मोहित अग्रवाल ने त्यौहारी सीजन में कोई नई परम्परा पर कसा शिकंजा,नही मानने वालों पर चलाएंगे अपना पंजा
त्योहारो पर वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट का प्लान -स्लग

- त्योहारों से पहले कमिश्नरेट की सख्ती, नई परंपरा पर पूर्ण विराम
- 60 दिन में विवेचना निस्तारण अनिवार्य, लापरवाही पर एसीपी से जवाब-तलब
- मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में ड्रोन-सीसीटीवी से चौकसी, शांति समिति संग संवाद
- लाउडस्पीकर और डीजे पर कड़ा नियंत्रण, रात 10 बजे बाद पूर्ण प्रतिबंध
- महिला प्रकरण में तत्काल एफआईआर, गुमशुदगी में तकनीकी ट्रेसिंग अनिवार्य
- सार्वजनिक मार्गों पर नमाज नहीं, परंपरागत स्थलों तक सीमित रहेंगे जुलूस
- रांग साइड पर धारा 281 बीएनएस में मुकदमा, अतिक्रमण पर तत्काल कार्रवाई
- नाव बिना लाइफ जैकेट नहीं, सीसीटीवी अभियान से बाजार-हॉस्टल पर निगरानी

वाराणसी। आगामी होली और रमजान के मद्देनजर कमिश्नरेट पुलिस ने कानून-व्यवस्था को लेकर कमर कस ली है। मोहित अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में साफ कर दिया गया कि इस बार किसी भी कीमत पर नई परंपरा की अनुमति नहीं दी जाएगी। जो स्थल पूर्व से चिह्नित हैं, उन्हीं स्थानों पर होलिका दहन, होली जुलूस, हांडी फोड़ और रमजान से जुड़े आयोजन होंगे। सार्वजनिक मार्गों पर नमाज की अनुमति नहीं होगी, धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर शासन के निर्देशों के अनुरूप ही लगाए जाएंगे और ध्वनि मानकों का उल्लंघन करने वालों पर मुकदमा दर्ज होगा।
बैठक में केवल त्योहारों की तैयारियों की समीक्षा ही नहीं हुई, बल्कि लंबित विवेचनाओं, साइबर अपराध, महिला सुरक्षा, गुमशुदगी प्रकरण, यातायात अराजकता और अतिक्रमण जैसे मुद्दों पर भी कड़ा रुख अपनाया गया। दो टूक शब्दों में कहा गया कि कोई भी विवेचना 60 दिन से अधिक लंबित नहीं रहेगी। यदि ऐसा होता है तो संबंधित एसीपी की अनुमति अनिवार्य होगी, अन्यथा जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई तय है। मिश्रित आबादी वाले इलाकों में दिन-रात गश्त, ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी, जुलूसों के साथ पर्याप्त पुलिस बल, संभावित विवादित तत्वों की पूर्व पहचान और शांति समिति के साथ संवाद ये सभी निर्देश स्पष्ट रूप से दिए गए। पुलिस कमिश्नर ने चेतावनी दी कि त्योहार शांति और सौहार्द से ही मनाए जाएं, कोई भी असामाजिक तत्व माहौल बिगाड़ने की कोशिश करेगा तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि डीजे संचालक ध्वनि मानकों और समय सीमा का कड़ाई से पालन करें। रात 10 बजे के बाद ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। बारात में सड़क का दो-तिहाई हिस्सा यातायात के लिए और एक-तिहाई हिस्सा बारात के लिए निर्धारित रहेगा। उल्लंघन पर वीडियोग्राफी कर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। तकनीकी निगरानी को भी प्राथमिकता दी गई है। यक्ष एप, साक्ष्य एप, गांडीव पोर्टल और ई-सम्मन प्रणाली के माध्यम से डिजिटल मॉनिटरिंग को अनिवार्य किया गया है। सीन ऑफ क्राइम की तत्काल वीडियोग्राफी, जब्ती सामग्री का डिजिटल अपलोड, साइबर प्रकरणों में त्वरित जांच, और महिला संबंधित मामलों में तुरंत एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। कमिश्नरेट पुलिस ने यह संकेत दिया है कि त्योहारों की आड़ में कानून से खिलवाड़ अब बर्दाश्त नहीं होगा। प्रशासनिक सख्ती और तकनीकी निगरानी के सहारे इस बार त्योहारों को अनुशासित, नियंत्रित और शांतिपूर्ण बनाने की तैयारी है।

