग्राम।
* अम्लसार: 300 किलोग्राम।
* मैंग्नीशियम पाउडर: 550 किलोग्राम।
* लाल और सफेद सुरमा: कुल 100 किलोग्राम।
* एल्युमिनियम पाउडर: विभिन्न पैकिंग में कुल 705 किलोग्राम।
* डेटोनेटर/पलीते: पुलिस सूची में कुल वजन 171 किलोग्राम दर्ज।
इसके अतिरिक्त सेलखड़ी पाउडर भी 450 किलोग्राम बरामद होने का उल्लेख है।
इन सभी सामग्रियों को मिलाकर पुलिस ने कुल वजन 10,596 किलोग्राम बताया है। यह ध्यान देने योग्य है कि अलग-अलग सामग्री के वजन और कुल वजन की स्वतंत्र पुष्टि के लिए आधिकारिक जब्ती सूची तथा जांच रिपोर्ट महत्वपूर्ण होंगी।
पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल की रणनीति में जनसुरक्षा सर्वोपरि, त्योहारों पर भीड़, बाजार और रिहायशी इलाकों की सुरक्षा बड़ी चुनौती
वाराणसी जैसे घनी आबादी वाले शहर में त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था संभालना पुलिस के लिए बड़ी जिम्मेदारी है। संकरी गलियां, व्यस्त बाजार, पुराने मकान और एक-दूसरे से सटे आवासीय परिसर किसी भी आग या विस्फोट की स्थिति में जोखिम बढ़ा सकते हैं।
ऐसे में अवैध पटाखा भंडारण के खिलाफ कार्रवाई केवल कानून लागू करने तक सीमित नहीं है। इसका सीधा संबंध उन परिवारों की सुरक्षा से भी है, जो ऐसे स्थानों के आसपास रहते हैं।
पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल के नेतृत्व में कमिश्नरेट पुलिस की इन कार्रवाइयों को इसी व्यापक जनसुरक्षा के दृष्टिकोण से देखा जा सकता है। कोतवाली क्षेत्र में स्थानीय पुलिस की कार्रवाई और कैंट क्षेत्र में पुलिस तथा क्राइम ब्रांच की संयुक्त छापेमारी यह दर्शाती है कि सूचना मिलने पर अलग-अलग टीमों के माध्यम से कार्रवाई की गई।
हालांकि, किसी अभियान की वास्तविक सफलता केवल बरामदगी के आंकड़ों से नहीं मापी जानी चाहिए। यह भी देखना जरूरी है कि ऐसे भंडारण पर दोबारा रोक कैसे लगेगी, लाइसेंस और सुरक्षा नियमों का पालन कितना सुनिश्चित होगा तथा संवेदनशील बाजारों और रिहायशी इलाकों में नियमित निरीक्षण की व्यवस्था कितनी प्रभावी रहेगी।
पुलिस की कार्रवाई के साथ प्रशासनिक निगरानी भी जरूरी, अवैध भंडारण रोकने के लिए लाइसेंस, सुरक्षा मानक और सप्लाई चेन की जांच अहम
पटाखों का निर्माण, बिक्री और भंडारण नियमानुसार किया जाना चाहिए। ऐसे मामलों में केवल मौके पर मौजूद सामग्री जब्त करना ही पर्याप्त नहीं होता। यह पता लगाना भी आवश्यक है कि सामग्री कहां से आई, किसे बेची जानी थी और संबंधित स्थान पर भंडारण की अनुमति थी या नहीं।
इस दिशा में कुछ महत्वपूर्ण कदम उपयोगी हो सकते हैं:
- रिहायशी इलाकों का निरीक्षण: घनी आबादी वाले क्षेत्रों में विस्फोटक सामग्री के भंडारण की शिकायतों पर तत्काल जांच की जाए।
- लाइसेंस की जांच: पटाखों के कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों के लाइसेंस और निर्धारित सुरक्षा मानकों का सत्यापन किया जाए।
- सप्लाई चेन की पड़ताल: अवैध सामग्री के स्रोत, आपूर्तिकर्ताओं और संभावित खरीदारों की जांच की जाए।
- स्थानीय पुलिस की जवाबदेही: संवेदनशील बाजारों में नियमित निगरानी और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
- जनजागरूकता: नागरिकों को संदिग्ध भंडारण की सूचना पुलिस तक पहुंचाने और खतरनाक सामग्री से दूरी बनाए रखने के लिए जागरूक किया जाए।
इन उपायों से पुलिस की कार्रवाई को स्थायी परिणामों में बदलने में मदद मिल सकती है।