त्योहारों पर नई परंपरा पर पूर्ण रोक
कमिश्नरेट सभागार में आयोजित बैठक में सभी जोनल डीसीपी, एसीपी, थाना प्रभारी और चौकी प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि होली, रमजान और अन्य आयोजनों को केवल परंपरागत स्थलों तक सीमित रखा जाए। किसी भी प्रकार के नए मार्ग, नई शोभायात्रा या नए आयोजन स्थल की अनुमति नहीं दी जाएगी।
प्रशासन का मानना है कि नई परंपराएं अक्सर विवाद का कारण बनती हैं। इसलिए इस बार स्टेटस-क्वो की नीति अपनाई गई है। जिन स्थानों पर वर्षों से हांडी फोड़ या होलिका दहन होता आया है, वही मान्य होंगे।
मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता
मिश्रित आबादी वाले इलाकों को संवेदनशील मानते हुए वहां अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी से निगरानी होगी। पुलिसकर्मी पैदल और वाहन से लगातार भ्रमण करेंगे। क्षेत्र के संभ्रांत नागरिकों, धर्मगुरुओं और शांति समिति के सदस्यों के साथ समन्वय बैठक कर संभावित विवादों को पहले ही सुलझाने की रणनीति अपनाई गई है।
लाउडस्पीकर और डीजे पर सख्ती
धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर शासन की मंशा के अनुरूप ही लगाए जाएंगे। ध्वनि प्रदूषण नियमों का उल्लंघन करने वाले डीजे संचालकों के विरुद्ध अभियोग दर्ज होगा। रात 10 बजे के बाद ध्वनि विस्तारक यंत्र पूर्णतः प्रतिबंधित रहेंगे।
विवेचनाओं पर कड़ा रुख
बैठक का एक महत्वपूर्ण बिंदु लंबित विवेचनाओं की समीक्षा रहा। स्पष्ट निर्देश है कि कोई भी विवेचना 60 दिन से अधिक लंबित न रहे। यदि विशेष परिस्थितियों में लंबित रखना हो तो अपर पुलिस आयुक्त अपराध की अनुमति आवश्यक होगी। सीन ऑफ क्राइम की तत्काल वीडियोग्राफी, साक्ष्य संरक्षण और डिजिटल अपलोड अनिवार्य किया गया है। सर्च एवं सीज की कार्रवाई विधिसम्मत ढंग से कर साक्ष्य एप में अपलोड की जाएगी।
महिला सुरक्षा और गुमशुदगी प्रकरण
महिला संबंधी किसी भी शिकायत पर तत्काल गुमशुदगी या एफआईआर दर्ज की जाएगी। शिकायत लेने में देरी या टालमटोल पर विभागीय कार्रवाई होगी। हर गुमशुदा प्रकरण में एक उपनिरीक्षक नामित कर व्यक्तिगत निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। गांडीव पोर्टल पर विवरण मिलान, बैंक खाते, सीसीटीवी, आईएमईआई और सोशल मीडिया विश्लेषण के जरिए त्वरित ट्रेसिंग की जाएगी।
साइबर अपराध पर फोकस
हर थाने पर साइबर प्रभारी को न्यूनतम पांच प्रकरण दिए जाएंगे। त्वरित जांच और गुणवत्ता पूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश हैं।
यातायात और अतिक्रमण पर अभियान
विक्रेताओं को निर्धारित वेंडिंग जोन में ही दुकान लगाने का निर्देश है। हटाए गए अतिक्रमण स्थल पर दोबारा कब्जा मिलने पर तत्काल कार्रवाई होगी। ऑटो और ई-रिक्शा चालकों के लिए बारकोड प्रणाली अनिवार्य है। रांग साइड चलने वालों पर धारा 281 बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज होगा। बिना नंबर प्लेट के वाहनों पर नियमित कार्रवाई की जाएगी। बारात के दौरान सड़क का दो-तिहाई हिस्सा यातायात के लिए सुरक्षित रखना होगा। उल्लंघन पर मुकदमा दर्ज होगा।
जल पुलिस और नाव संचालन
कोई भी नाव बिना लाइफ जैकेट संचालित नहीं होगी। उल्लंघन पर नाव जब्त कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जल पुलिस और संबंधित चौकी प्रभारी संयुक्त चेकिंग अभियान चलाएंगे। हॉस्टल, कोचिंग, वित्तीय संस्थान, स्कूल और सर्राफा दुकानों पर सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाए जाएंगे। समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
* नई परंपरा और नया मार्ग पूरी तरह प्रतिबंधित
* सार्वजनिक मार्गों पर नमाज की अनुमति नहीं
* लाउडस्पीकर व डीजे पर रात 10 बजे के बाद पूर्ण प्रतिबंध
* 60 दिन में विवेचना निस्तारण अनिवार्य
* महिला शिकायत पर तत्काल एफआईआर
* गुमशुदगी प्रकरण में तकनीकी जांच अनिवार्य
* रांग साइड पर धारा 281 बीएनएस में मुकदमा
* नाव संचालन में लाइफ जैकेट अनिवार्य
* सीसीटीवी और ड्रोन से सतत निगरानी
* साइबर प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग



